केरल विधानसभा चुनाव: यूडीएफ स्पष्ट बहुमत की ओर, 87 सीटों पर बढ़त

केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतों की गिनती जारी है. रुझानों में कांग्रेस के नेतृत्व में यूडीएफ  गठबंधन 87 सीटों पर आगे चल रही है, वहीं सीपीआई (एम) के नेतृत्व में एलडीएफ 38 सीटों पर आगे है.

9 अप्रैल 2026 को केरल के तिरुवनंतपुरम में एक मतदान केंद्र. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतों की गिनती जारी है. रुझानों में कांग्रेस के नेतृत्व में यूडीएफ  गठबंधन 87 से अधिक सीटों पर आगे चल रही है, वहीं सीपीआई (एम) के नेतृत्व में एलडीएफ 38 सीटों पर आगे हैं.

धर्माडम विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन शुरुआती चरणों में पिछड़ने के बाद कांग्रेस के वीपी अब्दुल रशीद से तक़रीबन 11800 मतों से आगे चल रहे हैं. 

कांग्रेस पार्टी से विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीसन अपनी पारावुर सीट पर करीब 13000 मतों से आगे चल रहे हैं.

इस चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) के नेतृत्व में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) गठबंधन और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के बीच माना जा रहा है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली एनडीए भी मैदान में है.

केरल विधानसभा की कुल 140 सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान हुआ था जिसमे 79.7% की रिकॉर्ड वोटिंग दर्ज की गई थी, जो की वर्ष 1987 के बाद से सबसे अधिक है. इस बार चुनावी मैदान में करीब 863 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनमें 92 महिलाएं शामिल हैं. 

केरल विधानसभा चुनाव 2021

सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले एलडीएफ ने 2021 के चुनावों में 140 में से 99 सीटें जीतकर लगातार दूसरी बार सत्ता पर क़ाबिज़ हुई थी. यूडीएफ को 41 सीटें मिलीं थीं. इस जीत के साथ उसने पिछले चार दशकों से चले आ रहे उस परंपरा को तोड़ दिया था, जिसमें कम्युनिस्टों और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के बीच बारी-बारी से सत्ता बदलती रही थी.

भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली एनडीए बुरी तरह असफल रही थी, भाजपा 2016 के चुनाव में जीती अपनी इकलौती सीट भी बरकरार नहीं रख सकी थी.