बिहार: 25 हज़ार वोल्ट क्षमता वाले रेलवे के ओवरहेड इलेक्ट्रिक तार चोरी, ट्रेन सेवाएं प्रभावित

बिहार में रेलवे से चोरी की यह कोई पहली घटना नहीं है. हाल के वर्षों में बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाली ऐसी कई चोरियों ने ट्रेन सेवाओं में रुकावट डाली है. बताया गया है कि ताज़ा घटनाक्रम में पुलिस ने चोरी हुआ सामान बरामद कर लिया है और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ़्तार करने के लिए जांच शुरू कर दी गई है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: बिहार से एक हैरान करने वाली चोरी की घटना सामने आई है, जहां जहानाबाद में रेलवे लाइन से 25 हजार वोल्ट क्षमता की बिजली सप्लाई वाली हाईटेंशन ओवरहेड इलेक्ट्रिक तार ही चोरी हो गई.

ख़बरों के अनुसार, करीब 100 मीटर तार गायब होने के चलते इस व्यस्त रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन लगभग 3 घंटे तक बाधित रहा और कई महत्वपूर्ण ट्रेनें प्रभावित हुईं.

हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक, घटना के संबंध में पूर्व मध्य रेलेवे के प्रमुख जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि यह चोरी सुबह करीब 3.05 बजे हुई, जिससे इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, मरम्मत का काम पूरा होने तक ‘डाउन’ ट्रेनों को सिंगल-लाइन वर्किंग के ज़रिए चलाया गया.

इस संबंध में सरस्वती चंद्र ने बताया, ‘चोरों ने गया-पटना खंड में तेहता और जहानाबाद स्टेशनों के बीच सुबह 3.05 बजे 25 हज़ार वोल्ट का हाई टेंशन ओवरहेड तार लगभग 100 मीटर काट दिया था, जिससे ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं. प्रभावित ‘डाउन’ ट्रेनों को सिंगल-लाइन वर्किंग के तहत चलाया गया.’

उन्होंने आगे बताया कि रेलवे कर्मचारियों ने खराब हुई ओवरहेड लाइन को ठीक कर दिया है और सुबह 6.26 बजे इस खंड को परिचालन के लिए फिट घोषित कर दिया गया था. रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने चोरी हुआ सामान बरामद कर लिया है और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जांच शुरू कर दी गई है.

बार-बार होने वाली समस्या 

बताया जा रहा है कि बिहार में रेलवे से चोरी की यह कोई पहली घटना नहीं है. हाल के वर्षों में बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाली ऐसी कई चोरियों ने ट्रेन सेवाओं में रुकावट डाली है.

इससे पहले लाइव हिंदुस्तान ने खबर दी थी कि मई 2026 में दानापुर स्टेशन के पास सिग्नल केबल चोरी हो गए थे, जिससे हमसफर एक्सप्रेस और श्रमजीवी एक्सप्रेस समेत करीब एक दर्जन ट्रेनों के संचालन में देरी हुई.

हालांकि, उस घटना में ओवरहेड तारों के बजाय सिग्नलिंग केबल चोरी हुए थे, लेकिन इस वारदात ने भी रेल संचालन पर वैसा ही असर डाला था और राज्य में रेलवे के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर की जाने वाली बार-बार की चोरी की समस्या को उजागर किया था.

रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई 2024 में पटना-झाझा रेल रूट पर फतुहा रेलवे स्टेशन के पास चोरों ने बांस के खंभे में आरी बांधकर लगभग 39 मीटर ओवरहेड बिजली का तार काट दिया था. इस चोरी की वजह से अप और डाउन दोनों लाइनों पर रेल परिचालन लगभग दो घंटे तक बाधित रहा, जिसके बाद रेलवे की टीमों ने विद्युतीय वायरिंग प्रणाली को ठीक किया था.

अप्रैल 2024 की एक अन्य घटना में नरकटियागंज-मुजफ्फरपुर खंड पर चनपटिया और साथ के स्टेशनों के बीच रेलवे का तार चोरी करने की कोशिश के कारण कथित तौर पर ओवरहेड इलेक्ट्रिक तार टूट गया था, जिससे लगभग पांच घंटे तक ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा था.

रेलवे अधिकारियों ने तब कहा था कि चोरी की कोशिश से ओवरहेड बिजली सप्लाई की व्यवस्था में व्यवधान आ गया था, जिसके कारण सेवाएं फिर से शुरू करने से पहले मरम्मत का काम करना पड़ा.