नई दिल्ली: तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव परिणामों में इस बार एक बड़ा उलट-फेर देखने को मिला है. दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार जोसेफ़ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) और प्रमुख विपक्षी दल अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) को पीछे छोड़ते हुए विधानसभा के लिए सबसे अधिक सीटें हासिल की हैं.
हालांकि, सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की ज़रूरत है और विजय के नेतृत्व वाली पार्टी टीवीके के पास 108 सीटें हैं और वह बहुमत से महज 10 कम हैं. ऐसे में कांग्रेस ने तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए टीवीके को समर्थन देने पर सहमति जताई है.
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडनकर की ओर से बुधवार (6 मई) को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘हमारा समर्थन इस शर्त पर होगा कि टीवीके इस गठबंधन से उन सांप्रदायिक ताक़तों को दूर रखे जो भारत के संविधान में विश्वास नहीं करतीं.’
इस प्रेस विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि टीवीके और तमिलनाडु कांग्रेस के बीच यह गठबंधन आने वाले वर्षों और दशकों में ‘पेरियार’ के सामाजिक न्याय के आदर्शों और डॉ. बीआर आंबेडकर के संवैधानिक आदर्शों के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता के साथ, तमिलनाडु में ‘पेरुंथलाइवर कामराज’ के गौरवशाली दिनों को वापस लाने का प्रयास करेगा.
इसमें यह भी कहा गया है कि यह गठबंधन न केवल इस सरकार के गठन के लिए है, बल्कि स्थानीय निकायों, लोकसभा और राज्यसभा के भविष्य के चुनावों के लिए भी है. विजय और राहुल गांधी मिलकर तमिलनाडु की जनता के सपनों को पूरा करेंगे.
The President of Tamizhaga Vettri Kazhagam (TVK), Thiru C Vijay, has formally requested the Indian National Congress (INC) to extend its support for forming a government in Tamil Nadu. The people of Tamil Nadu, especially the youth, have delivered a very clear, strong and… pic.twitter.com/Aig79MoRoE
— Tamil Nadu Congress Committee (@INCTamilNadu) May 6, 2026
मालूम हो कि टीवीके की 108 और कांग्रेस की पांच सीटें मिलाकर आंकड़ा 113 तक पहुंचता है, जो बहुमत से पांच अभी भी कम है. ऐसे में मीडिया खबरों के अनुसार कुछ अन्य पार्टियां भी टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने के लिए तैयार हैं. हालांकि, संबंधित दलों ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
राज्य में गैर डीएमके और गैर एआईडीएमके दलों के पास 11 सीटें हैं. इनमें कांग्रेस के पांच विधायक है. टीवीके की नजर छोटी पार्टियों को साथ लेकर सरकार बनाने की है. कांग्रेस के अलावा पीएमके और एमएमके जैसी पार्टियां भी साथ जा सकती हैं. इसके अलावा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई ) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के पास दो-दो विधायक हैं.
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, विजय बुधवार को राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे और कल यानी गुरुवार को चेन्नई में मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं.
द्रमुक की कड़ी प्रतिक्रिया
उधर, कांग्रेस के टीवीके के साथ जाने पर डीएमके ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इस कदम को अपने साथ विश्वासघात बताया है. पार्टी के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कांग्रेस के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस अचानक लिए गए निर्णय के पीछे दिए गए कारण भरोसेमंद नहीं लगते.
अन्नादुरई ने कहा कि कांग्रेस ने अपना रुख बदलते हुए टीवीके का समर्थन किया है, जिसे डीएमके ‘पीठ में छुरा घोंपने’ जैसा मानती है. उनके अनुसार, यह फैसला राजनीतिक रूप से गलत और अविश्वसनीय है.
गौरतलब है कि विजय की पार्टी के प्रदर्शन को इस बार के चुनाव में अभूतपूर्व माना जा रहा है क्योंकि 1967 से ही राज्य की राजनीति में डीएमके और एआईडीएमके पार्टियों ने अपना दबदबा बनाए रखा था. लेकिन इस बार अभिनेता से नेता बने विजय की टीवीके ने सभी चुनावी समीकरण बदल दिए हैं.
मालूम हो कि फरवरी 2024 में विजय ने राजनीति में औपचारिक रूप से कदम रखा था और अपनी पार्टी तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) की घोषणा की थी. उस समय उन्होंने साफ किया था कि वह संसद (2024 लोकसभा) का चुनाव नहीं लड़ेंगे और न ही किसी उम्मीदवार का समर्थन करेंगे, बल्कि उनका ध्यान 2026 के विधानसभा चुनावों पर रहेगा.
इसी ऐलान के साथ उन्होंने यह भी कहा था कि वह सिनेमा छोड़ रहे हैं. सितंबर 2024 में प्रोडक्शन हाउस केवीएन ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की थी कि फ़िल्म ‘थलपति 69’ विजय की आख़िरी फ़िल्म होगी.
हालांकि, राजनीति में आने से पहले विजय के परिवार में भी विवाद देखने को मिला था. उनके पिता एसए चंद्रशेखर ने पहले ही ऑल इंडिया थलपति विजय मक्कल इयक्कम नाम से एक पार्टी बनाई थी. इसको लेकर विजय और उनके पिता के बीच मतभेद सामने आए.
विजय ने अपने माता-पिता समेत 11 लोगों के खिलाफ मुक़दमा दर्ज कराया था और मांग की थी कि उनके नाम का इस्तेमाल किसी चुनावी गतिविधि या भीड़ जुटाने के लिए न किया जाए.
हालांकि, इस बार चुनावी रूझान सामने आने के बाद विजय की मां ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि वह बहुत खुश हैं और वहीं उनके पिता का कहना थी कि विजय तमिलनाडु में बड़ा बदलाव लेकर आएंगे.
