नई दिल्ली: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी. 2024 के आम चुनाव में लेबर पार्टी को ऐतिहासिक जीत दिलाकर सत्ता में लाने वाले स्टार्मर ने पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और हालिया चुनावी झटकों के बाद पद छोड़ने का फैसला किया. उनके इस्तीफे के साथ ही ब्रिटेन में पिछले 10 वर्षों के भीतर सातवें प्रधानमंत्री के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है.
भावुक संबोधन में स्टार्मर ने कहा कि वे तब तक प्रधानमंत्री बने रहेंगे, जब तक लेबर पार्टी नया नेता नहीं चुन लेती. पार्टी के नए नेता का चुनाव 9 जुलाई से शुरू होने वाली प्रक्रिया के तहत किया जाएगा और संसद के ग्रीष्मकालीन अवकाश से पहले इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
स्टार्मर ने कहा कि उनकी अपनी पार्टी अब यह सवाल उठा रही थी कि क्या वे अगले आम चुनाव तक पार्टी का नेतृत्व करने के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि संसदीय दल का जवाब उनके पक्ष में नहीं है और वे इस फैसले को सम्मानपूर्वक स्वीकार करते हैं.
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— Keir Starmer (@Keir_Starmer) June 22, 2026
क्यों बढ़ा इस्तीफे का दबाव?
पिछले महीने हुए स्थानीय निकाय चुनावों में लेबर पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ा था. पार्टी ने अपने नियंत्रण वाली बड़ी संख्या में सीटें गंवा दीं, जिसके बाद सांसदों और कार्यकर्ताओं के बीच नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज हो गई.
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम ने मेकरफील्ड संसदीय उपचुनाव में बड़ी जीत हासिल की. इस जीत ने उन्हें स्टार्मर के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में सबसे मजबूत दावेदार बना दिया. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसी जीत के बाद स्टार्मर के लिए पद पर बने रहना मुश्किल हो गया.
दो साल का मुश्किल कार्यकाल
63 वर्षीय स्टार्मर जुलाई 2024 में प्रधानमंत्री बने थे. उन्होंने लगभग 15 वर्षों के कंजरवेटिव शासन का अंत करते हुए लेबर पार्टी को भारी बहुमत दिलाया था. चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने आर्थिक सुधार, स्थिर शासन और मध्यमार्गी राजनीति का वादा किया था.
हालांकि सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार को आर्थिक सुस्ती, बढ़ती राजनीतिक असंतुष्टि और विदेश नीति से जुड़े विवादों का सामना करना पड़ा. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनके संबंध भी कई बार तनावपूर्ण रहे.
अब आगे क्या होगा?
लेबर पार्टी के नियमों के अनुसार, नेतृत्व चुनाव लड़ने के लिए किसी उम्मीदवार को कम-से-कम 81 लेबर सांसदों का समर्थन हासिल करना होगा. इसके बाद पार्टी सदस्य मतदान करेंगे और नया नेता चुना जाएगा. परंपरा के अनुसार लेबर पार्टी का नया नेता ही ब्रिटेन का अगला प्रधानमंत्री बनेगा.
फिलहाल एंडी बर्नहैम सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने भी नेतृत्व की दौड़ से हटते हुए बर्नहैम का समर्थन कर दिया है, जिससे उनकी दावेदारी और मजबूत हो गई है.
10 साल में सातवां प्रधानमंत्री
स्टार्मर का इस्तीफा ब्रिटेन में लगातार बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता को भी रेखांकित करता है. 2016 के बाद से देश में डेविड कैमरन, थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन, लिज ट्रस, ऋषि सुनक, किएर स्टार्मर और अब एक नए प्रधानमंत्री का दौर देखने को मिलेगा.
कैमरन ने ब्रेक्जिट जनमत संग्रह के बाद इस्तीफा दिया था, थेरेसा मे ब्रेक्जिट समझौते को संसद से मंजूरी न दिला पाने के कारण गईं, बोरिस जॉनसन घोटालों में घिरे, लिज ट्रस केवल 49 दिन में पद छोड़ने को मजबूर हुईं और ऋषि सुनक 2024 का चुनाव हार गए थे.
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या एंडी बर्नहैम लेबर पार्टी की कमान संभालते हैं या पार्टी के भीतर कोई और चेहरा उभरता है. लेकिन इतना तय है कि ब्रिटेन एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन के दौर में प्रवेश कर चुका है.
