भाजपा राजनीतिक फायदे के लिए आर्थिक रूप से कमज़ोर कलाकारों का शोषण कर रही है: अखिलेश यादव

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की हालिया लखनऊ यात्रा के दौरान हनुमान का वेश धरे कलाकार उनके रथ के सामने नाचते नज़र आए थे. अब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इन कलाकारों को आर्थिक सहायता देते हुए कहा कि भाजपा ने जिस प्रकार एक मजबूर और बेबस कलाकार की प्रतिभा का दुरुपयोग अपना राजनीतिक स्वार्थ साधने के लिए किया, वो बेहद निंदनीय है. 

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव हनुमान का वेश धारण किए एक कलाकार. (फोटो साभार: X/@yadavakhilesh)

नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार (2 अगस्त) को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों का फायदा उठा रही है और उनकी प्रतिभा का इस्तेमाल राजनीतिक छवि चमकाने के लिए कर रही है.

यादव का इशारा हाल की उस घटना की ओर था, जिसमें कथित तौर पर भगवान हनुमान का वेश धारण किए एक कलाकार से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की हालिया लखनऊ यात्रा के दौरान उनके रथ के सामने नाचने के लिए मजबूर किया गया था.

द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, यादव ने दावा किया कि कलाकार ऐसे किरदार राजनीतिक विचारधारा के कारण नहीं, बल्कि आर्थिक मजबूरी में निभाते हैं.

रविवार को एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो में यादव दो रामलीला कलाकारों, जो भगवान राम और भगवान हनुमान की भूमिका निभाते हैं, को 51-51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देते हुए दिखाई दिए.

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा मूल रूप से रचनात्मकता से असहज रहती है, क्योंकि कलात्मक अभिव्यक्ति परंपराओं को चुनौती देकर ‘सत्ता-विरोधी भावना’ को और मजबूत कर सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा कलाकारों, लेखकों और पत्रकारों – जो असहमति की आवाज़ को सामने ला सकते हैं – को सार्वजनिक मंचों से दूर रखने की कोशिश कर रही है.

उन्होंने कहा, ‘भाजपाई सदैव सृजनात्मकता के विरोधी रहे हैं क्योंकि सृजनात्मकता रूढ़ियों और रूढ़िवादिता के विरुध्द ही अपना नया रास्ता निकालती है, जो भाजपा की पुरातनपंथी-दक़ियानूसी सोच को तनिक भी रास नहीं आता है क्योंकि उनके अंदर रचनात्मकता की अभिव्यक्ति से ‘सत्ता विरोधी लहर’ के और भी बलवती होने का डर समाया रहता है.’

उन्होंने कहा, ‘प्रिय कलाकारों-रचनाकारों, भारतीय जनता पार्टी ने जिस प्रकार एक मजबूर और बेबस कलाकार की प्रतिभा का दुरुपयोग अपना राजनीतिक स्वार्थ साधने के लिए किया वो बेहद निंदनीय है. सबको मालूम है कि कुछ दिनों पहले, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लखनऊ आगमन पर उनके रथ के आगे एक कलाकार को हनुमान जी के रूप में नृत्य करवाया गया था. जिससे संपूर्ण विश्व के बजरंगबली जी के उपासकों में आज तक गहरा आक्रोश है.’

यादव ने दावा किया कि अगर समाजवादी पार्टी दोबारा सत्ता में आती है, तो वह अपनी पिछली सरकार की तरह कलाकारों को यश भारती सम्मान जैसे पुरस्कारों के जरिए सम्मानित करने की परंपरा को फिर शुरू करेगी और उन्हें जीवनभर प्रति माह एक लाख रुपये का मानदेय भी देगी.

उन्होंने यह भी कहा कि साल 2017 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद उत्तर प्रदेश में 26,000 से अधिक सरकारी प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिए गए हैं. उनके अनुसार मार्च 2017 तक राज्य में 1,13,938 सरकारी प्राथमिक विद्यालय थे, जिनकी संख्या अब काफी घट गई है.

यादव ने आरोप लगाया कि यह कदम पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने की कोशिश का हिस्सा है.