मीरा रोड क़ुर्बानी के ख़िलाफ़ हिंदुत्व समूहों के विरोध पर बोले संजय राउत- महाराष्ट्र मांसाहारियों की धरती है

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक समूह मुस्लिम धार्मिक प्रथाओं को चुनिंदा तरीके से निशाना बना रहे हैं, जबकि मंदिरों से जुड़ी कथित पशु बलि पर चुप्पी साधे हुए हैं. उन्होंने कहा कि 'महाराष्ट्र मांसाहारियों की धरती है, यह छत्रपति शिवाजी महाराज की धरती है. हम क्षत्रिय हैं, हम मराठा हैं. इसलिए हम ऐसी क़ुर्बानियां देते रहेंगे.'

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे- यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने गुरुवार (28 मई) को महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ भाजपा-शिवसेना सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि ईद-उल-अज़हा या बकरीद से पहले सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिशें राज्य की संस्कृति और परंपराओं को नहीं दर्शातीं.

राउत की यह टिप्पणी मुंबई के मीरा रोड में हुई एक घटना के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आई.

मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक नाटकीय वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें मीरा रोड पर एक पुलिसकर्मी को उत्तेजित भीड़ और टीवी पत्रकारों के हंगामे के बीच से एक सुअर को ले जाते हुए दिखाया गया था; इस दौरान दर्जनों लोग उस जानवर को उसके हाथों से छीनने की कोशिश कर रहे थे.

यह स्थिति मुंबई के बाहरी इलाके में स्थित पूनम क्लस्टर-1 नामक आवासीय परिसर के भीतर पैदा हुई थी. इस सोसाइटी में 600 फ्लैट हैं और लगभग बराबर संख्या में मुस्लिम और हिंदू परिवार रहते हैं. यहां अब तक सभी धर्मों के त्योहार बिना किसी विवाद के मनाए जाते रहे हैं.

द वायर ने रिपोर्ट किया कि हर साल की तरह इस वर्ष भी मुस्लिम निवासियों ने ईद पर होने वाली धार्मिक कुर्बानी के लिए खरीदी गई बकरियों को रखने के लिए परिसर के भीतर एक पंडाल बनाया था. हालांकि इस बार ब्राह्मण समुदाय से जुड़े तीन परिवारों ने इसका विरोध किया, नगर निगम से कार्रवाई की मांग की और पंडाल हटाने को कहा. यह विवाद कई दिनों तक चलता रहा.

26 मई को स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब एक बड़ी भीड़ एक सुअर को साथ लेकर सोसाइटी के बाहर जमा हुई और हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया.

राउत ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक समूह मुस्लिम धार्मिक प्रथाओं को चुनिंदा तरीके से निशाना बना रहे हैं, जबकि मंदिरों से जुड़ी कथित पशु बलि पर चुप्पी साधे हुए हैं.

उन्होंने कहा, ‘यह राजनीतिक मामला है, दो धर्मों के बीच ध्रुवीकरण पैदा करने का प्रयास है, और जैसे-जैसे विधानसभा और लोकसभा चुनाव नजदीक आएंगे, यह और बढ़ेगा. वे (भाजपा-नेतृत्व वाली सरकार की ओर इशारा करते हुए) दशकों से यही करते आए हैं – सांप्रदायिक तनाव फैलाना.’ हालांकि उन्होंने किसी पार्टी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया.

राउत ने सवाल किया, ‘जो लोग कुर्बानी की बात कर रहे हैं, वे बताएं कि कामाख्या मंदिर में कितने भैंसों की बलि दी गई थी?… अपनी कुर्बानी आपको ठीक लगती है, लेकिन दूसरे धर्म की कुर्बानी से दिक्कत है?’

उन्होंने आगे कहा, ‘महाराष्ट्र मांसाहारियों की धरती है, यह छत्रपति शिवाजी महाराज की धरती है. हम क्षत्रिय हैं, हम मराठा हैं. इसलिए हम ऐसी कुर्बानियां देते रहेंगे.’

राउत ने कहा, ‘दरअसल, हम देश के लिए सर्वोच्च बलिदान भी देते हैं. अगर बलिदान नहीं देंगे, तो देश और महाराष्ट्र को कैसे बचाया जाएगा?’

पूनम क्लस्टर की घटना के बाद से मीरा-भायंदर-वसई-विरार (एमबीवीवी) पुलिस ने इलाके और मुस्लिम आबादी वाले अन्य क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है.

पूनम क्लस्टर की इस घटना का असर शहर के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिला. कई हाउसिंग सोसाइटियों को पहले से अनुमति होने के बावजूद बकरों को निर्धारित स्थानों से हटाना पड़ा.