नई दिल्ली: तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने मंगलवार (9 जून) को घोषणा की कि उन्होंने अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) के उन 21 विधायकों के खिलाफ दल-बदल विरोधी कानून के तहत चल रही कार्यवाही समाप्त कर दी है, जिन्होंने 13 मई को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार के विश्वास मत के दौरान पार्टी ह्विप के खिलाफ मतदान किया था.
चेन्नई सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि यह फैसला एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी द्वारा 21 बागी विधायकों के आचरण को माफ करते हुए चार अलग-अलग पत्र लिखने के बाद लिया गया.
हालांकि, प्रभाकर ने स्पष्ट किया कि बाकी चार विधायकों- मरगथम कुमारवेल (मदुरंतकम), एस. जयकुमार (पेरुंदुरई), पी. सत्यभामा (धरापुरम) और एसाकी सुबाया (अंबासमुद्रम) – के खिलाफ कार्यवाही जारी रहेगी. ये विधायक एआईएडीएमके से इस्तीफा देकर तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) में शामिल हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि इनके मामलों पर अंतिम निर्णय बाद में लिया जाएगा.
घटनाक्रम की जानकारी देते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि 13 मई की शाम को ही पलानीस्वामी ने उन्हें औपचारिक पत्र लिखकर पार्टी ह्विप की अवहेलना करने वाले सभी 25 बागी विधायकों को संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत अयोग्य घोषित करने की मांग की थी. यह कानून राजनीतिक दल-बदल को रोकने के लिए बनाया गया है, खासकर उन परिस्थितियों में जब पद या अन्य लाभों के लालच में दल बदला जाता है.
बाद में एआईएडीएमके प्रमुख ने अध्यक्ष को चार पत्र भेजे, जिनमें केवल 21 विधायकों के आचरण को माफ करने की बात कही गई थी. इन पत्रों और विधानसभा के संबंधित नियमों की समीक्षा करने के बाद प्रभाकर ने निष्कर्ष निकाला कि इन 21 विधायकों के खिलाफ चल रही कार्यवाही समाप्त की जा सकती है.
इसके बाद अध्यक्ष ने उन 21 विधायकों की पूरी सूची पढ़कर सुनाई जिन्हें माफ कर दिया गया है: जी. हरि (तिरुत्तनी), एस.एम. सुकुमार (आरकोट), केसी वीरमणि (जोलारपेट), पी. बालकृष्णरेड्डी (होसुर), केपी अनबालागन (पलाकोडु), मरगथम वेत्रिवेल (पप्पिरेड्डीपट्टी), ढिलिपन जयशंकर (संकरणकोविल एससी), सीवी शनमुगम (मैलम), आर. राकेश (संकरपुरम), एस. शेखर (परमथी-वेलूर), एनएसएन नटराज (कंगयम), पी. हरिभास्कर (अंथियूर), एसपी वेलुमणि (थोंडमुथुर), के. रविमनोहरन (पलानी), नाथम आर. विश्वनाथन (नाथम), एमआर विजयभास्कर (करूर), लीमारोज मार्टिन (लालगुडी), के. मोहन (पनरुति), ए. अरुणमोझीथेवन (भुवनगिरि), आर. कामराज (नन्निलम), और सी. विजयबास्कर (विरालिमलाई).
बता दें कि हालिया तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में एआईएडीएमके ने 47 सीटें जीतीं, जबकि विजय के नेतृत्व वाली टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, हालांकि वह अपने दम पर बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई. इसके बाद टीवीके ने कांग्रेस, आईयूएमएल, वीसीके और वामपंथी दलों के समर्थन से सरकार बनाई.
राजनीतिक परिदृश्य में तब और बदलाव आया जब एआईएडीएमके के बागी विधायकों के एक समूह ने सत्तारूढ़ गठबंधन को समर्थन दे दिया, जिससे विपक्षी दल के भीतर संभावित विभाजन को लेकर अटकलें तेज हो गईं.
