पंजाब पुलिसवाला, बिश्नोई, ‘जॉन विक’, और ‘जय श्री राम’: कौन हैं ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ में शामिल 37 लोग

अमेरिका के ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ में ऐसे गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों के नाम और उनकी कथित भूमिकाओं का उल्लेख किया गया है, जिन पर हथियार बेचने, लोगों से उगाही करने, ड्रग तस्करी और ट्रांसपोर्टेशन सहित कई अन्य अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं– ऐसा दावा किया गया है कि इनमें से कुछ ने तो भारत की सबसे सुरक्षित जेलों के अंदर से ही इन सब कामों को अंजाम दिया है.

अमेरिका में दायर आरोपों में जिन लोगों के नाम शामिल हैं, उनमें लॉरेंस बिश्नोई, गुरिंदरजीत सिंह, जग्गू भगवानपुरिया और गोल्डी बरार शामिल हैं. आरोपों से जुड़ी तस्वीरों में ड्रग्स की एक खेप और तीन लोग एक ऐसे व्यक्ति को ले जाते हुए दिख रहे हैं, जिसका चेहरा धुंधला कर दिया गया है.

नई दिल्ली: एक भ्रष्ट पुलिस इंस्पेक्टर, जिसने पैसे न देने पर एक बेगुनाह व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाने की धमकी दी, एक दोस्त जो बाद में दुश्मन बन गया, एक व्यक्ति जिसने इमिग्रेशन सेंटर में हिरासत में रहते हुए किसी को धमकी दी, धमकी देने के लिए सिग्नल ऐप का माहिर यूजर और एक ऐसा शख्स जो खुद को ‘रोलेक्स’ कहलाना पसंद करता था.

अमेरिका द्वारा जारी किए गए आरोप पत्र- ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ में ऐसे गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों के नाम और उनकी कथित भूमिकाओं का उल्लेख किया गया है, जिन पर हथियार बेचने, लोगों से उगाही करने, ड्रग तस्करी और ट्रांसपोर्टेशन सहित कई अन्य अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं– इनमें से कुछ ने तो भारत की सबसे सुरक्षित जेलों के अंदर से ही ये सब किया.

यहां उन 37 लोगों के नाम और उनकी कथित भूमिकाएं दी गई हैं

पहला आरोप पत्र

1. लॉरेंस बिश्नोई

आरोप पत्र में सबसे चर्चित नामों में से एक लॉरेंस बिश्नोई है. 33 साल के बिश्नोई को एक ऐसे गैंगस्टर के तौर पर बताया गया है जो कई महाद्वीपों में फैले एक बड़े आपराधिक नेटवर्क को चलाता रहा है.

मालूम हो कि फ़िलहाल बिश्नोई गुजरात के साबरमती सेंट्रल जेल में बंद है.

आरोप पत्र में कहा गया है कि बिश्नोई ने सोशल मीडिया पोस्ट और समाचार संगठनों को दिए इंटरव्यू के ज़रिए खुद को एक ‘देशभक्त’, ‘राष्ट्रवादी’ और बेहद धार्मिक व्यक्ति के तौर पर पेश किया है. इसमें कहा गया है कि उसने इस सार्वजनिक छवि का इस्तेमाल भारत, अमेरिका और अन्य जगहों पर अपने आपराधिक गिरोह के लिए नए सदस्य और सहयोगी भर्ती करने में किया, और कई महाद्वीपों में फैले एक बड़े आपराधिक नेटवर्क को चलाया.

आरोप पत्र में कहा गया है कि जेल में तस्करी कर पहुंचाए गए मोबाइल फोन और अन्य वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (VoIP) उपकरणों का उपयोग कर बिश्नोई ने व्यक्तिगत रूप से अपने गिरोह के सदस्यों और सहयोगियों द्वारा दुनिया भर में किए गए राजनीतिक हत्याओं, हत्याओं, गोलीबारी, उगाही, अपहरण, ड्रग तस्करी, मानव तस्करी और अन्य अपराधों का निर्देश दिया.

आरोप पत्र में यह भी कहा गया है कि जून 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश देने वालों में बिश्नोई का नाम शामिल है.

सितंबर 2025 में कनाडा सरकार ने बिश्नोई के आपराधिक नेटवर्क को आतंकवादी संगठन घोषित किया था.

भारत में बिश्नोई को वर्ष 2022 में गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश रचने और काले हिरण के शिकार को लेकर अभिनेता सलमान खान को धमकियां देने के लिए जाना जाता है. बिश्नोई समुदाय काले हिरण को पवित्र मानता है.

2. सतिंदरजीत सिंह

आरोप पत्र के अनुसार, सतिंदरजीत सिंह, जो भारत में ‘गोल्डी बरार’ के नाम से ज्यादा जाना जाता है, बिश्नोई संगठित आपराधिक गिरोह (Bishnoi Organised Criminal Gang) के रोजमर्रा के कामकाज संभालने में मदद करता था.

32 वर्षीय सिंह, जो बिश्नोई का बचपन का दोस्त है, आरोप पत्र में बिश्नोई नेटवर्क के उत्तरी अमेरिका प्रमुख है. उसे उन ‘भरोसेमंद सहयोगियों और क्षेत्रीय नेताओं’ में से बताया गया है, जिन्हें बिश्नोई ने संगठन की जिम्मेदारी सौंपी थी.

आरोप पत्र के अनुसार, बरार असल में बिश्नोई की ओर से बात करता था और अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों में गिरोह के सदस्यों और सहयोगियों द्वारा की जाने वाली हिंसक वारदातों का निर्देशन करने में मदद करता था.

बिश्नोई की तरह ही, जून 2023 में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश देने के आरोप में गोल्डी बरार का भी नाम आरोप पत्र में शामिल है.

भारत में बरार के खिलाफ अन्य मामलों के अलावा सिद्धू मूसेवाला हत्या प्रकरण में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत भी केस दर्ज हैं.

3. रोहित गोदारा

राजस्थान के 37 वर्षीय रोहित गोदारा को आरोप पत्र में बिश्नोई नेटवर्क का यूरोप प्रमुख बताया गया है.

आरोप पत्र के अनुसार, गोदारा ने गोल्डी बरार के साथ मिलकर बिश्नोई के प्रमुख सहयोगी के रूप में काम किया और लक्षित हत्याओं, गोलीबारी, अपहरण, लोगों को गंभीर रूप से घायल करने, मारपीट, उगाही और ड्रग तस्करी जैसी गतिविधियों का निर्देश दिया.

गोदारा के अन्य नाम ‘गुरु’, ‘जय श्री राम’, ‘रावता राम’, ‘रावता दास’ और ‘पवन कुमार’ बताए गए हैं.

गोदारा पर जिन अलग-अलग मामलों में आरोप लगाए गए हैं, उनमें स्टॉकटन में सुनील यादव की हत्या की जिम्मेदारी लेने वाली सोशल मीडिया पोस्ट और एक अंडरकवर मुखबिर से जबरन वसूली की साज़िश (बिना यह जाने कि वह मुखबिर है) शामिल हैं.

वर्ष 2023 में न्यूज़लॉन्ड्री में प्रकाशित गोदारा की एक प्रोफाइल रिपोर्ट, जिसमें उसके साधारण जीवन और मोबाइल फोन तकनीशियन के रूप में शुरुआती दिनों का जिक्र किया गया था.

इसमें कहा गया था कि विदेश भागने से पहले वह आरएसएस से जुड़े संगठनों द्वारा बीकानेर और जोधपुर में आयोजित हिंदू नववर्ष रैलियों में शामिल हुआ था. हालांकि, बीकानेर रैली आयोजित करने वाले आरएसएस से संबद्ध हिंदू जागरण मंच के पूर्व संयोजक जेठानंद व्यास ने दावा किया था कि गोदारा को कोई निमंत्रण नहीं दिया गया था और वह अपनी मर्जी से उसमें शामिल हुआ था.

4. सुखराज सिंह कांग

58 वर्षीय सुखराज सिंह कांग को आरोप पत्र में भारत में मौजूद बिश्नोई संगठित आपराधिक गिरोह का एक वरिष्ठ सहयोगी (हाई-लेवल लेफ्टिनेंट) बताया गया है. उसके बारे में आरोप है कि वह अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों में गिरोह के सदस्यों द्वारा की जाने वाली हिंसक वारदातों, जिनमें लक्षित हत्याएं, गोलीबारी, अपहरण, लोगों को गंभीर रूप से घायल करना और मारपीट शामिल हैं,  को निर्देशित और समन्वय करता था.

आरोप पत्र के अनुसार, कांग, बिश्नोई, गोल्डी बरार और रोहित गोदारा के साथ मिलकर अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और अन्य देशों में उगाही के लिए लोगों की पहचान करता था. इनमें खास तौर पर भारतीय मूल के समुदायों के जाने-माने सांस्कृतिक, राजनीतिक और कारोबारी नेता शामिल थे.

आरोप पत्र में यह भी कहा गया है कि कांग अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर उगाही के संभावित लक्ष्यों की जानकारी एकत्र करता था और प्रतिबंधित मादक पदार्थों ड्रग्स) के ट्रांसपोर्टेशन की निगरानी और प्रबंधन करता था. इसमें कैलिफोर्निया के फॉन्टाना में 49 किलोग्राम कोकीन की खेप का प्रबंधन भी शामिल था.

आरोप पत्र के अनुसार, कांग ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए काम कर रहे गोपनीय मुखबिर (Confidential Informant) ‘सीआई-1’ से कई बार बातचीत की और उसे भरोसा दिलाया कि वे अंडरकवर एजेंट ‘यूसी-1’ से पैसे वसूल लेंगे.

5. ‘भुलवान’

जिस व्यक्ति का उपनाम ‘भुलवान’ बताया गया है, उसे आरोप पत्र में ‘FNU LNU’ श्रेणी में रखा गया है. इसका अर्थ है ‘पहला नाम अज्ञात, अंतिम नाम अज्ञात’.

आरोप पत्र के अनुसार, भुलवान बिश्नोई संगठित आपराधिक गिरोह (ओसीजी) का सदस्य या सहयोगी है. उस पर आरोप है कि वह रंगदारी वसूली (रैकेटियरिंग) की गतिविधियां संचालित करता था, उगाही के लिए चुने गए लोगों से संपर्क करता था, उन्हें और उनके परिवारों को धमकाता था.

आरोप पत्र में कहा गया है कि भुलवान ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर सिग्नल ऐप के जरिए कई बार ‘यूसी-1’ से बातचीत की. इस दौरान उसने कथित तौर पर यूसी-1 को हजारों अमेरिकी डॉलर की कई किश्तों में भुगतान करने का निर्देश दिया और अक्सर पंजाबी भाषा में उसे धमकियां दीं.

भुलवान उन गिरोह के सदस्यों में भी शामिल था, जिन्होंने ब्रिटेन की एक ट्रकिंग कंपनी के मालिक ‘एसएस’ से संपर्क कर उसे 2,50,000 ब्रिटिश पाउंड देने का आदेश दिया.

6.‘राजन भट्टी’

जिस व्यक्ति का उपनाम ‘राजन भट्टी’ बताया गया है, उसे भी FNU LNU श्रेणी में रखा गया है. वह ‘विक्टर’, ‘काला’ और ‘वंकित’ नामों से भी काम करता था.

बिश्नोई संगठित आपराधिक गिरोह के सदस्य भट्टी पर अपने सह-आरोपियों की तरह गिरोह की हिंसक गतिविधियों और उगाही में शामिल होने का आरोप है.

भट्टी को वर्ष 2024 में पंजाब स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी), मोहाली ने गिरफ्तार किया था. उस समय की एक रिपोर्ट में उसे कनाडा स्थित आतंकवादी लखबीर सिंह उर्फ लांडा का सहयोगी बताया गया था. आरोप है कि भट्टी ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया था कि नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में रहने के दौरान उसका संपर्क पंजाब के ड्रग तस्करों से हुआ था.

आरोप पत्र से पता चलता है कि 2025 तक भट्टी कथित तौर पर बाहर था और वॉट्सऐप के जरिए यूसी-1 से संपर्क में था. आरोप है कि उसने मैसेज और वॉयस नोट भेजकर बड़ी रकम की मांग की और भुगतान न करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी.

7. ‘सुमित’

बिश्नोई गिरोह का यह सदस्य भी FNU LNU (जिसका पूरा नाम पता नहीं है) श्रेणी में रखा गया है. आरोप पत्र के अनुसार, उसकी भूमिका भी मुख्य रूप से उगाही से जुड़ी थी.

सुमित ने भी सिग्नल पर यूसी-1 से बातचीत की और उसे गलतफहमी थी कि वह उससे वसूली कर रहा है.

8. ‘कमल’

आरोप पत्र में ‘बिना पूरे नाम वाले कमल’ (No Name Given Kamal) के रूप में उल्लेखित इस सदस्य के बारे में कहा गया है कि वह बिश्नोई गिरोह की ओर से उगाही की रकम वसूल करता था.

कमल, बिश्नोई गिरोह को मिलने वाले फंड (जिसमें वसूली और ड्रग तस्करी से मिला पैसा शामिल है) को गिरोह के दूसरे सदस्यों और साथियों तक पहुंचाने में मदद करता था, जिसमें भारत में मौजूद सदस्य भी शामिल थे.

उदाहरण के तौर पर, 29 मई 2025 को कमल ने कैलिफोर्निया के रिवरसाइड स्थित एक पार्किंग स्थल पर बिश्नोई गिरोह की ओर से 15,000 अमेरिकी डॉलर की उगाही की रकम ली.

9. केस्तुतिस बाउज़ा (Kestutis Bauza)

आरोप पत्र के अनुसार, केस्तुतिस बाउज़ा कमल के साथ मिलकर बिश्नोई गिरोह की ओर से उगाही की रकम वसूलता था.

अप्रैल 2025 में बाउज़ा ने कैलिफोर्निया के कॉमर्स स्थित एक पार्किंग स्थल पर यूसी-1 की ओर से भेजे गए एक कूरियर से 20,000 अमेरिकी डॉलर की उगाही की रकम ली.

दूसरा आरोप पत्र

  1. जग्गू भगवानपुरिया

पंजाब के 38 वर्षीय जग्गू भगवानपुरिया एक गैंगस्टर है, जो वर्तमान में असम की सिलचर सेंट्रल जेल में बंद है.

आरोप पत्र के अनुसार, भगवानपुरिया पहले लॉरेंस बिश्नोई का सहयोगी था, लेकिन बाद में उसका प्रतिद्वंद्वी बन गया और उसने पंजाब में अपना अलग आपराधिक नेटवर्क स्थापित किया.

भगवानपुरिया गैंग एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोह के तौर पर काम करता है, जिसका मुख्यालय भारत में है और इसके सदस्य अमेरिका, कनाडा ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड सहित कई देशों में सक्रिय हैं.

इस गिरोह के दुनिया भर में 1,000 से अधिक सदस्य और सहयोगी हैं, जिनमें से 100 से अधिक अकेले अमेरिका में मौजूद बताए गए हैं.

खास बात यह है कि आरोप पत्र में कहा गया है कि अपनी ताकत बढ़ाने के लिए इस गिरोह ने भारत में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के कुछ अधिकारियों को भ्रष्ट बनाया और भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया, जिसमें वसूली के कामों में मदद लेना भी शामिल है.

आरोप है कि इनकी मदद से उगाही की योजनाओं को अंजाम दिया गया और कथित अपराधों के संबंध में भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को झूठी जानकारी भी उपलब्ध कराई गई.

2. गुरलाल सिंह

गुरलाल सिंह को ‘गुरलाल रुडियाना’ और ‘गुल्लू’ के नाम से भी जाना जाता है.

आरोप पत्र के अनुसार, 22 वर्षीय गुरलाल सिंह भारत से अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने के बाद कैलिफोर्निया के स्टॉकटन में रह रहा था. आरोप है कि वह भगवानपुरिया संगठित आपराधिक गिरोह के लिए सेमी-ऑटोमैटिक राइफलें, मशीन गन और पिस्तौल सहित विभिन्न हथियार बेचता था.

आरोप पत्र में दावा किया गया है कि गुरलाल ने एक व्यक्ति को धमकी देने के बाद उसका नाम पंजाब के कथित भ्रष्ट पुलिस अधिकारी गुरिंदरजीत सिंह को दे दिया. इसके परिणामस्वरूप उस व्यक्ति, उसके पिता और उसकी बहन को भारत में जनवरी 2026 में बलविंदर सिंह की हत्या के मामले में झूठा आरोपी बना दिया गया.

नीचे दिए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट में गिरोह के दूसरे सदस्य गुरदेव सिंह उर्फ ‘जस्सल चंबल’ ने बलविंदर सिंह की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था.

इस वजह से भ्रष्ट पुलिसकर्मी गुरिंदरजीत सिंह ने उस लंबित हत्या केस के सिलसिले में पीड़ित और उसके पिता से जबरन वसूली भी की.

3. साहिबदीप सिंह

आरोप पत्र के अनुसार, साहिबदीप सिंह, जिसे ‘अनमोल’ के नाम से भी जाना जाता है, भगवानपुरिया गिरोह के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से हथियार बेचता था. इसके अलावा वह बड़ी मात्रा में कोकीन और हेरोइन की खेप को एकत्र करने, सुरक्षित रखने, ट्रांसपोर्ट करने और डिलीवर करने में अहम भूमिका निभाता था.

आरोप पत्र के अनुसार, 1 जून 2025 को गुरप्रीत सिंह उर्फ ‘हरमन’ ने साहिबदीप को लॉस एंजिल्स इलाके में लगभग 100 किलोग्राम कोकीन लेने, स्टोर करने और ट्रांसपोर्ट करने का काम सौंपा था.

साहिबदीप हथियारों की बिक्री से जुड़े अभियानों में भी शामिल था.

4. अमृतपाल सिंह बाल

आरोप पत्र के अनुसार, 32 वर्षीय अमृतपाल सिंह, जिसे ‘बाल’ के नाम से भी जाना जाता है, ने अन्य लोगों के साथ मिलकर जानबूझकर कम-से-कम पांच किलोग्राम कोकीन युक्त मिश्रण रखने और बांटने की साजिश रची.

5. गुरिंदरजीत सिंह

गुरिंदरजीत सिंह, जिसे ‘गुरिंदरजीत सिंह नागरा’, ‘गुरिंदर जीत सिंह’ और ‘राजिंदर सिंह’ के नाम से भी जाना जाता है, एक पुलिस अधिकारी है.

आरोप पत्र के अनुसार, उसने भगवानपुरिया गिरोह के सदस्य गुरलाल सिंह से बातचीत के बाद बलविंदर सिंह के एक करीबी व्यक्ति को उसकी हत्या के मामले में आरोपी बनाने पर सहमति जताई थी. उस पर यह भी आरोप है कि अगर लोग उसे पैसे नहीं देते थे, तो वह उन्हें आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी देता था.

आरोप पत्र के अनुसार, 24 मई 2026 को गुरिंदरजीत सिंह ने पंजाब में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया और कथित तौर पर बलविंदर सिंह की मौत में अन्य लोगों की भूमिका को लेकर झूठे बयान दिए.

पंजाब पुलिस ने बताया है कि इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा अभी होशियारपुर जिले के थाना टांडा में थाना प्रभारी (एसएचओ) के पद पर तैनात हैं.

हालांकि, अब गुरिंदरजीत का तबादला कर उन्हें पुलिस लाइंस, होशियारपुर भेज दिया गया है.

6. नितीश कौशल

26 वर्षीय नितीश कौशल, जिसे ‘लाला’ के नाम से भी जाना जाता है, आरोप पत्र में भगवानपुरिया गिरोह का सदस्य या सहयोगी बताया गया है.

7. गुरप्रीत सिंह ‘हरमन’

आरोप पत्र के अनुसार, वर्ष 2024 में गुरप्रीत सिंह उर्फ ‘हरमन’ ने सीआई-1 (गोपनीय मुखबिर) को लगभग 5.02 किलोग्राम कोकीन युक्त मिश्रण 45,000 अमेरिकी डॉलर में बेचा था.

आरोप पत्र में कहा गया है कि उसने यह काम अमृतपाल सिंह बाल के कहने पर किया था.

8. हर्षप्रीत सिंह

आरोप पत्र के अनुसार, हर्षप्रीत सिंह भगवानपुरिया संगठित आपराधिक गिरोह (ओसीजी) की ओर से हिंसक वारदातों को अंजाम देता था. इनमें अपहरण और मारपीट जैसी घटनाएं शामिल थीं, लेकिन इन्हीं तक सीमित नहीं थीं.

आरोप है कि कैलिफोर्निया के मंटेका स्थित एक मकान में चोरी हुई मादक पदार्थों की खेप के विवाद को लेकर उसने अमृतपाल सिंह बाल के कहने पर ‘पीड़ित-1’ (Victim 1) के रूप में पहचाने गए व्यक्ति को बंधक बनाकर रखा.

9. अमरबीर सिंह

आरोप पत्र के अनुसार, अमरबीर सिंह भी उस समूह का सदस्य था जिसने ऊपर बताए गए ‘पीड़ित-1’ को बंधक बनाकर रखा था.

बाल, कौशल और अमरबीर सिंह ‘विक्टिम 1’ को मंटेका, कैलिफ़ोर्निया से फ्रेस्नो, कैलिफ़ोर्निया के एक अपार्टमेंट में ले जा रहे हैं. (फोटो: US DoJ का आरोप पत्र)

10. मनदीप कौर

आरोप पत्र के अनुसार, मनदीप कौर, जिसे ‘चीमा’ के नाम से भी जाना जाता है, ने 22 मई 2025 को कैलिफोर्निया के लॉस एंजिल्स से इंडियाना के इंडियानापोलिस तक लगभग 80 से 100 किलोग्राम कोकीन पहुंचाने पर सहमति जताई थी. इसके लिए उसे प्रति किलोग्राम 500 अमेरिकी डॉलर दिए जाने थे.

आरोप पत्र में कहा गया है कि 3 जून 2025 से 5 जून 2025 के बीच मनदीप ने एक लंबी दूरी के सेमी-ट्रक के माध्यम से कैलिफोर्निया के बार्स्टो से इंडियाना के ग्रीनफील्ड तक लगभग 99.2 किलोग्राम कोकीन युक्त मिश्रण और लगभग एक किलोग्राम हेरोइन पहुंचाई थी.

11. लुइस एंजेल सालास-पुएब्ला

आरोप पत्र के अनुसार, लुइस एंजेल सालास-पुएब्ला पर भगवानपुरिया गिरोह के सदस्यों और सहयोगियों के साथ मिलकर कम-से-कम पांच किलोग्राम कोकीन युक्त मिश्रण और एक किलोग्राम हेरोइन युक्त मिश्रण सहित प्रतिबंधित मादक पदार्थों को जानबूझकर रखने और बांटने की साजिश रचने का आरोप है.

12. मिगुएल एंजेल ऑर्टिज़ III

मिगुएल एंजेल ऑर्टिज़ III, जिसे ‘विक्टर’ के नाम से भी जाना जाता है, पर भी भगवानपुरिया गिरोह के अन्य सदस्यों और सहयोगियों के साथ मिलकर प्रतिबंधित मादक पदार्थों के वितरण और रखने की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है.

13. गुरदेव सिंह

आरोप पत्र के अनुसार, भगवानपुरिया गिरोह के 26 वर्षीय सदस्य गुरदेव सिंह पर आरोप है कि आईसीई हिरासत में रहते हुए भी उसने अमेरिका के मिडवेस्ट क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार से उगाही करने की कोशिश की. आरोप है कि उसने उन्हें यह धमकी भी दी कि ‘तुम्हारे बच्चों को गोलियां मार दूंगा.’

आरोप पत्र के अनुसार, गुरदेव ने कथित तौर पर कहा, ‘अपने परिवार को बचा लो, ठीक है. अब मेरी बात सुनो. मेरे गिरोह ने पहले भी तुमसे पैसे मांगे थे और अब कई दूसरे गिरोह भी पैसे मांगेंगे. मैं सबको कहूंगा कि तुम्हारी ऐसी-तैसी करें. अब मेरे भाई, मजबूत रहो, ठीक है. अब हम तुमसे पैसे वसूलेंगे. अब यह 15 लाख नहीं, बल्कि 50 लाख रुपये होंगे. पहले हमने तुमसे 15 लाख पर बात की थी, लेकिन अब हम 50 लाख रुपये वसूलेंगे.’

गुरदेव को ‘जस्सल चंबल’ के नाम से भी जाना जाता है.

आरोप पत्र के अनुसार, भारत में बलविंदर सिंह की हत्या की जिम्मेदारी लेने में गुरदेव की महत्वपूर्ण भूमिका थी और हत्या की जिम्मेदारी लेने वाली इंस्टाग्राम पोस्ट की योजना बनाने वाली टीम में भी वह शामिल था.

उस पर ओहायो के एक कारोबारी से उगाही की कोशिश करने का भी आरोप है.

14. गरिंदर देव

40 वर्षीय गरिंदर देव, जिसे ‘डॉक्टर’, ‘रॉकेट’ और ‘रिट्ज कार्लटन’ के नाम से भी जाना जाता है, कनाडा के वैंकूवर में रहता है.

हालांकि, आरोप पत्र में उसे भगवानपुरिया गिरोह का सदस्य या सहयोगी नहीं बताया गया है, लेकिन उस पर आरोप है कि उन्होंने भारी मात्रा में कोकीन और हेरोइन खरीदकर इस ग्रुप को अमीर बनाने में मदद की थी. इन ड्रग्स को भगवानपुरिया गिरोह के सदस्यों और सहयोगियों की मदद से दक्षिणी कैलिफ़ोर्निया से पूर्वी अमेरिका भेजा जाता था.

आरोप पत्र में जून 2025 की उस खेप का भी उल्लेख है, जिसमें 99.2 किलोग्राम कोकीन और एक किलोग्राम हेरोइन भेजने की कोशिश की गई थी, लेकिन कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने उसे बीच में ही पकड़ लिया.

15. गुरप्रीत सिंह

यह गुरप्रीत सिंह, पहले उल्लेख किए गए गुरप्रीत ‘हरमन’ सिंह से अलग आरोपी है.

आरोप पत्र के अनुसार, 26 जून 2024 को अमृतपाल सिंह बाल के कहने पर इस गुरप्रीत सिंह ने एक गोपनीय मुखबिर (सीआई-1) को लगभग 5.02 किलोग्राम कोकीन युक्त मिश्रण 45,000 अमेरिकी डॉलर में बेचा और बाद में इस बिक्री से प्राप्त 45,000 डॉलर की राशि इकट्ठा करके पहुंचाया था.

उस पर बाल के साथ मिलकर कम से कम पांच किलोग्राम कोकीन से जुड़ी साज़िश रचने का आरोप है, और आरोप पत्र में कहा गया है कि वह ग्रुप की ओर से कोकीन की बिक्री से मिलने वाली रकम को इकट्ठा करता था और पहुंचाता था.

16. हरदीप सिंह

आरोप पत्र के अनुसार, 30 वर्षीय हरदीप सिंह भगवानपुरिया गिरोह के लिए साहिबदीप सिंह के साथ मिलकर बड़ी मात्रा में कोकीन और मेथामफेटामिन इकट्ठा करने, ले जाने और उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने का काम करता था.

आरोप है कि जून 2025 में दोनों ने कैलिफोर्निया के बार्स्टो में मनदीप कौर को कोकीन और हेरोइन की खेप सौंपी थी, जिसे बाद में इंडियाना ले जाया जाना था.

17. मेजर सिंह

आरोप पत्र के अनुसार, मेजर सिंह पर गुरलाल सिंह और साहिबदीप सिंह के साथ मिलकर भगवानपुरिया गिरोह के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से हथियार बेचने का आरोप है.

आरोप पत्र में कहा गया है कि इस समूह ने एक गोपनीय मुखबिर को सेमी-ऑटोमैटिक राइफलें, मशीन गन और पिस्तौल बेची थीं.

तीसरा आरोप पत्र

1. रविंदर सिंह धांडा

57 वर्षीय रविंदर सिंह धांडा, जिसे ‘रैंडी’, ‘रोलेक्स’, ‘जिम’, ‘डेटोना’ और ‘जॉन विक’ के नामों से भी जाना जाता है, कनाडा के वैंकूवर में रहता है.

आरोप पत्र के अनुसार, धांडा एक ड्रग डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क चलाता था जो अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में ड्रग तस्करी करने वाले संगठनों को बड़ी मात्रा में कोकीन और मेथामफेटामाइन की अंतरराष्ट्रीय तस्करी की सेवाएं उपलब्ध कराता था.

वह इन संगठनों के साथ ट्रांसपोर्टेशन रेट और लॉजिस्टिक्स पर बातचीत करता था और इन ड्रग्स के स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन का काम दूसरों को सौंपता था (सब-कॉन्ट्रैक्ट करता था).

आरोप पत्र के अनुसार, लॉस एंजिल्स, वेस्ट कोविना, ओंटारियो, फॉन्टाना और पेरिस सहित ग्रेटर लॉस एंजिल्स क्षेत्र से कोकीन और मेथामफेटामिन को लंबी दूरी तय करने वाले सेमी-ट्रकों में छिपाकर अमेरिका-कनाडा सीमा तक पहुंचाया जाता था. कभी-कभी कनाडा पहुंचाने के रास्ते में मादक पदार्थों को छिपाने के लिए कृषि फार्मों में इस्तेमाल होने वाले ट्रकों का भी उपयोग किया जाता था.

आरोप पत्र में मुख्य रूप से जुलाई 2023 से नवंबर 2024 के बीच 430.1 किलोग्राम कोकीन की खेप भेजे जाने का आरोप लगाया गया है.

2. जसकरण बागरी

50 वर्षीय जसकरण बागरी, जिसे ‘बाबा’ और ‘पीट’ के नाम से भी जाना जाता है, कनाडा के सरे (ब्रिटिश कोलंबिया) में रहता है.

आरोप पत्र के अनुसार, बागरी भी हर सप्ताह अमेरिका से कनाडा में सैकड़ों किलोग्राम कोकीन और मेथामफेटामिन की तस्करी, ढुलाई और वितरण करता था.

3. गुरतेज सिंह स्माघ

43 वर्षीय गुरतेज सिंह स्माघ, जिसे ‘सिम्बा’ के नाम से भी जाना जाता है, कनाडा के क्रेस्टन, ब्रिटिश कोलंबिया का निवासी है.

उसी आरोप पत्र में उस पर भी अमेरिका से कनाडा कोकीन और मेथामफेटामिन की तस्करी में भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया है.

आरोप पत्र के अनुसार, स्माघ उन लोगों में शामिल था जिन्होंने ब्रिटिश कोलंबिया के साउथ सरे में सीआई-1 से मुलाकात कर भविष्य में प्रतिबंधित मादक पदार्थों की खेप की तस्करी के लिए लॉजिस्टिक्स पर चर्चा की थी.

4. हरमनवीर सिंह

32 वर्षीय हरमनवीर सिंह, जिसे ‘हरि गौतम’ और ‘हरमन संधू’ के नाम से भी जाना जाता है, पर आरोप है कि वह धांडा संगठन द्वारा दक्षिणी कैलिफोर्निया से अमेरिका-कनाडा सीमा तक कोकीन और मेथामफेटामिन पहुंचाने वाले लंबी दूरी के ट्रकों की निगरानी और प्रबंधन करता था.

आरोप पत्र में उसे कनाडा भेजी जाने वाली बड़ी मादक पदार्थों की खेप के परिवहन नेटवर्क का हिस्सा बताया गया है.

5. प्रिंस पाल सिंह

आरोप पत्र के अनुसार, 26 वर्षीय प्रिंस पाल सिंह कूरियरों से कोकीन और मेथामफेटामिन प्राप्त करता था, उन्हें सुरक्षित रखता था, सांकेतिक (कोडेड) टोकन संबंधी जानकारी का सत्यापन करता था और बाद में इन खेपों को कनाडा जाने वाले ट्रकों में लादता था.

6. नारायण सिंह गुर्म

53 वर्षीय नारायण सिंह गुर्म, जिसे ‘नाराव सिंह गुर्म’ और ‘नारायण सिंह’ के नाम से भी जाना जाता है, पर भी अमेरिका से कनाडा तक ऊपर बताए गए मादक पदार्थों के परिवहन के प्रयासों में शामिल होने का आरोप है.

7. जेवियर उरेटा एंगुलो

8. जस्टिन गुज़मैन

9. ब्रायन मोरेनो रोसालेस

10. जसप्रीत खारा

11. अमृतपाल सिंह

आरोप पत्र के अनुसार, इन अंतिम पांच आरोपियों पर भी नारायण सिंह गुर्म के समान आरोप लगाए गए हैं. उन पर अमेरिका से कनाडा तक कोकीन और मेथामफेटामिन की तस्करी, परिवहन और वितरण से संबंधित साजिश और गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है.