नई दिल्ली: चंडीगढ़ और दिल्ली पुलिस की टीमें सोमवार को लेखिका मधु पूर्णिमा किश्वर के दफ़्तर पहुंचीं, यह घटना उनके ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर जाली और गुमराह करने वाला कंटेंट फैलाने के आरोपों में केस दर्ज होने के एक दिन बाद हुई.
बताया जा रहा है कि सोमवार (20 अप्रैल) को शहर के एक निवासी की शिकायत के आधार पर किश्वर और कुछ अन्य सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई.
यह मामला भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है, जिनमें धारा 196 (धर्म, जाति या भाषा के आधार पर समूहों के बीच दुश्मनी, घृणा या वैमनस्य को बढ़ावा देने वाले कृत्य), 336(1) (जालसाजी) और 356 (आपराधिक मानहानि) शामिल हैं. इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66C, 66D और 67 भी लगाई गई हैं.
किश्वर ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि सोमवार देर रात चंडीगढ़ पुलिस की एक टीम उनके कार्यालय पहुंची थी.
BREAKING NEWS : Our security guard just informed me that five police personnel, including two women police, have landed at my office.
Since I was recording a video, I told them to wait a while.
But coming at this late hour does not bode well.@MNageswarRaoIPS @shilpitewari…— Madhu Purnima Kishwar (@madhukishwar) April 20, 2026
उन्होंने कहा, ‘हमारे सुरक्षा गार्ड ने बताया कि पांच पुलिसकर्मी, जिनमें दो महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, मेरे कार्यालय पहुंचे हैं. चूंकि मैं उस समय एक वीडियो रिकॉर्ड कर रही थी, मैंने उनसे थोड़ी देर इंतजार करने को कहा. लेकिन इतनी रात को आना अच्छा संकेत नहीं है.’
उन्होंने आगे लिखा, ‘कानून के अनुसार, अंधेरा होने के बाद और सूर्योदय से पहले पुलिस महिलाओं के पास जाकर गिरफ्तारी नहीं कर सकती. मैंने फोन पर टीम की प्रभारी अधिकारी से बात की. उन्होंने बताया कि वे चंडीगढ़ में मेरे खिलाफ दर्ज एफआईआर के संबंध में नोटिस देने आई हैं. मैंने उनसे कानून का पालन करने और सुबह आने को कहा. दोनों पक्षों ने पूरी शिष्टता बनाए रखी.’
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अभी तक एफआईआर की प्रति नहीं मिली है. किश्वर ने यह भी बताया कि मंगलवार दोपहर दिल्ली पुलिस की एक अन्य टीम ‘मानुषी’ के दिल्ली कार्यालय पहुंची. ‘मानुषी’ एक पत्रिका है जिसे उन्होंने ने शुरू किया था.
उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘देखते हैं, वे मेरे लिए और क्या नया लेकर आए हैं!’
शिकायत क्या है?
किश्वर, जो अक्सर विवादास्पद और नफरती पोस्ट करने के लिए जानी जाती हैं, नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले उनकी कट्टर समर्थक रही हैं. उन्होंने ‘मोदी, मुस्लिम्स एंड मीडिया: वॉयसेज़ फ्रॉम नरेंद्र मोदीज़ गुजरात’ शीर्षक से उनकी प्रशंसा में एक पुस्तक भी लिखी है.
हालांकि, हाल के समय में वे नरेंद्र मोदी की आलोचक बन गई हैं. बीते मार्च में उन्होंने मोदी सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार और सेक्सुअल फेवर से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए, यह दावा करते हुए कि उनके पास अंदरूनी जानकारी है. इन दावों की सच्चाई की जांचकर्ताओं द्वारा पुष्टि नहीं की जा सकी.
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस का कहना है कि शिकायत यह थी कि कुछ फ़र्ज़ी और गुमराह करने वाली सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो क्लिप, जिनमें अश्लील बातें और सामग्री थी, अलग-अलग सोशल मीडिया यूज़र्स द्वारा फैलाई जा रही थीं; इन वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान गलत बताई जा रही थी.
शिकायतकर्ता ने कहा कि यह ‘जानबूझकर किया गया एक काम था, जिसमें अश्लील शब्दों और वाक्यों का इस्तेमाल करके झूठे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाए गए, यह जानते हुए और यह मानने का पूरा कारण होते हुए भी कि ये पोस्ट गुमराह करने वाली और झूठी हैं, और इनका मकसद नुकसान या चोट पहुंचाना था.’
वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कथित तौर पर एक ट्रैवल व्लॉगर है, जिसकी पत्नी नियमित रूप से सोशल मीडिया पर उनकी गतिविधियों के बारे में अपडेट पोस्ट करती है. असली वीडियो उसके सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर किया गया था. अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया कि इस बात की पुष्टि उस महिला ने खुद की है.
शिकायतकर्ता ने आगे कहा, ‘यह वीडियो किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और सार्वजनिक शांति और व्यवस्था को बिगाड़ने के इरादे से फैलाया गया है; इसकी जांच होनी चाहिए और उचित कार्रवाई की जानी चाहिए.’
पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच के दौरान उसके पति और वीडियो में दिख रही एक अन्य महिला के बयान भी दर्ज किए गए हैं.
नोटिस मिला, लेकिन एफआईआर की प्रति नहीं
इससे पहले किश्वर ने दिल्ली में उन्हें दिए गए नोटिस की एक प्रति साझा की, जिसमें उन्हें जांच में शामिल होने के लिए कहा गया है.
My Response to the Notice regarding an FIR registered against me in Chandigarh
The Investigating Officer,
PS-26 ChandigarhDear Sir/Madam,
This is in response to the Notice U/S 94 B.N.S.Inspectors Sarita Roy and Eram Rizvi hand-delivered S and U/S 35(3) BNSS to me this morning… pic.twitter.com/kREdyDYdGK
— Madhu Purnima Kishwar (@madhukishwar) April 21, 2026
उन्होंने लिखा, ‘यह नोटिस धारा 94, बीएनएस के तहत है. इंस्पेक्टर सरिता रॉय और एराम रिज़वी ने इसे आज सुबह करीब 11:30 बजे मुझे हाथों-हाथ दिया. इस नोटिस के अनुसार, मुझे 22 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे चंडीगढ़ में आपके समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा गया है.’
