नई दिल्ली: असम की राजधानी गुवाहाटी में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का फ्लाईओवर के पिलर पर बनाई गई पेंटिंग (म्यूरल) हटा दिया गया है. यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब सार्वजनिक संपत्ति पर वांगचुक की पेंटिंग बनाने के आरोप में दो युवकों को हिरासत में लेने और उनके खिलाफ मामला दर्ज किए जाने को लेकर बहस जारी है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने इससे पहले सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में नुकुल मिली और गौरव सिंह नामक दो युवकों को हिरासत में लिया था. दोनों के खिलाफ दिसपुर थाने में अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं. पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती.
कुछ दिन पहले गुवाहाटी के बसीष्ठा फ्लाईओवर के एक पिलर पर सोनम वांगचुक का एक बड़ा म्यूरल बनाया गया था. इस पेंटिंग के साथ ‘Save Sonam Wangchuk’ भी लिखा गया था. बताया गया कि इसे गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट के कुछ छात्रों ने वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के समर्थन में बनाया था. यह म्यूरल सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में रहा.
Two people have been reportedly detained by the police after students of Government College of Arts & Crafts in Assam’s Guwahati created a mural of activist Sonam Wangchuk on a pillar of Basistha Flyover, expressing solidarity with his ongoing indefinite hunger strike.…
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) July 18, 2026
हालांकि, अब इस पेंटिंग को पूरी तरह मिटा दिया गया है. म्यूरल हटाए जाने का वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर सामने आई हैं. यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब सार्वजनिक स्थानों पर कलाकृतियां बनाने और उन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर बहस जारी है.
रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार रात पुलिस की एक गश्ती टीम ने ज्योति बिष्णु ऑडिटोरियम की ओर जाने वाली सड़क के पास दो युवकों को दीवार पर रंग करते हुए पकड़ा था. पुलिस का आरोप है कि वे सरकारी दीवार पर बिना अनुमति पेंटिंग बना रहे थे, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा.
गुवाहाटी ईस्ट पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से रात के समय कुछ लोग पुलों, सरकारी इमारतों और अन्य सार्वजनिक दीवारों पर चित्रकारी कर रहे हैं. उनके मुताबिक, कला के नाम पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना स्वीकार नहीं किया जा सकता.
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों युवकों ने कहा कि वे सोनम वांगचुक की पेंटिंग बना रहे थे. इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर दिसपुर थाने में मामला दर्ज किया गया.
The mural of Ladakh-based environmentalist and social activist Sonam Wangchuk, which had been painted on a pillar of the Basistha Chariali Flyover just two days earlier, was removed on July 19.
The mural, created by two young artists, had drawn attention after being painted on a… pic.twitter.com/3iO5UrVPis
— The Assam Tribune (@assamtribuneoff) July 19, 2026
इसके अलावा, पुलिस ने फ्लाईओवर के पिलर पर बने म्यूरल के संबंध में भी अलग एफआईआर दर्ज की है और उसे बनाने वालों की पहचान की जा रही है. बसीष्ठा इलाके में सार्वजनिक संपत्ति पर चित्रकारी के एक अन्य मामले की भी जांच चल रही है. अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
उधर, सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर पेपर लीक के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे हैं. शनिवार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन उन्हें भारी पुलिस बल की मौजूदगी में दिल्ली के जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था.
गौरतलब है कि इसी महीने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जिला उपायुक्तों (डीसी) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को निर्देश दिया था कि फ्लाईओवर और अन्य सार्वजनिक ढांचों पर बिना अनुमति किसी भी तरह की पेंटिंग या चित्रकारी न होने दी जाए. यह निर्देश उस विवाद के बाद आया था, जब गुवाहाटी में सौंदर्यीकरण अभियान के दौरान लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग का म्यूरल मिटा दिए जाने पर व्यापक विरोध हुआ था.
