नई दिल्ली: तमिलनाडु में नई सरकार गठन को लेकर शुक्रवार (8 मई) को भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई. इस दौरान तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) प्रमुख ने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से तीसरी बार मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक राजभवन से इस पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि राज्यपाल से मुलाकात के बाद टीवीके नेता विजय ने व्यक्तिगत रूप से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (माकपा) के कार्यालयों का दौरा किया और पार्टी नेताओं से मुलाकात की.
मालूम हो कि इससे पहले शुक्रवार को ही वामपंथी पार्टियां भाकपा और माकपा ने तमिलनाडु में सरकार के गठन के लिए टीवीके का अपना समर्थन दिया था.
टीवीके को वाम दलों और कांग्रेस से समर्थन मिलने बाद सरकार बनाने के लिए 116 विधायकों का समर्थन मिल गया है. जो कि बहुमत से अभी भी दो कम है. इस बीच कुछ मीडिया खबरों में दावा किया गया है कि राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने मुख्यमंत्री पद के लिए टीवीके की तीसरी बार की दावेदारी को भी बुहमत न होने के चलते अस्वीकार कर दिया है.
हालांकि, द हिंदू अखबार ने बताया है कि विजय ने शुक्रवार शाम को राज्यपाल से मुलाकात के दौरान अपने साथ 117 विधायकों के समर्थन वाला पत्र प्रस्तुत किया, जो बहुमत के आंकड़े से एक कम है.
एनडीटीवी के अनुसार, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के दो विजयी उम्मीदवारों में से एक ने विजय का समर्थन किया है, जिससे टीवीके गठबंधन के विधायकों की संख्या 117 हो गई है. हालांकि, राभवन ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है.
वहीं, बीबीसी ने अपनी ख़बर में बताया है कि टीवीके को भाकपा-माकपा और कांग्रेस के समर्थन दिए जाने के बाद सरकार बनाने के लिए 116 विधायकों का समर्थन मिल गया है.
234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके ने 108 सीटें जीती हैं, चूंकि विजय, जिन्होंने दो सीटें जीती हैं, उनको एक सीट से इस्तीफ़ा देना होगा, इसलिए टीवीके की संख्या 107 रह जाएगी. उस समय सदन की संख्या घटकर 233 हो जाएगी, इसलिए बहुमत के लिए 117 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता होगी.
इस बीच, अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कषगम (एएमएमके) के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने शुक्रवार को राज्यपाल को पत्र लिखकर तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (एआईएडीएमके) के प्रमुख एडप्पाडी के. पलानीस्वामी को समर्थन दिया. इसके साथ ही एआईएडीएमके द्वारा सरकार बनाने के लिए इसे पहली बार दावेदारी के तौर पर देखा गया.
उल्लेखनीय है कि हाल ही में विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आए थे. जिसमें द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (डीएमके) ने 59 सीटें जीती हैं, जबकि एआईएडीएमके के पास 47 विधायक हैं. ऐसे में टीवीके को सत्ता से बाहर करने के लिए धुर विरोधी डीएमके और एआईएडीएमके के बीच संभावित समझौते को लेकर भी अटकलें तेज हैं. हालांकि, बहुमत का जादुई आंकड़ा इन दोनों पार्टियोंं के एकजुट होने के बाद भी इनकी पहुंच से काफी दूर नज़र आता है.
इस दौरान इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और टीवीके के बीच के समझौते को लेकर विरोधाभासी दावे सामने आए हैं. चुनाव में दो सीटें जीतने वाली विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) से भी विजय के नेतृत्व वाले गठबंधन को समर्थन मिलने की उम्मीद है, जिससे गठबंधन की सीटों की संख्या 120 तक पहुंच सकती है. हालांकि, पार्टी के रुख को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है.
द न्यूज़ मिनट के अनुसार, शुक्रवार देर रात वीसीके प्रमुख थिरुमावलवन के नेतृत्व में हुई उच्च स्तरीय समिति की बैठक के बाद पार्टी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि ‘कुछ प्रस्ताव पारित किए गए हैं’ और थिरुमावलवन शनिवार को औपचारिक घोषणा करेंगे.
बता दें कि तमिलनाडु राज्यपाल द्वारा सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने में हुई लंबी देरी ने उनकी भूमिका और अधिकारक्षेत्र को लेकर कई सवालों को जन्म दिया है. इसे लेकर टीवीके समर्थकों ने राजभवन के सामने विरोध प्रदर्शन भी किया. वहीं विपक्षी नेताओं द्वारा राज्यपाल की आलोचना भी देखी गई.
शुक्रवार के घटनाक्रम
शुक्रवार को वामपंथी दलों ने तमिलनाडु में विजय को सरकार बनाने में मदद करने के लिए टीवीके को औपचारिक रूप से बिना शर्त बाहरी समर्थन दिया, साथ ही यह स्पष्ट किया कि वे नए मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होंगे.
दोनों वामपंथी दलों के नेताओं ने चेन्नई में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने फैसले की घोषणा की और अर्लेकर को संबोधित पत्र भी जारी किए, जिसमें टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार के लिए समर्थन की पुष्टि की गई है.
इस बीच लाइव लॉ के मुताबिक, इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी दाख़िल की गई है, जिसमें अपील की गई है कि गवर्नर को निर्देश दिए जाएं कि वो टीवीके नेता सी. जोसेफ़ विजय को राज्य में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करें.
यह याचिका के. एज़िलारसी ने दाखिल की है, जिन्होंने खुद को वकील और टीवीके का सक्रिय सदस्य बताया है.
याचिका में कहा गया है कि 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, जिसके चलते त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बनी. चुनाव में 108 सीट जीतकर टीवीके सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है.
