ऑपरेशन सिंदूर: शहीदों के अपमान का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने की रक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग

कांग्रेस ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के विषय में संसद में ‘झूठ बोलकर’ शहीदों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफ़े की मांग की है. पार्टी के ‘पूर्व सैनिक विभाग’ के प्रमुख कर्नल (सेवा.) रोहित चौधरी ने कहा कि रक्षा मंत्री के ख़िलाफ़ संसद में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया जाना चाहिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा को जनता से माफ़ी मांगनी चाहिए.

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कर्नल (सेवानिवृत्त) रोहित चौधरी. (फोटो साभार: सोशल मीडिया/एक्स)

नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह सैन्यकर्मियों के नाम सालभर से अधिक समय के बाद सामने लाने और राष्ट्रीय समर स्मारक में जोड़े जाने को लेकर प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली मोदी सरकार पर अपना हमला तेज़ कर दिया है.

द हिंदू की ख़बर के अनुसार, कांग्रेस ने सोमवार (29 जून) को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के इस्तीफ़े की मांग करते हुए उन पर संसद में ‘झूठ बोलने’ का आरोप लगाया.

उल्लेखनीय है कि 28 जुलाई 2025 को संसद सत्र के दौरान लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर हुई विशेष चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष से कहा था, ‘आपको सवाल पूछना है तो ये पूछिए कि इस ऑपरेशन में क्या हमारे जांबाज़ सैनिकों को कोई क्षति पहुंची है तो उसका उत्तर है नहीं.’

मालूम हो कि ऑपरेशन सिंदूर को पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 आम नागरिकों (जिनमें ज़्यादातर पर्यटक थे) की जान चली गई थी, की जवाबी कार्रवाई के तौर पर अंजाम दिया गया था. इसमें भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में आतंकवाद से जुड़ी नौ जगहों पर हमले किए थे; ये जगहें कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी थीं.

हालांकि, तब इस ऑपरेशन के दौरान जान गंवाने वाले जवानों के बारे में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई थी. लेकिन अब भारत सरकार ने इस ऑपरेशन के दौरान जान गंवाने वाले छह भारतीय सैनिकों के नाम आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक कर दिए हैं.

कांग्रेस ने राजनाथ सिंह पर संसद को गुमराह करने का आरोप लगाया

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के ‘पूर्व सैनिक विभाग’ के प्रमुख कर्नल (सेवानिवृत्त) रोहित चौधरी ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के विषय में संसद में ‘झूठ बोलकर’ शहीदों का अपमान किया है. उन्हें उचित सार्वजनिक पहचान और सम्मान से वंचित रखा है.

उन्होंने यह भी कहा कि रक्षा मंत्री के खिलाफ संसद में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाना चाहिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा को जनता से माफी मांगनी चाहिए.

वहीं, विंग कमांडर अनुमा आचार्य ने दावा किया कि पिछली सरकारों ने सर्वोच्च बलिदान देने वाले हर सैनिक को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया था. उन्होंने मौजूदा सरकार पर ‘सशस्त्र बलों का राजनीतिकरण’ करने का आरोप लगाया.

‘ऑपरेशन सिंदूर के शहीदों के नाम समर स्मारक तक पहुंचने में एक साल क्यों लग गए?’

उन्होंने आगे कहा, ‘मोदी सरकार, जो सेना और सैनिकों का राजनीतिकरण करती है, उसने बार-बार देश और सैनिकों के साथ धोखा किया है.’

कर्नल चौधरी ने भाजपा पर सशस्त्र बलों के नाम पर वोट मांगते समय ‘सैनिकों को प्रॉप्स (दिखावे की चीज़)’ की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, ‘जब राजनाथ सिंह संसद में झूठ बोल रहे थे कि किसी भी सैनिक की क्षति नहीं हुई है, तब भाजपा सांसद तालियां बजा रहे थे. इनमें से किसी को भी सदन में बैठने का हक नहीं है.’

चौधरी ने संवाददाताओं से कहा, ‘मोदी सरकार की बुनियाद झूठ पर टिकी है, उन्हें सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है. देश पूछ रहा है कि हमारे शहीद जवानों के नाम सामने आने में 13 महीने क्यों लग गए? यह राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है.’

उन्होंने पार्टी की मांगों को सामने रखते हुए कहा कि कांग्रेस पीएम मोदी और भाजपा सांसदों से राजनाथ सिंह के ‘झूठ’ का समर्थन करने के लिए सार्वजनिक रूप से माफ़ी की मांग करती है. इसके साथ ही अग्निवीर भर्ती योजना को रद्द करने की मांग दोहराती है.

कर्नल चौधरी ने कहा कि वे कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने का आग्रह करेंगे.

केंद्र ने राजनाथ सिंह के भाषण को लेकर सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों को गलत बताया

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि देश ने शहीद हुए जवानों को ‘सबसे पहले मौका मिलते ही’ श्रद्धांजलि दी थी और उनकी याद का सम्मान पूरी गरिमा और श्रद्धा के साथ किया गया है.

इस संबंध में रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है, ‘कुछ सोशल मीडिया पोस्टों में 28 जुलाई 2025 को संसद में रक्षा मंत्री द्वारा दिए गए भाषण को गलत तरीक़े से पेश करने की कोशिश की गई है. इन पोस्टों में भाषण के एक छोटे से हिस्से को चुनकर यह झूठा दावा किया गया है कि रक्षा मंत्री ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भी भारतीय सैनिक की मौत नहीं हुई. यह दावा जानबूझकर भ्रामक तरीके से पेश किया गया है और पूरी तरह तथ्यात्मक रूप से गलत है.’

उधर, रक्षा मंत्रालय का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट में मंत्री की बातों को संदर्भ से अलग करके गलत तरीके से पेश किया गया था.