भारत ने कराची हमले पर पाकिस्तान के आरोपों को ख़ारिज किया, कहा- बेहतर होगा अपने गिरेबां में झांके

कराची में एक सैन्य अड्डे पर हुए हमले में नई दिल्ली का हाथ होने के पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से ख़ारिज करते हुए भारत ने कहा है कि दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय पड़ोसी देश को अपने गिरेबां में झांकना चाहिए और अपनी ज़मीन पर मौजूद आतंकी ढांचे के ख़िलाफ़ ठोस कार्रवाई करनी चाहिए.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय ने रविवार (28 जून) को उन पाकिस्तानी रिपोर्ट्स को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया, जिनमें कराची में सिंध रेंजर्स के एक सैन्य अड्डे पर हाल ही में हुए हमले के साथ भारत का नाम जोड़ा गया था.

एक बयान में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि ‘पाकिस्तान के लिए बेहतर होगा कि वह अपने गिरेबां में झांके.’

रविवार को पाकिस्तान के आरोपों पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए जायसवाल ने कहा, ‘हमने कराची में हाल ही में हुई घटना को लेकर भारत पर पाकिस्तान के बेबुनियाद आरोप देखे हैं. हम उन्हें पूरी तरह से खारिज करते हैं. पाकिस्तान के लिए बेहतर होगा कि दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय वह अपने गिरेबान में झांके, अपनी ज़मीन पर मौजूद आतंकी ढांचे के ख़िलाफ़ ठोस कार्रवाई करे और सरकारी नीति के तौर पर आतंकवाद का सहारा लेने की अपनी आदत को छोड़े.’

इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि शनिवार (27 जून) को कराची में सिंध रेंजर्स के ठिकाने पर बम और बंदूक से हुए हमले में तीन पैरामिलिट्री जवान मारे गए और चार अन्य घायल हो गए हैं.

रॉयटर्स से बात करते हुए चश्मदीदों ने कहा कि उन्होंने एक ज़ोरदार धमाके की आवाज़ सुनी, जिसके बाद कई यूनिवर्सिटी और पाकिस्तान के मौसम विभाग के पास एक मुख्य सड़क पर गोलीबारी हुई.

इस घटना के बाद पाकिस्तानी सेना ने एक बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तानी तालिबान के गुट ‘जमात-उल-अहरार’ के चरमपंथियों ने कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में रेंजर्स कैंप के गेट पर एक धमाका किया और फिर सैनिकों पर गोलीबारी शुरू कर दी.