कुश्ती महासंघ ने विनेश फोगाट को नोटिस भेजा, खिलाड़ी बोलीं- कोई ताक़त मेरा सिर नहीं झुका सकती

दो बार की विश्व पदक विजेता पहलवान विनेश फोगाट को कुश्ती महासंघ की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. इस नोटिस में डब्ल्यूएफआई ने विनेश पर अनुशासनहीनता, डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं. साथ ही संघ ने विनेश को 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य घोषित किया है.

पहलवान विनेश फोगाट. (फोटो साभार: फेसबुक/@phogat.vinesh)

नई दिल्ली: भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने शनिवार (9 मई) को दो बार की विश्व पदक विजेता पहलवान विनेश फोगाट को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इस नोटिस में डब्ल्यूएफआई ने विनेश पर अनुशासनहीनता, डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं. साथ ही संघ ने विनेश को 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य घोषित किया है.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, महासंघ ने इस नोटिस के माध्यम से यह स्पष्ट किया है कि विनेश उत्तर प्रदेश के गोंडा में होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकतीं. इस प्रतियोगिता को विनेश की वापसी के तौर पर देखा जा रहा था.

मालूम हो कि 2018 एशियाई खेलों की चैंपियन विनेश फोगाट, जिन्होंने पेरिस ओलंपिक के फाइनल में 100 ग्राम अधिक वजन होने के कारण अयोग्य घोषित किए जाने के बाद अगस्त 2024 में संन्यास की घोषणा की थी, ने पिछले साल दिसंबर में अपना फैसला बदलते हुए वापसी का ऐलान किया था, लेकिन अभी तक उन्होंने किसी भी प्रतिस्पर्धी प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया है.

ऐसे में विनेश गोंडा में रविवार (10 मई) से शुरू हो रहे नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट से प्रतिस्पर्धी कुश्ती में वापसी करना चाहती थीं. हालांकि, इससे ठीक एक दिन पहले ही कुश्ती महासंघ ने विनेश की उम्मीदों पर पानी फेर दिया.

डब्ल्यूएफआई ने विनेश फोगाट को 15 पन्नों का कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इसमें उनसे कई मुद्दों पर जवाब मांगा गया है, खासकर पेरिस ओलंपिक विवाद पर, जहां 50 किलोग्राम वर्ग के फाइनल मुकाबले से पहले उनका वजन तय सीमा से ज्यादा होने के चलते उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था. इसके बाद खेल मध्यस्थता न्यायालय में उनकी अपील खारिज कर दी गई थी.

डब्ल्यूएफआई के नोटिस में कहा गया है कि उन्होंने ने जो आचरण किया है उससे राष्ट्रीय स्तर पर काफी बदनामी हुई है, साथ ही इससे भारतीय कुश्ती की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है. इसके अलावा कुश्ती महासंघ का कहना है कि उन्होंने संन्यास से वापसी की सूचना देने के बाद विश्व डोपिंग संस्था वाडा के एंटी-डोपिंग नियमों के तहत अनिवार्य छह महीने की नोटिस अवधि पूरी नहीं की है.

वाडा के डोपिंग विरोधी नियमों के तहत संन्यास से वापसी कर रहे किसी भी खिलाड़ी के लिए पंजीकृत परीक्षण पूल का हिस्सा बनने के लिए यह अवधि अनिवार्य है.

उल्लेखनीय है कि 31 वर्षीय फोगाट से नोटिस में डोपिंग नियमों के तहत अपने ठिकानों की जानकारी न देने, मार्च 2024 में हुईं ट्रायल्स के दौरान दो वजन वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने को लेकर भी जवाब मांगा है.

कुश्ती महासंघ के नोटिस के बाद विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, ‘जिंदगी किसी गहरे भंवर में फंसी हुई है. दुनिया मेरे चरित्र में खामियां ढूंढ रही है. लेकिन जिंदगी ने हमेशा सिर ऊंचा रखना सिखाया है. कोई तलवार इसे झुका नहीं सकती.’

ज्ञात हो कि इससे पहले तीन बार की ओलंपियन पहलवान विनेश फोगाट को भारतीय कुश्ती महासंघ ने नए सर्कुलर के तहत मई के अंत में होने वाले एशियाई खेलों के चयन ट्रायल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था. महासंघ की ओर से कहा गया कि इसमें केवल अहमदाबाद में 2025 सीनियर नेशनल चैंपियनशिप, गाजियाबाद में आयोजित 2026 सीनियर फेडरेशन कप और भिलाई में 2026 राष्ट्रीय अंडर-20 के पदक विजेता ही भाग लेने के लिए पात्र होंगे.

वहीं, अब विनेश को जारी नोटिस में कहा गया है कि पहलवान 26 जुलाई तक किसी भी प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाएंगी, जब तक कि उनके प्रतियोगिता में वापसी की घोषणा के छह महीने पूरे नहीं हो जाते.

गौरतलब है कि हाल ही में विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया था कि सिंह के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली छह पहलवानों में वह एक हैं. इसके साथ ही उन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ द्वारा सिंह के गृह क्षेत्र में टूर्नामेंट आयोजित करवाए जाने को लेकर विरोध जताया था.