ईरान पर अमेरिका-इज़रायल हमलों का 55वां दिन: संघर्षविराम के बीच तनाव बरकरार, हमले जारी और कूटनीति ठहरी

ईरान पर हमलों के 55वें दिन संघर्षविराम के बावजूद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. अमेरिका ने इसे अनिश्चित समय तक बढ़ाया है, लेकिन बातचीत ठप है. होर्मुज़ में जहाज़ पर हमले, गाज़ा में नागरिकों की मौत, लेबनान में पत्रकार की हत्या और समुद्री घेराबंदी ने संकट को और जटिल बना दिया है.

ईरान की राजधानी तेहरान के दक्षिणी हिस्से में 21 अप्रैल, 2026 को एक व्यक्ति मोटरसाइकिल चलाते हुए, जिस पर ईरान का राष्ट्रीय ध्वज लगा हुआ है. (फोटो: एपी/वहीद सालेमी)

नई दिल्ली: ईरान पर अमेरिका और इज़रायल के हमलों के 55वें दिन भी हालात स्थिर नहीं हो पाए हैं. संघर्षविराम को आगे बढ़ाने की बात हो रही है, लेकिन जमीन पर घटनाक्रम लगातार तनाव बढ़ाने वाले हैं. बातचीत की कोशिशें अटकी हुई हैं और क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां जारी हैं.

संघर्षविराम बढ़ा, लेकिन बातचीत अधर में

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ने ईरान के साथ संघर्षविराम को अनिश्चित समय के लिए बढ़ा दिया है. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब शांति वार्ता की अगली प्रक्रिया फिलहाल ठप पड़ी है.

पाकिस्तान में बातचीत का दूसरा दौर प्रस्तावित था, लेकिन अमेरिका ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की इस्लामाबाद यात्रा स्थगित कर दी. इससे यह संकेत मिलता है कि बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिशों में फिलहाल ठहराव आ गया है.

ईरान ने संघर्षविराम बढ़ाए जाने को स्वीकार तो किया है, लेकिन उसने यह साफ नहीं किया है कि वह नई वार्ता में शामिल होगा या नहीं.

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ में तनाव, तीसरे जहाज़ पर हमला

इस बीच, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़ी खबरों में दावा किया गया है कि उसने बुधवार (22 अप्रैल, 2026) को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ (समुद्री मार्ग) में एक और जहाज़ को निशाना बनाया.

‘यूफोरिया’ नाम के इस जहाज़ के बारे में कहा गया है कि वह ईरानी तट के पास फंस गया है. इससे पहले जिन दो जहाज़ों पर कार्रवाई हुई थी, उन्हें ईरान ने अपने कब्जे में ले लिया था.
इन घटनाओं ने क्षेत्र में पहले से जारी तनाव को और बढ़ा दिया है और युद्ध खत्म करने की कोशिशों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

गाज़ा में हमले जारी, बच्चों समेत कई लोगों की मौत

गाज़ा पट्टी में इज़रायली हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. उत्तरी गाज़ा के बेत लाहिया इलाके में बुधवार रात हुए एक ड्रोन हमले में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं. शवों को शिफा अस्पताल लाया गया.

स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, लोग सड़क पर मौजूद थे जब उन्हें निशाना बनाया गया. इज़रायली सेना की ओर से इस घटना पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई.

गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले छह महीनों में संघर्षविराम लागू होने के बावजूद 780 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

अमेरिकी घेराबंदी का असर, दर्जनों जहाज़ रोके गए

अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने बताया है कि पश्चिम एशिया में तैनात उसकी सेनाओं ने ईरान के खिलाफ जारी घेराबंदी के तहत 31 जहाज़ों को रास्ते से लौटने या बंदरगाह पर वापस जाने के निर्देश दिए हैं.

ईरान पहले ही इस घेराबंदी को संघर्षविराम का उल्लंघन और ‘युद्ध जैसी कार्रवाई’ बता चुका है.

‘कितने दिन चलेगा संघर्षविराम?’ – कोई तय सीमा नहीं

व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि संघर्षविराम कब तक चलेगा, इसका कोई तय समय नहीं है.

प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट के मुताबिक, यह फैसला पूरी तरह राष्ट्रपति के विवेक पर निर्भर करेगा कि कब तक इंतजार करना है और आगे क्या कदम उठाने हैं.

लेबनान में पत्रकार की मौत

दक्षिणी लेबनान में इज़रायली हवाई हमले में एक पत्रकार की मौत हो गई है. स्थानीय अखबार ‘अल-अखबार’ ने पुष्टि की है कि उसकी रिपोर्टर अमल खलील इस हमले में मारी गईं. उनका शव मलबे से कई घंटे बाद निकाला गया.

खलील अक्टूबर 2023 से इज़रायल-हिज़्बुल्लाह संघर्ष को कवर कर रही थीं और दक्षिणी लेबनान के अलग-अलग इलाकों से रिपोर्टिंग कर रही थीं.

इससे पहले ‘रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की थी कि इज़रायली सेना पर दबाव बनाया जाए ताकि खलील को बचाया जा सके.

कुल मिलाकर 55वें दिन की स्थिति यह दिखाती है कि संघर्षविराम के बावजूद जमीनी हालात में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है. एक ओर बातचीत की संभावनाएं टली हुई हैं, तो दूसरी ओर समुद्री क्षेत्र में तनाव, गाज़ा और लेबनान में हमले और राजनीतिक अनिश्चितता, ये सभी इस संकट को और जटिल बना रहे हैं.