ईडी ने टीएमसी के बैंक खाते फ्रीज किए, पार्टी बोली- राजनीति से प्रेरित एजेंसी की कार्रवाई

ईडी पीएमएलए के तहत टीएमसी और केयरवेल एविएशन के बीच कथित वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है, जिसे लेकर पार्टी के कई बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं. इस कार्रवाई की निंदा करते हुए टीएमसी ने कहा है कि उसने अपने सभी वित्तीय लेन-देन की पूरी जानकारी दी है और एजेंसी का यह क़दम राजनीति से प्रेरित है.

11 मई, 2026 को कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय के दफ़्तर के बाहर पहरा देते सुरक्षाकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बुधवार (8 जुलाई) को एक आधिकारिक बयान जारी कर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पार्टी के कई बैंक खातों को फ्रीज करने की निंदा की.

बयान में ईडी की कार्रवाई को ‘राजनीति से प्रेरित’ और ‘गैर-कानूनी’ बताया गया है.

यह बयान केंद्रीय एजेंसी द्वारा एचडीएफसी बैंक में मौजूद टीएमसी के बैंक खातों (जिनमें लगभग 440 करोड़ रुपये थे) तक पार्टी की पहुंच रोकने की पुष्टि करने के कुछ घंटों बाद जारी किया गया.

ईडी ने पुष्टि की कि वह मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी कानून (पीएमएलए) के तहत टीएमसी और केयरवेल एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के बीच कथित वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है. एजेंसी ने कहा कि यह जांच पश्चिम बंगाल साइबर पुलिस द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर पर आधारित है.

इस संबंध में ईडी के बयान में कहा गया है, ‘पश्चिम बंगाल के बिधाननगर की साइबर पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर पीएमएलए कानून के तहत जांच के सिलसिले में तलाशी ली गई. यह मामला कथित तौर पर बेईमानी से किए गए वित्तीय लेन-देन, गैर-कानूनी तरीके से पैसे एकत्र करने और टीएमसी के कुछ बैंक खातों के ज़रिए संदिग्ध फंड को इधर-उधर करने से जुड़ा है.’

इससे पहले मंगलवार को ‘द वायर’ ने इस जांच और उस आरोप के बारे में अपनी रिपोर्ट में बताया था कि पार्टी ने अपने फंड का इस्तेमाल 112 करोड़ रुपये में एक एम्ब्रेयर लिगेसी 600 एयरक्राफ्ट और एक अगस्ता 109SP (ग्रैंड न्यू) हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए किया था, जिन्हें बाद में टीएमसी ने खुद ही लीज़ पर ले लिया था, और इस लेन-देन में एक तीसरी कंपनी भी शामिल थी.

ईडी का बयान

ईडी का आरोप है कि टीएमसी ने केयरवेल एविएशन प्राइेवट लिमिटेड और उससे जुड़ी एक कंपनी को 160 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए. ईडी का कहना है कि केयरवेल एविएशन ने 82.96 करोड़ रुपये एक नई बनी संबंधित कंपनी को ट्रांसफर किए. उस कंपनी ने एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर खरीदे. इसके बाद दोनों एयरक्राफ्ट टीएमसी को लीज़ पर दे दिए गए.

ईडी के बयान में कहा गया, ‘जांच से पता चला है कि टीएमसी के बैंक अकाउंट से केयरवेल एविएशन प्राइेवट लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनी को लगभग 160 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए, जो ज़्यादातर अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच किए गए.’

बयान में यह भी कहा गया कि केयरवेल एविएशन ने 82.96 करोड़ रुपये एक नई कंपनी को ट्रांसफर किए, जिसने एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर खरीदे थे.

बयान में आरोप लगाया गया है कि हेलीकॉप्टर और हवाई जहाज़ के लिए पैसे जुटाने के मकसद से 2023 में केमैन आइलैंड्स (एक टैक्स हेवन) की एक कंपनी के ज़रिए 1.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर का बिना गारंटी वाला लोन भी लिया गया था. लेन-देन का यही हिस्सा है जिस पर जांच एजेंसी का ध्यान गया है.

बयान के मुताबिक, केमैन आइलैंड्स में मौजूद एक तीसरी पार्टी से जुड़ी यह व्यवस्था ‘संदिग्ध’ है और जांच से ही इसके ‘असली मकसद’ का पता चलेगा.

दूसरे शब्दों में कहें तो, जांच इस बात पर केंद्रित होगी कि टीएमसी द्वारा केयरवेल एविएशन को हस्तांतरित राशि को विमान और हेलीकॉप्टर के अधिग्रहण और फिर एआईटीसी को पट्टे पर दिए जाने से पहले किसी अन्य कंपनी के माध्यम से क्यों भेजा गया.

उल्लेखनीय है कि पीएमएलए, 2002 की धारा 17(1ए) के अनुसार, यदि ईडी को लगता है कि संपत्ति या खाते अपराध की आय से जुड़े हैं या मनी लॉन्ड्रिंग जांच से संबंधित हैं, तो वह उन्हें फ्रीज कर सकती है.

टीएमसी का जवाब: ‘राजनीति से प्रेरित’

टीएमसी ने कहा कि उसके बैंक खातों में मौजूद सभी फंड की जानकारी ‘पूरी तरह और पारदर्शिता के साथ’ दी गई है. पार्टी ने चंदे से जुड़े सभी लेन-देन की जानकारी भारतीय चुनाव आयोग और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को सही तरीके से दी है. ये जानकारियां हर साल निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाती हैं और आम लोगों के लिए उपलब्ध रहती हैं.

पार्टी ने चुनावी बॉन्ड का भी ज़िक्र किया और कहा कि उनकी जानकारी भी भारत सरकार के पास थी. पार्टी ने बताया कि ये बॉन्ड स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने जारी किए थे और बाद में इनकी जानकारी सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी गई थी.

ईडी के इस कदम को सत्ता का दुरुपयोग बताते हुए टीएमसी ने कहा, ‘पार्टी के बैंक खाते फ्रीज करने का ईडी का फैसला राजनीतिक मकसद से प्रेरित है. हम इस मनमाने और गैर-कानूनी कदम की कड़ी निंदा करते हैं.’

पार्टी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी अपने राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का लगातार इस्तेमाल कर रही है. पार्टी ने इस ताज़ा कार्रवाई को ‘लोकतांत्रिक संस्थाओं और समान अवसर के सिद्धांतों पर गंभीर हमला’ बताया.

इस बयान में ईडी के उन आरोपों का सीधे तौर पर ज़िक्र नहीं किया गया, जिनमें कहा गया था कि केयरवेल एविएशन को फंड ट्रांसफर किए गए थे या टीएमसी ने एक एयरक्राफ़्ट और हेलिकॉप्टर खरीदा और फिर उसे लीज़ पर लिया था.

गौरतलब है कि ईडी ने केयरवेल एविएशन से जुड़ी कार्रवाई पर अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है. एजेंसी का कहना है कि जांच अभी जारी है.