स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में सुंदर पिचाई के संबोधन के दौरान छात्रों का वॉकआउट, लहराए फिलिस्तीनी झंडे

स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह के दौरान सुंदर पिचाई के संबोधन का विरोध करते हुए कई छात्रों ने कार्यक्रम का बहिष्कार करते हुए वॉकआउट किया. छात्रों ने बैनर लहराए और फ़िलिस्तीनी झंडा दिखाया. कई बैनरों में गूगल के प्रोजेक्ट निम्बस क्लाउड अनुबंध का उल्लेख था, जो इज़रायल सरकार के साथ किया गया है और जिसके तहत इज़रायली रक्षा मंत्रालय तथा अन्य सरकारी एजेंसियों को सेवाएं प्रदान की जाती हैं.

एक कार्यक्रम को संबोधित करते अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई. फाइल फोटो: (एपी/पीटीआई)

नई दिल्ली: अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में रविवार (14 जून) को आयोजित दीक्षांत समारोह के दौरान जब अल्फाबेट/गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई संबोधन देने के लिए मंच पर पहुंचे, तब कथित तौर पर करीब 200 छात्रों ने कार्यक्रम का बहिष्कार करते हुए वॉकआउट किया.

एसएफगेट की रिपोर्ट के अनुसार, दर्शक दीर्घा में मौजूद अन्य लोगों ने भी बैनर लहराए, सीटियां बजाईं और फिलिस्तीनी झंडे दिखाने के बाद भाषण के बीच में ही कार्यक्रम से बाहर निकल गए.

घटना के वीडियो में देखा जा सकता है कि दीक्षांत समारोह की पोशाक पहने छात्र फिलिस्तीनी झंडे लेकर और केफियेह (अरबी स्कार्फ) पहनकर कार्यक्रम से बाहर निकल रहे हैं.

ब्रेकथ्रू न्यूज के मुताबिक, ‘यह वॉकआउट स्टूडेंट्स फॉर जस्टिस इन पैलेस्टाइन और नो टेक फॉर अपार्थाइड द्वारा आयोजित किया गया था. इसका उद्देश्य इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ), अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग और इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (आईसीई) के साथ गूगल के अनुबंधों का विरोध करना था.’

कई बैनरों में गूगल के प्रोजेक्ट निम्बस का भी जिक्र था. यह क्लाउड सेवा से जुड़ा अनुबंध है, जिसे गूगल ने इजरायल सरकार के साथ किया है, और जिसके तहत इजरायल के रक्षा मंत्रालय तथा अन्य सरकारी एजेंसियों को सेवाएं प्रदान की जाती हैं.

कार्यक्रम के बाद बीबीसी के एक पत्रकार ने पिचाई से प्रदर्शनकारी छात्रों पर प्रतिक्रिया मांगा, लेकिन उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की.

हाल के वर्षों में विश्वविद्यालयों में भाषण देने पहुंचे कई प्रमुख टेक कंपनियों के प्रमुखों को छात्रों की हूटिंग का सामना करना पड़ा है, खासकर तब जब उन्होंने एआई का उल्लेख करते हुए उसे सकारात्मक बदलाव बताया और उसके इस्तेमाल को बढ़ावा देने की वकालत की. हालांकि, पिचाई ने अपने संबोधन में एआई का जिक्र नहीं किया था. उन्होंने अपने कॉलेज जीवन के अनुभवों और व्यक्तिगत जीवन पर बात की.