नीट-यूजी पेपर लीक: कांग्रेस के आरोपी के भाजपा से जुड़ाव के दावे, एफआईआर में देरी पर उठाए सवाल

नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों ने राजस्थान के जमवारामगढ़ निवासी दो भाइयों- दिनेश और मांगीलाल बिंवाल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है. आरोप है कि उन्होंने गुरुग्राम के एक डॉक्टर से इस वर्ष का नीट यूजी प्रश्नपत्र खरीदा था. बिंवाल के भाजपा से जुड़े होने का दावा किया जा रहा है.

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा नीट-यूजी 2026 परीक्षा स्थगित किए जाने के बाद राजस्थान में विपक्षी दल कांग्रेस ने कथित पेपर लीक मामले में राज्य पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) द्वारा एफआईआर दर्ज करने में देरी पर सवाल उठाए हैं.

कांग्रेस का कहना है कि करीब 15 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लेने और कुछ की गिरफ्तारी की खबरों के बावजूद मामला दर्ज नहीं किया गया है.

देश भर में 3 मई को हुए नीट की परीक्षा के रद्द होने के बाद 22 लाख से अधिक मेडिकल अभ्यर्थी और उनके परिवार नई परीक्षा तिथि, एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र और काउंसलिंग शेड्यूल को लेकर असमंजस और चिंता में हैं.

पिछले एक सप्ताह से एसओजी इस तथ्य की जांच कर रही है कि कथित तौर पर प्रसारित उस गेस पेपर, जिसमें से करीब 120 सवाल नीट परीक्षा प्रश्नपत्र में पाए गए, का संबंध किसी संगठित गिरोह से है या नहीं. हालांकि मंगलवार (12 मई) को केंद्र सरकार के निर्देश पर केंद्रीय जांच आयोग (सीबीआई) ने जांच अपने हाथ में लेते हुए मामला दर्ज किया है.

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने आवास के बाहर पत्रकारों से बातचीत में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द होने के बाद भाजपा सरकार का ‘असली चेहरा’ सामने आ गया है, जो बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों की ओर इशारा करता है.

द हिंदू के अनुसार, उन्होंने कहा, ‘यह समझ से परे है कि एसओजी ने इस मामले में आपराधिक केस दर्ज क्यों नहीं किया. पेपर लीक ने युवाओं को बेहद परेशान कर दिया है.. यह एक बड़ी चुनौती है. क्या एसओजी अधिकारियों को विवरण उजागर न करने के निर्देश दिए गए थे?’

गहलोत ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के हालिया ओएमआर शीट घोटाले का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि ‘राजस्थान की भाजपा सरकार ने पहले भी सरकार की किरकिरी से बचने के लिए ओएमआर शीट घोटाले को छिपाने की कोशिश की थी. उन्होंने कहा कि मामले में कमजोर कानूनी पैरवी के कारण आरोपी जमानत पाने में सफल रहे.’

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीका राम जूली ने आरोप लगाया कि नीट-यूजी परीक्षा रद्द होना ‘संगठित अनियमितताओं’ का प्रमाण है और राज्य सरकार ने मामले को छिपाकर छात्रों के भविष्य को दांव पर लगा दिया.

ख़बरों के मुताबिक, कथित अनियमितताओं का संबंध परीक्षा से पहले प्रसारित हुए एक ‘गेस पेपर’ से है, जिसमें करीब 410 सवाल थे. इनमें से लगभग 120 सवाल वास्तविक परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से काफी हद तक मेल खाते थे.

इस बीच राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि परीक्षा रद्द होने से भाजपा सरकार और पेपर लीक माफिया के बीच ‘सांठगांठ’ उजागर हो गई है.

उन्होंने कहा, ‘भाजपा के प्रभावशाली नेताओं के माफिया से संबंध होने की बातें सामने आ रही हैं. देश को उम्मीद है कि सीबीआई निष्पक्ष जांच करेगी और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाएगी.

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीका राम जुलाई द्वारा एक्स पर साझा की गई पोस्टर.

जांच कहां तक पहुंची?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ताओं ने राजस्थान के जमवारामगढ़ के दो भाइयों- दिनेश और मांगीलाल बिंवाल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है. आरोप है कि उन्होंने 26 अप्रैल को गुरुग्राम के एक डॉक्टर से 30 लाख रुपये में इस वर्ष का नीट-यूजी प्रश्नपत्र खरीदा था. अब तक की जांच में इन तीनों को मामले की अहम कड़ी माना जा रहा है.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दिनेश बिंवाल के भाजपा से संबंध हैं.

हालांकि एनटीए ने अब तक पुनर्परीक्षा की तारीख सहित विस्तृत दिशानिर्देश जारी नहीं किए हैं, लेकिन एजेंसी ने कहा है कि मई 2026 सत्र का पंजीकरण डेटा और अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी नई परीक्षा तिथि के लिए मान्य रहेगी.

एजेंसी ने कहा कि छात्रों से कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा और पहले जमा की गई फीस वापस की जाएगी.

एनटीए का कहना है कि परीक्षा ‘पूर्ण सुरक्षा प्रोटोकॉल’ के तहत आयोजित की गई थी, जिसमें प्रश्नपत्रों की जीपीएस ट्रैकिंग, बायोमेट्रिक सत्यापन, एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी और 5G जैमर की तैनाती शामिल थी.

एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से केवल आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करने की अपील करते हुए हेल्पलाइन ईमेल neet-ug@nta.ac.in तथा फोन नंबर 011-40759000 और 011-69227700 जारी किए हैं.