भाजपा विधायक द्वारा पुलिस अधिकारी को धमकाने पर मध्य प्रदेश आईपीएस अधिकारी संघ ने आपत्ति जताई

पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी एक वीडियो में पुलिस अधिकारी को धमकी दी थी, क्योंकि उन अधिकारी ने उनके बेटे के ख़िलाफ़ जांच शुरू की थी. आरोप है कि उनके बेटे ने बीते सप्ताह अपनी कार से पांच लोगों को टक्कर मार दी थी. आईपीएस संघ ने उनकी धमकी को लोकतांत्रिक मूल्यों के ख़िलाफ़ बताते हुए कहा कि इस तरह का आचरण प्रशासनिक तंत्र और अधिकारियों के मनोबल को प्रभावित करता है.

प्रतीकात्मक तस्वीर. एमपी पुलिस लोगो. (फोटो साभार: सोशल मीडिया)

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश आईपीएस ऑफिसर्स एसोसिएशन (एमपीआईओए) ने पिछोर से भारतीय जनता पार्टी के विधायक प्रीतम लोधी द्वारा की गई टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई है.

लोधी हाल ही में एक वीडियो में पुलिस अधिकारी को धमकी देते हुए नजर आए थे, क्योंकि उस अधिकारी ने उनके बेटे के खिलाफ जांच शुरू की थी. आरोप है कि उनके बेटे ने पिछले सप्ताह अपनी कार से पांच लोगों को टक्कर मार दी थी.

एमपीआईओए का बयान उस समय आया, जब एक और कथित वीडियो सामने आया, जिसमें लोधी करेरा के उप पुलिस अधीक्षक (एसडीओपी) आयुष जाखड़ के घर को गोबर से भर देने की धमकी दी थी.

वीडियो में लोधी कथित रूप से यह धमकी देते नजर आ रहे हैं कि यदि एसडीओपी जाखड़ 15 दिनों के भीतर यह नहीं बताते कि वे उनके बेटे के खिलाफ किसके निर्देश पर कार्रवाई कर रहे हैं, तो वे 10,000 से अधिक समर्थकों को जुटाकर अधिकारी के घर का घेराव करेंगे और ‘उसे गोबर से भर देंगे.’

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए किए गए फोन कॉल्स का विधायक ने जवाब नहीं दिया.

एमपीआईओए ने अपने बयान में कहा, ‘पिछोर विधायक प्रीतम सिंह लोधी द्वारा की गई टिप्पणियां न केवल एक पुलिस अधिकारी के प्रति अनुचित हैं, बल्कि सार्वजनिक जीवन की गरिमा के भी विपरीत हैं.’

लोधी के बेटे दिनेश ने 16 अप्रैल को कथित रूप से अपनी थार गाड़ी से पांच लोगों- जिनमें सड़क किनारे चल रही दो महिलाएं और मोटरसाइकिल पर सवार तीन मजदूर शामिल थे, को टक्कर मार दी थी. घटनास्थल का एक वीडियो सामने आया, जिसमें दिनेश उन लोगों से बहस करते हुए दिख रहा है, जिन्हें उसने टक्कर मारी थी और उनसे पूछ रहा है कि हॉर्न देने के बाद भी वे रास्ते से क्यों नहीं हटे.

एक अन्य वीडियो में लोधी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, ‘मैं करेरा के एसडीओपी की बात बिल्कुल बर्दाश्त नहीं कर सकता. उन्होंने मेरे बेटे को यहां फिर कभी न दिखने की चेतावनी दी. मैं एसडीओपी से पूछना चाहता हूं – क्या करेरा तुम्हारे बाप का है? आमतौर पर मैं ऐसा नहीं कहता, लेकिन अब साफ कर देना चाहता हूं… मेरा बेटा करेरा वापस आएगा और चुनाव लड़ेगा. अगर तुम्हारे बाप में दम है, तो उसे रोककर दिखाए.’

एमपीआईओए ने अपने बयान में कहा कि मीडिया में प्रसारित वीडियो में जाखड़ के खिलाफ इस्तेमाल की गई अश्लील, अभद्र और धमकी भरी भाषा बेहद निंदनीय है. इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि इस तरह का आचरण प्रशासनिक तंत्र और अधिकारियों के मनोबल को प्रभावित करता है.

समिति के अध्यक्ष चंचल शेखर ने कहा, ‘जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने व्यवहार और भाषा में संयम और मर्यादा बनाए रखें. इस प्रकार की धमकी भरी भाषा किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं हो सकती.’