तमिलनाडु विधानसभा चुनाव: सुपरस्टार विजय की टीवीके का अभूतपूर्व प्रदर्शन, सीएम स्टालिन कोलाथुर सीट से हारे

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की 234 सीटों के लिए बहुमत का आंकड़ा 118 है. अभिनेता से नेता बने विजय की टीवीके 68 सीटों पर चुनाव जीत चुकी है और 38 पर आगे चल रही है. वहीं, डीएमके 35 सीटें अपने नाम कर चुकी है और 24 पर आगे चल रही है.

विजय एक जनसभा में. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की 234 सीटों के लिए मतगणना आज (4 मई) सुबह 8 बजे से जारी है. राज्यभर के सभी मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है.

चुनाव आयोग के अनुसार, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) प्रमुख एमके स्टालिन कोलाथुर विधानसभा सीट से चुनाव हार गए हैं.

उन्हें अभिनेता विजय की तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के वीएस बाबू ने 8795 वोट से हरा दिया है. वीएस बाबू को 82997 वोट मिले जबकि स्टालिन को 74202 वोट मिले.

स्टालिन 2011 से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे.

रात 8.30 बजे तक के नतीजे देखें, तो तमिलनाडु की राजनीति में टीवीके के नेता विजय ने अपने पहले ही चुनाव में नया इतिहास रच दिया है. उनकी पार्टी ने डीएमके और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) जैसी द्रविड़ पार्टियों को पछाड़ती नज़र आ रही है.

चुनाव आयोग के डेटा के अनुसार, टीवीके 68 सीटों पर चुनाव जीत चुकी है और 38 पर आगे चल रही है. वहीं, डीएमके 35 सीटें अपने नाम कर चुकी है और 24 पर आगे चल रही है. एआईएडीएमके के खाते में 28 सीटें आई हैं और वह 19 पर आगे चल रही है.

विजय की पार्टी के प्रदर्शन को अभूतपूर्व माना जा रहा है क्योंकि 1967 से ही राज्य की राजनीति में इन पार्टियों ने अपना दबदबा बनाए रखा था.

मालूम हो कि राज्य में 234 सीटों पर एक चरण में 23 अप्रैल को मतदान हुआ था. यहां पर बहुमत का आंकड़ा 118 है.

इस चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ डीएमके और एआईएडीएमके गठबंधन के बीच माना जा रहा था. हालांकि, अभिनेता विजय की टीवीके ने सभी चुनावी समीकरण बदल दिए हैं.

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के तहत एआईडीएमके 234 सीटों में से 169 पर मैदान में है, जबकि भाजपा 27 सीटों पर, डॉ. अंबुमणि रामदास के नेतृत्व वाले पट्टली मक्कल कच्ची (पीएमके) 18 पर, टीटीवी दिनाकरन के नेतृत्व वाली अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (एएमएमके) 11 पर, तमिल मानिला कांग्रेस पांच पर, इंडिया जननायगा कच्ची (आईजेके) एक पर और पुरच्ची भरथम एक सीट पर चुनाव लड़ रही हैं.

वहीं, महागठबंधन को देखें, तो डीएमके 164 सीटों पर खुद चुनावी मैदान में थी, जबकि कांग्रेस 28 सीटों पर, प्रेमलता विजयकांत की पार्टी डीएमडीके के खाते में 10 सीटें और अन्य 32 सहयोगियों को दी गई हैं, जिसमें वीसीके को 8, लेफ्ट (भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ) को 5-5 और एमडीएमके को 4 सीटें दी गई हैं. इसके अलावा आईयूएमएल, एमएमके और एसडीपीआई जैसे छोटे दलों को भी इस ‘महा-महा गठबंधन’ में जगह दी गई है.

मालूम हो कि दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु में भाजपा लगातार अपनी सियासी ताक़त बढ़ाने के प्रयास में लगी है. लेकिन तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की तमाम नीतियों का विरोध किया है, जिसमें हाल ही में उन्होंने परिसीमन को एक बड़ा मुद्दा बनाया है और केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वो दक्षिण भारतीय राज्यों की राजनीतिक ताक़त को कम करने की कोशिश कर रही है. इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति, भाषा विवाद, शिक्षा निधि को रोकना, राज्य के अधिकार जैसे तमाम मुद्दोंं पर वह केंद्र के आमने-सामने नज़र आए हैं.

इस बार राज्य की सभी 234 विधानसभा सीटों पर कुल लगभग 4.88 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है. तमिलनाडु में इस बार कुल 85.1 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है, जो अब तक का सबसे अधिक प्रतिशत है. 2021 के चुनावों में यह आंकड़ा 73.6 प्रतिशत था.

मतदान में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही. कुल 2.52 करोड़ महिलाओं ने वोट डाला, जबकि पुरुषों की संख्या 2.35 करोड़ रही. महिलाओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों की तुलना में 2.1 प्रतिशत अधिक दर्ज किया गया. कुल 7728 पंजीकृत थर्ड जेंडर मतदाताओं में से 4517 ने लोकतंत्र के इस पर्व में हिस्सा लिया.

चर्चित सीटें

कोलाथुर सीट: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन कोलाथुर विधानसभा सीट से चुनाव हार गए हैं. उन्हें टीवीके के वीएस बाबू ने 8795 वोट से हरा दिया है. कोलाथुर सीट को हमेशा से काफी अहम माना जाता है, क्योंकि यहां का परिणाम अक्सर सत्ताधारी पार्टी की राज्यभर में स्थिति का संकेत देता है.

चेपॉक–तिरुवल्लिकेनी सीट: चेपॉक–तिरुवल्लिकेनी विधानसभा सीट, जिसे डीएमके का मजबूत गढ़ माना जाता है, इस बार भी काफी चर्चा में रही. यहां पार्टी की ओर से उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन चुनाव मैदान में थे, जो अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे. उनका मुकाबला एआईएडीएमके के एवीए कसाली और टीवीके के सेलवम डी से था.  उदयनिधि स्टालिन ने सेलवम डी को करीब 63 हज़ार वोटों से हराया है.

पेरंबूर सीट: पेरंबूर विधानसभा सीट इस बार सबसे ज्यादा चर्चित सीटों में शामिल है. अभिनेता से नेता बने विजय अपनी पार्टी टीवीके के उम्मीदवार के रूप में पहली बार चुनावी मैदान में उतरे हैं. वे इस सीट पर करीब 52 हज़ार वोटों से आगे चल रहे हैं. इस सीट पर उनका सामना डीएमके के आरडी शेखर और पीटीएमके के एनआर धनपालन से है. इसके अलावा कई अन्य दलों के उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में मौजूद हैं. क

एडप्पाडी सीट: एडप्पाडी विधानसभा सीट एआईएडीएमके नेता एडप्पाडी के. पलानीस्वामी के लिए बेहद अहम मानी जा रही थी. वह अपने पारंपरिक गढ़ से करीब 98 हज़ार वोटों से विजयी रहे. दूसरे नबंर पर यहां निर्दलीय उम्मीदवार प्रेम कुमार के रहे. जबकि डीएमके के कासी सी तीसरे स्थान पर रहे.

करूर सीट 

करूर विधानसभा सीट इस बार बेहद दिलचस्प और बहुकोणीय मुकाबले की वजह से चर्चा में है. यहां प्रमुख उम्मीदवारों में एआईएडीएमके के एमआर. विजयभास्कर सबसे आगे चल रहे हैं, जबकि दूसरे स्थान पर टीवीके के मथियालगन हैं. यहां से डीएमके के आसी एम. थियागराजन भी मैदान में हैं.

उल्लेखनीय है कि बीते पांच दशकों से तमिलनाडु की राजनीति में दो पार्टियां – डीएमके और एआईडीएमके सबसे महत्वपूर्ण रही हैं. 2016 विधानसभा चुनाव के छह महीने बाद ही उस समय की मुख्यमंत्री और एआईडीएमके प्रमुख जे जयललिता की मौत हो गई थी. उसके बाद 2018 में पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख करुणानिधि की भी मौत हो गई.

इसके बाद 2021 के विधानसभा चुनाव में डीएमके गठबंधन ने 159 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि एआईएडीएमके को 75 सीटों पर जीत मिली थी.

भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव में तमिलनाडु की 4 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी. जबकि कांग्रेस को 18 सीटों पर जीत मिली थी.

पुडुचेरी चुनाव: भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन की सत्ता में वापसी, कांग्रेस गठबंधन की हार

केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान हुआ था. पुडुचेरी विधानसभा की 30 सीटों के लिए बहुमत का आंकड़ा 16 है.

चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, सात 8.30 बजे तक एनडीए के तहत ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस, जो मुख्यमंत्री एन. रंगासामी की पार्टी है, 10 सीटें जीत चुकी है और दो पर आगे चल रही है. वहीं, भारतीय जनता पार्टी भी चार सीटों पर कब्ज़ा जमा चुकी है और डीएमके के खाते में 5 सीटें आई हैं. जबकि कांग्रेस एक सीट जीतने में कामयाब रही है.

यहां मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस गठबंधन के बीच था. कांग्रेस को स्टालिन की डीएमके का साथ है, तो वहीं इस बार मैदान में सुपरस्टार विजय की टीवीके भी है, जिसने दो सीटों पर जीत हासिल की है.

राज्य में एनडीए के तहत ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस, जो मुख्यमंत्री एन. रंगासामी की पार्टी है, सबसे ज्यादा 16 सीटों पर चुनावी मैदान में थी. वहीं भाजपा को 10 सीटें मिली थी. इसके अलावा गठबंधन के अन्य साथी एआईएडीएमके और लक्ष्य जनता नायक काची (एलजेके) को दो-दो सीटें दी गई थीं.

पुडुचेरी में कांग्रेस 16 सीटों पर चुनाव लड़ रही थी, जबकि डीएमके को बाकी 14 सीटें आवंटित की गई थीं.

इस बार केंद्र शासित प्रदेश का मतदान प्रतिशत 89.87 रहा. वहीं, इस चुनाव में थर्ड जेंडर मतदाताओं की भागीदारी सबसे अधिक रही,जिनका मतदान प्रतिशत 91.81 प्रतिशत दर्ज किया गया.

गौरतलब है कि साल 2021 में पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 6 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि एनआर कांग्रेस को दस और डीएमके को छह सीटों पर जीत मिली थी. कांग्रेस ने दो सीट जीती थीं और छह निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए थे.