पाकिस्तान: मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाए जाने के बाद इमरान ख़ान को वापस जेल भेजा गया

पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इमरान खान को शुक्रवार आधी रात के बाद अदियाला जेल से इस्लामाबाद के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मेडिकल जांच के बाद वापस जेल भेज दिया गया.

पूर्व पाकिस्तानी पीएम इमरान ख़ान (फोटो: एपी/केएम चौधरी)

बीते दिनों पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, इसके बाद खान को मेडिकल जांच के बाद शुक्रवार (21 अगस्त) तड़के वापस जेल भेज दिया गया.

पाकिस्तान सरकार में सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने बताया कि खान को आधी रात के बाद अदियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी जांच की, इसके बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया.

तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘नेत्र रोग विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ और फिजिशियन समेत योग्य डॉक्टरों की एक टीम ने उनकी विस्तृत जांच की और उन्हें चिकित्सकीय रूप से स्वस्थ घोषित किया.’

तरार ने बताया कि खान की बहन अजमा खान जांच और इलाज के दौरान उनके साथ मौजूद रहीं.

इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने इससे पहले पुष्टि की थी कि सुप्रीम कोर्ट के इस सप्ताह दिए गए आदेश के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया है.

खान की पार्टी और परिवार ने मांग की थी कि इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में ही रहने की अनुमति दी जाए.

इससे पहले कैबिनेट के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा था कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करेगी और अगर सरकारी अस्पताल में पर्याप्त इलाज उपलब्ध नहीं है तो विदेश में इलाज कराने के विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है.

यह घटनाक्रम संसदीय मामलों के मंत्री तारिक फजल चौधरी के उस बयान के एक दिन बाद हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से यह स्पष्ट करने का अनुरोध किया है कि खान को दी गई चिकित्सा राहत केवल पूर्व प्रधानमंत्री तक सीमित है या इसे अन्य कैदियों पर भी लागू किया जा सकता है.

चौधरी ने गुरुवार (20 अगस्त) को यह बयान दिया था. इससे दो दिन पहले सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने अधिकारियों को खान को मेडिकल जांच के लिए इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाने का आदेश दिया था. उनके परिवार और निजी डॉक्टर कई महीनों से उनकी सेहत और उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा मिलने को लेकर चिंता जता रहे थे.

अदालत ने आदेश दिया था कि खान की जांच विशेषज्ञ डॉक्टरों वाले मेडिकल बोर्ड से कराई जाए. इस बोर्ड में उनके निजी डॉक्टरों में से एक, फैसल सुल्तान को भी शामिल किया जाना था.

गुरुवार को चौधरी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पूरी तरह पालन करेगी और अदालत से स्पष्टीकरण मांगने का उद्देश्य फैसले को चुनौती देना या उसके अमल में देरी करना नहीं है. बाद में उन्होंने कहा कि खान को जेल से अस्पताल ले जाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

आधी रात के बाद स्थानीय मीडिया ने खबर दी कि 2023 में भ्रष्टाचार के एक मामले में जेल जाने के बाद से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए खान की अस्पताल में मेडिकल जांच की जा रही है.

सरकार का कहना है कि मौजूदा नियमों के तहत कैदियों को जेल में ही चिकित्सा सुविधा दी जाती है और जरूरत पड़ने पर उन्हें सरकारी अस्पतालों में ले जाया जा सकता है.

अदालत ने जेल अधिकारियों को खान से उनके परिवार के सदस्यों की हर सप्ताह मुलाकात कराने और उनके बेटों से फोन पर बात करने की भी अनुमति देने का आदेश दिया था. खान का परिवार लंबे समय से उनसे मिलने और उनकी पसंद के डॉक्टरों से उनकी जांच कराने की अनुमति हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहा है.

यह आदेश खान की उस याचिका के कई महीने बाद आया, जिसमें उन्होंने अस्पताल ले जाने और अपने निजी डॉक्टरों, परिवार तथा वकीलों से मिलने की अनुमति देने की मांग की थी.

इस आदेश के कुछ घंटे बाद अधिकारियों ने सूचना मंत्री तरार को खान से मिलने की अनुमति दी. इससे पहले पाकिस्तान ने इस साल की शुरुआत में जेल में संभावित हमले की खुफिया सूचना मिलने के बाद खान से मिलने वाले लोगों पर रोक लगा दी थी.

खान के वकील सलमान अकरम राजा के मुताबिक, अदालत ने कहा कि यह आदेश इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि खान की सेहत दांव पर है और चिकित्सा सुविधा तक पहुंच पाकिस्तान के संविधान के तहत संरक्षित अधिकार है.

जनवरी के अंत में खान की सेहत को लेकर चिंता और बढ़ गई थी. उनके परिवार ने दावा किया था कि उनकी दाहिनी आंख की करीब 85 प्रतिशत दृष्टि चली गई है. हालांकि, सरकार ने इस दावे को खारिज किया था. बाद में अधिकारियों ने कहा कि खान की उस आंख की करीब 70 प्रतिशत दृष्टि वापस आ गई है और उनकी हालत में सुधार हो रहा है.

पूर्व क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान को अप्रैल 2022 में संसद में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए प्रधानमंत्री पद से हटा दिया गया था. वर्ष 2023 में कई मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद से वह जेल में हैं.

(एपी)

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