नई दिल्ली: जातीय हिंसाग्रस्त मणिपुर के उखरुल ज़िले में शुक्रवार (29 मई) को अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में पश्चिम बंगाल के एक ट्रक ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई और एक पुलिस कॉन्सटेबल घायल हो गया.
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सरकारी अधिकारी ने बताया, ‘कुछ अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने उखरुल की ओर जा रहे एक मालवाहक वाहन पर घात लगाकर हमला किया. यह घटना उखरुल ज़िले के लितान पुलिस स्टेशन के तहत लीनगांगचिंग और टीएम कासोम के बीच नेशनल हाईवे 202 पर हुई. सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक ड्राइवर को गोली लगी और उनकी मौत हो गई. एक पुलिस कॉन्सटेबल भी घायल हुआ है.’
अधिकारियों ने ड्राइवर की पहचान पश्चिम बंगाल के हुगली ज़िले के रहने वाले नीतीश दास (65) के रूप में की है. हमले के समय वह भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के लिए चावल ले जा रहा था.
घायल पुलिस कॉन्सटेबल की पहचान इंफाल पश्चिम ज़िले के संगाईप्रोऊ के रहने वाले नगा समुदाय के डिसिंगम मारिंगमेई (34) के रूप में हुई है. उनके घुटने में गोली लगी है.
रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 11 बजे हुई, जब सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और मणिपुर पुलिस के जवान राज्य की राजधानी इंफाल से उखरुल जा रहे ट्रकों को सुरक्षा देकर ले जा रहे थे.
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब बंधक संकट अभी भी जारी है. इस संकट में छह नगा और 14 कुकी-ज़ो नागरिक शामिल हैं, जिन्हें 13 मई को कांगपोकपी और सेनापति जिलों से सशस्त्र समूहों द्वारा अगवा कर लिया गया था. यह अपहरण तीन चर्च नेताओं की घात लगाकर हत्या किए जाने के कुछ ही घंटों बाद हुआ था.
खबरों के अनुसार, घटना से कुछ ही देर पहले प्रदर्शनकारियों ने ट्रकों की आवाजाही रोकने के लिए रास्ते में शंगकाई में सड़कों को जाम कर दिया था. इसके चलते ट्रकों को सुरक्षा दे रहे जवानों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े. सड़क साफ होने के बाद ट्रक उखरुल के लिए रवाना हुए, लेकिन वहां से सिर्फ़ 6 किलोमीटर दूर ही उन पर हमला हो गया.
कुकी इनपी मणिपुर संगठन ने चर्च नेताओं की हत्या और जारी बंधक संकट के विरोध में बंद का आह्वान किया था, जिसके तहत यह सड़क जाम किया गया था. एक कुकी संगठन ने बताया कि कम से कम दो महिला प्रदर्शनकारी घायल हुईं, जिनमें से एक की हालत गंभीर है.
उखरुल जिले में एनएच-202 पर घात लगाकर किया गया यह दूसरा हमला है. इससे पहले 18 अप्रैल को भी इसी जगह पर हमला हुआ था, जिसमें तंगखुल नगा समुदाय के दो नागरिक मारे गए थे.
इस बीच, मुख्यमंत्री युमनम खेमचंद सिंह ने इस घात लगाकर किए गए हमले की निंदा की और इसे एक कायरतापूर्ण हरकत बताया.
एक आधिकारिक बयान में कहा, ‘माल ढोने वाले वाहन पर घात लगाकर हमला करना और एक ड्राइवर की जान लेना – जो पूरे राज्य में ज़रूरी चीज़ों की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाता है – सबसे कायरतापूर्ण कामों में से एक है. इसका मकसद इलाके में पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति को और ज़्यादा बिगाड़ना है.’
उन्होंने कहा कि आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाशी और घेराबंदी अभियान चल रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि उखरुल के लितान इलाके में इस साल फरवरी से नगा और कुकी समुदायों के बीच तनाव बना हुआ है. कई हिंसक घटनाएं हुईं हैं. इन घटनाओं में लोगों की जान गई और कई घर जला दिए गए. इन घटनाओं से प्रभावित लोग दोनों समुदायों के थे. उखरुल एक नगा-बहुल ज़िला है.
ज्ञात हो कि मणिपुर में मई 2023 से जारी जातीय हिंसा में अब तक कम से कम 260 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और लगभग 60,000 लोग विस्थापित हुए हैं. यह हिंसा सबसे पहले मेईतेई और कुकी समुदायों के बीच शुरू हुई थी और अब लगभग सभी समूह इसमें शामिल हो गए हैं. मेईतेई समुदाय मुख्य रूप से इंफाल घाटी के मैदानी इलाकों में रहते हैं, जबकि कुकी पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करते हैं. हिंसा शुरू होने के बाद मेईतेई और कुकी अपने-अपने क्षेत्रों में सिमट गए हैं.
