बिहार: स्कूली कार्यक्रमों की शुरुआत में वंदे मातरम, समापन पर राज्य गीत गाना अनिवार्य किया गया

बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि सभी शैक्षणिक संस्थानों के कार्यक्रमों की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम के गायन के साथ होगी और इसके बाद राष्ट्रगान गाया जाएगा. कार्यक्रम का समापन बिहार राज्य गीत- मेरे भारत के कंठहार गाकर किया जाएगा.

(फोटो साभार: पीआईबी)

नई दिल्ली: बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने सभी सरकारी शिक्षण संस्थानों के लिए राष्ट्र गीत वंदे मातरम को अनिवार्य कर दिया है. साथ ही किसी भी कार्यक्रम के समापन पर अब राज्य गीत ‘मेरे भारत के कंठहार’ के गायन को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार (26 अप्रैल) को जारी एक आदेश में, जो सभी अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव समेत विभागाध्यक्षों, बिहार के पुलिस महानिदेशक, संभागीय आयुक्तों और जिला मजिस्ट्रेटों को संबोधित है, सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने कहा कि सभी शैक्षणिक संस्थानों के कार्यक्रमों की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम के गायन के साथ किया जाएगा और इसके बाद राष्ट्रगान गाया जाएगा.

सरकारी आदेश के अनुसार, इस प्रक्रिया के बाद ही किसी सरकारी कार्यक्रम का संचालन होगा, जबकि कार्यक्रम का समापन बिहार राज्य गीत- मेरे भारत के कंठहार गाकर किया जाएगा.

सरकार ने कहा है कि इसका मकसद लोगों में राष्ट्रीयता की भावना, अस्मिता और गौरव को बढ़ाना है. बिहार के गौरवशाली इतिहास की पहचान के लिए बिहार राज्य गीत का गायन अनिवार्य किया गया है.

उल्लेखनीय है कि यह 28 जनवरी 2026 के केंद्र सरकार के उस आदेश की पुनरावृत्ति है, जिसमें सभी सरकारी समारोहों, स्कूलों और प्रमुख सार्वजनिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को गाना अनिवार्य कर दिया गया था. हालांकि, पहले राष्ट्रगीत से शुरुआत करना अनिवार्य नहीं था.

मालूम हो कि केंद्र के आदेश से पहले राष्ट्रगीत वंदे मातरम को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई प्रोटोकॉल नहीं था, लेकिन 28 जनवरी तो जारी केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश में कहा गया कि अब राष्ट्रगान की भांति वंदे मातरम पर भी खड़ा होना अनिर्वाय होगा. किसी भी आधिकारिक आयोजन के दौरान 6 छंद वाला पूरा राष्ट्रगीत बजाया जाएगा.

सरकार के आदेश में उन अवसरों और आयोजनों को तीन श्रेणियों में परिभाषित भी किया गया था, जहां ये गीत बजाया जाना है या बजाया जा सकता है. इसे केंद्र सरकार द्वारा वंदे मातरम को लोकप्रिय बनाने के प्रयासों के अनुरूप देखा गया. इससे पहले पहले राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर संसद में तीखी बहस और गणतंत्र दिवस परेड के दौरान इस गीत पर आधारित कई झांकियां भी प्रदर्शित हुई थीं.

वहीं, बिहार सरकार ने राष्ट्रगीत के साथ राज्य गीत को भी न केवल शामिल किया है, बल्कि गीतों को बजाने का क्रम भी निर्धारित किया है.

बिहार राज्य गीत ‘मेरे भारत के कंठहार’ को मार्च 2012 में स्थापना दिवस समारोह के दौरान शामिल किया गया था.