मणिपुर: ताज़ा हिंसा के बीच मेईतेई संगठनों ने भाजपा के बहिष्कार की घोषणा की

मणिपुर में बढ़ती हिंसा के बीच कोकोमी ने भाजपा के बहिष्कार का ऐलान किया है और मुख्यमंत्री से जवाब मांगा है. वहीं, नगा संगठन ने दो लोगों की हत्या के विरोध में तीन दिन के बंद की घोषणा की है. हालिया घटनाओं में कई लोगों की मौत और कई दर्जन लोगों के घायल होने की खबर है.

रविवार, 19 अप्रैल 2026 को मणिपुर के इंफाल पूर्वी ज़िले में महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर कोइरेंगेई इलाके से 'मीरा रैली' निकाली. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: मणिपुर में हालिया हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के बीच, इंफाल स्थित मेईतेई नागरिक समाज संगठनों के एक समूह ने ‘कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर’ (कोकोमी) के बैनर तले रविवार (19 अप्रैल) को राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बहिष्कार का ऐलान किया.

कोकोमी ने जनता से भाजपा या उसके नेताओं की किसी भी गतिविधि में हिस्सा न लेने की अपील की है. साथ ही, संगठन ने मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि उनकी सरकार नागरिकों पर हो रहे हमलों को रोकने में असमर्थ क्यों रही है.

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कोकोमी के वरिष्ठ सदस्य शांता नहाकपाम ने कहा, ‘यह एक मनमानी सरकार है, क्योंकि उनका (सिंह का) राज्य के किसी भी समुदाय के नागरिक समाज संगठन से कोई जुड़ाव नहीं है. वह जहां भी जाते हैं, ऐसा लगता है कि वह बहुत ही निजी मामला है. वे ‘नार्को-आतंकवादियों’ और उग्रवादियों के खुलेआम घूमने और निर्दोष लोगों की हत्या करने के मुख्य मुद्दे को भूल गए हैं.’

नहाकपाम ने आगे कहा कि कोकोमी और राज्य के लोगों की राय में भाजपा के सभी लोग इस बात के लिए जिम्मेदार हैं कि वे केंद्र सरकार से उस मुद्दे पर कोई ठोस जवाब हासिल करने में नाकाम रहे, जिसे उन्होंने मूल निवासियों के खिलाफ ‘छद्म युद्ध’ करार दिया.

उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री, वर्तमान सरकार और पिछली सरकार – किसी ने भी इस ‘छद्म युद्ध’ पर कोई जवाब नहीं दिया है. इसलिए कोकोमी और मणिपुर के लोग राज्य में भाजपा की किसी भी गतिविधि का बहिष्कार करने की घोषणा करते हैं. हम सभी से अपील करते हैं कि वे भाजपा या उसके किसी भी निर्वाचित प्रतिनिधि और नेता की गतिविधियों में भाग न लें.’

नगा संगठन ने तीन दिन बंद की घोषणा की

इस बीच, मणिपुर के प्रमुख नगा संगठन यूनाइटेड नगा काउंसिल (यूएनसी) ने दो नगा व्यक्तियों की हत्या पर शोक व्यक्त करने और ‘सामूहिक विरोध’ के रूप में 20 अप्रैल की आधी रात से 23 अप्रैल की आधी रात तक नगा क्षेत्रों में तीन दिन के बंद का ऐलान किया है.

मणिपुर में ताज़ा विरोध प्रदर्शन 7 अप्रैल को बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी गांव में दो बच्चों की हत्या और उनकी मां के गंभीर रूप से घायल होने के बाद भड़क उठे. यह घटना कथित तौर पर कुकी उग्रवादियों द्वारा दागे गए एक प्रोजेक्टाइल के घर पर गिरने से हुई.

इसके बाद लोग सड़कों पर उतर आए. खबरों के अनुसार, 8 अप्रैल को तीन प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और कम से कम 30 लोग घायल हुए. 14 अप्रैल को बिष्णुपुर में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 18 और लोग घायल हुए.

शनिवार को इंफाल पश्चिम में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने धुआं बम और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसमें पांच लोग घायल हो गए. 18 अप्रैल को उखरूल में गोलीबारी में दो और नागरिकों की मौत हो गई.