असम की मेटल प्रोसेसिंग यूनिट में भीषण विस्फोट, चार मज़दूरों की मौत

असम के कछार ज़िले में यह विस्फोट उधारबंद विधानसभा क्षेत्र के पंग्राम स्थित केड ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर एलएलपी की मेटल प्रोसेसिंग यूनिट में हुआ. स्थानीय लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री में पहले भी कई बार कम तीव्रता वाले ऐसे धमाके हुए हैं, लेकिन उनकी कभी आधिकारिक तौर पर रिपोर्ट नहीं की गई. वहीं, असम के मंत्री ने कहा कि पुलिस जांच के साथ-साथ मजिस्ट्रेट से जांच और ज़िला श्रम आयुक्त द्वारा एक अलग जांच के आदेश दिए गए हैं.

कछार ज़िले में एक मेटल प्रोसेसिंग फैक्टरी में हुए विस्फोट में चार लोगों की मौत हो गई. (फोटो साभार: फेसबुक/Kaushik Rai)

नई दिल्ली: असम के कछार जिले में रविवार (26 जुलाई) सुबह एक मेटल प्रोसेसिंग फैक्ट्री में हुए विस्फोट में चार लोगों की मौत हो गई. पुलिस के अनुसार, मृतकों में त्रिपुरा के अगरतला का एक निवासी भी शामिल है.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतकों की पहचान अप्पू बोराईक (32), किरण मुंडा (28), श्यामल गौर और अगरतला के सागर नाथ के तौर पर हुई है.

पुलिस ने बताया कि चारों की मौके पर ही मौत हो गई. सिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएमसीएच) के डॉक्टरों द्वारा मौत की पुष्टि किए जाने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया.

कछार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजीव सैकिया ने कहा, ‘परिजनों ने शवों की पहचान कर ली है. इस मामले में केस दर्ज किया जाएगा और आगे की जांच जारी है.’

पुलिस के अनुसार, यह विस्फोट सुबह करीब 11 बजे उधारबंद विधानसभा क्षेत्र के पंग्राम स्थित केड ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर एलएलपी (Kade Global Infrastructure LLP) की मेटल प्रोसेसिंग यूनिट में हुआ.

स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाका इतना ज़बरदस्त था कि इसकी आवाज़ पूरे इलाके में सुनी गई. एक स्थानीय लोगों ने कहा, ‘आवाज़ ऐसी थी कि कान फाड़ दे. जब हम मौके पर पहुंचे, तो देखा कि शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे और शरीर के अंग दूर-दूर तक बिखरे हुए थे.’

पुलिस के अनुसार, यह कंपनी कुछ साल पहले इस इलाके में स्थापित की गई थी और इसकी दो यूनिट्स हैं, जहां अलग-अलग स्रोतों से इकट्ठा किए गए स्क्रैप मेटल (कबाड़ धातु) की प्रोसेसिंग की जाती है. रविवार का धमाका पंग्राम में स्थित नई यूनिट में हुआ, जिसे लगभग एक साल पहले शुरू किया गया था.

मौके का दौरा करने वाले असम के मंत्री कौशिक राय ने कहा कि पुलिस जांच के साथ-साथ मजिस्ट्रेट से जांच और ज़िला श्रम आयुक्त द्वारा एक अलग जांच के आदेश दिए गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कर्मचारियों के लिए ज़रूरी सुरक्षा उपायों का पालन किया गया था या नहीं.

राय ने कहा, ‘ज़िला प्रशासन ने फैक्ट्री में अपनाए जा रहे सुरक्षा उपायों के बारे में मालिकों से जानकारी मांगी है. धमाके के सही कारण की भी जांच की जा रही है. फिलहाल, चार-स्तरीय जांच चल रही है.’

असम ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने मारे गए मज़दूरों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये की मुआवज़ा राशि देने का ऐलान किया.

वहीं राय ने कहा, ‘हम कंपनी के मालिकों से भी परिवार वालों को उचित मुआवजा देने के लिए कहेंगे.’

स्थानीय लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री में पहले भी कई बार कम तीव्रता वाले ऐसे धमाके हुए हैं, लेकिन उनकी कभी आधिकारिक तौर पर रिपोर्ट नहीं की गई.

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए राय ने कहा कि जांच में स्थानीय लोगों के उन दावों की भी पड़ताल की जाएगी जिनमें कहा गया है कि फैक्ट्री में पहले भी छोटे-मोटे धमाके हुए थे.

उन्होंने कहा, ‘अगर ऐसी घटनाएं हुई थीं और प्रशासन को उनकी जानकारी नहीं दी गई थी, तो उस पहलू की भी जांच की जाएगी. जांच में यूनिट के कामकाज, मज़दूरों की सुरक्षा के उपायों और इस त्रासदी से जुड़ी सभी परिस्थितियों को शामिल किया जाएगा.’

हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, रविवार दोपहर पंग्राम और आसपास के इलाकों के बड़ी संख्या में लोग फैक्ट्री के बाहर एकत्र हुए और प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में लंबे समय से सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है और इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.