आई-पैक छापेमारी में शामिल रहे दो अधिकारियों को ईडी ने सम्मानित किया

तृणमूल कांग्रेस की राजनीतिक सलाहकार कंपनी आई-पैक के कार्यालय और निदेशक प्रतीक जैन के घर पर बीते 8 जनवरी को हुई ईडी की छापेमारी में शामिल दो अधिकारियों को 70वें ईडी दिवस समारोह में विशेष रूप से सम्मानित किया गया है. इन अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य और जांच में योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया है.

(प्रतीकात्मक फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली: अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की राजनीतिक सलाहकार कंपनी आई-पैक के कार्यालय और निदेशक प्रतीक जैन के घर पर बीते 8 जनवरी को हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी में शामिल दो अधिकारियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया है.

मीडिया में आई ख़बर के मुताबिक, दिल्ली में आयोजित 70वें प्रवर्तन निदेशालय दिवस समारोह के दौरान इन अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य और जांच में योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया है.

उल्लेखनीय है कि इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी का नेतृत्व करने वाले ईडी के सहायक निदेशक विक्रम अहलावत और प्रशांत चंदिला को सम्मानित किया गया है. इन दोनों अधिकारियों को केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने पुरस्कार प्रदान किया.

ईडी के अनुसार, यह सम्मान जांच के दौरान उनके धैर्य, समर्पण और पेशेवर दक्षता को देखते हुए दिया गया है.

मालूम हो कि 8 जनवरी की सुबह ईडी की टीम सबसे पहले प्रतीक जैन के आवास पर पहुंची थी. कार्रवाई की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी वहां पहुंच गईं थी. इसके बाद तलाशी के दौरान उनकी मौजूदगी और हाथ में फाइल लेकर बाहर निकलने की तस्वीरों ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था.

बाद में ईडी ने जांच में हस्तक्षेप और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि ईडी आई-पैक कार्यालय से चुनावी रणनीति से जुड़े दस्तावेज जुटाने की कोशिश कर रही थी.

सम्मानित किए गए ईडी अधिकारी अहलावत को दिए गए प्रशस्ति पत्र के अनुसार, उन्होंने ‘संवेदनशील’ तलाशी अभियान के दौरान ‘असाधारण धैर्य’ दिखाया और रिपोर्टों के माध्यम से लगातार घटनाक्रम दर्ज किए, जिससे ईडी को इस मामले को सर्वोच्च न्यायालय के संज्ञान में लाने में मदद मिली.

चंदिला के प्रशस्ति पत्र में कहा गया है कि उन्होंने ‘अप्रत्याशित’ घटना के दौरान ‘असाधारण पेशेवर साहस’ का प्रदर्शन किया और उल्लेखनीय सूझबूझ दिखाते हुए सावधानीपूर्वक ‘समकालीन’ ‘पंचनामा’ तैयार किए, जो उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के दौरान प्राथमिक साक्ष्य के रूप में काम आए.

हालांकि, सम्मान के दौरान ये अधिकारी जिस मामले में शामिल थे, उसका कोई उल्लेख नहीं किया गया, लेकिन ईडी अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह मामला जनवरी में कोलकाता में आई-पैक के खिलाफ की गई छापेमारी से संबंधित था.

गौरतलब है कि हाल ही में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से आई-पैक निदेशक विनेश चंदेल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी राहत मिली है. ईडी के विरोध न करने और जांच में सहयोग को आधार मानते हुए अदालत ने उनकी जमानत मंजूर कर ली और उन्हें  रिहा करने का आदेश दिया है.