नई दिल्ली: झारखंड के चतरा ज़िले में एक व्यक्ति पर नाबालिग लड़की के बलात्कार का आरोप लगा था, जिनकी मंगलवार (4 अगस्त) को पीट-पीटकर हत्या कर दी गई.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने कहा है कि मृतक पर बलात्कार के आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है.
मृतक की पहचान मोहम्मद इमरोज़ के रूप में हुई है. आरोप है कि मंगलवार को 100-150 लोगों की भीड़ उनके घर पहुंची और परिवार पर गांव की एक लड़की को जबरन अपने घर में बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाया.
इमरोज़ के पिता मोहम्मद सुल्तान की शिकायत के अनुसार, जब परिवार ने लड़की को उसकी मर्ज़ी के बिना ज़बरदस्ती रखने के आरोपों से इनकार किया, तो भीड़ ने इमरोज़ के माता-पिता को बांध दिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी.
शिकायत में कहा गया है कि जब इमरोज़ अपने माता-पिता को बचाने के लिए आगे आया तो भीड़ ने उन पर लाठियों और पत्थरों से हमला किया. इमरोज़ के पिता ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद थे.
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि, टंडवा एसडीपीओ प्रभात रंजन ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही भीड़ ने हमला शुरू कर दिया था.
उन्होंने कहा कि मुश्किल बचाव अभियान के बाद पुलिस ने गंभीर रूप से घायल इमरोज़ को टंडवा कम्युनिटी हेल्थ सेंटर पहुंचाया. बाद में उन्हें हज़ारीबाग़ के एक अस्पताल में रेफर किया गया, जहां चोटों के कारण उनकी मौत हो गई.
शर्मा ने कहा, ‘टंडवा पुलिस थाने में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं. एक एफआईआर मृतक के पिता ने मॉब लिंचिंग से संबंधित धाराओं के तहत दर्ज कराई है, जबकि दूसरी एफआईआर नाबालिग लड़की की शिकायत पर पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज की गई है.’
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ खबरों में यह भी कहा गया है कि इमरोज़ को वर्ष 2023 में एक बलात्कार के मामले में जेल भेजा गया था. इस मामले में दर्ज एफआईआर में मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा हत्या) से संबंधित धाराएं भी शामिल की गई हैं. अधिकारियों के मुताबिक, शिकायत में 56 लोगों को नामजद किया गया है.
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मारपीट का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया.
प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) देवलाल उरांव के अनुसार, मॉब लिंचिंग के इस मामले में अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है.
उरांव ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि गांव की एक लड़की सोमवार (3 अगस्त) की रात लापता हो गई थी. मंगलवार को उसके मिलने के बाद उसने कथित तौर पर आरोप लगाया कि उसे इमरोज़ के घर में बंधक बनाकर रखा गया था. इसके बाद ग्रामीण एकत्र हुए और इमरोज़ के घर पर धावा बोल दिया.
बीडीओ ने कहा, ‘लड़की को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है और प्रशासन रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है. रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों के संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा.’
