राम मंदिर चढ़ावा चोरी: फ़ैज़ाबाद बार एसोसिएशन की चंपत राय समेत दो अन्य पर एफआईआर की मांग

फ़ैज़ाबाद बार एसोसिएशन ने कहा है कि अगर राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा और मंदिर के अधिकारी गोपाल राव के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो वकीलों का संगठन फिर से आंदोलन करेगा. उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार और प्रशासन इन तीनों को बचा रहे हैं और उन्हें क्लीन चिट दे रहे हैं.

राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में फैजाबाद बार एसोसिएशन ने कहा है कि अगर राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा और मंदिर के अधिकारी गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो वकीलों का संगठन फिर से आंदोलन करेगा.

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर से मुलाकात की और मंदिर में चढ़ावे से संबंधित धन के कथित गबन के मामले में शीर्ष प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अपनी पहले की मांग दोहराई.

इससे पहले द वायर ने एक रिपोर्ट में बताया था कि 2 जुलाई 2021 को अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन में बार एसोसिएशन के सदस्यों की ओर से एक शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिन्होंने उस दिन विरोध प्रदर्शन भी किया था.

शिकायत में कहा गया था कि संगठन और उसके सदस्य ‘श्रद्धालुओं के चढ़ावे के पैसे और कीमती सामान की चोरी से बहुत आहत’ हैं और वे लिखित शिकायत के जरिए ‘चंपत राय द्वारा चुराए गए 10 लाख रुपये, अनिल मिश्रा और गोपाल जी द्वारा चुराए गए 58 लाख रुपये, जिन्हें एफआईआर दर्ज होने से पहले बरामद कर लिया गया था, और ट्रस्टी कृष्ण मोहन द्वारा चुराए गए उस धन और आभूषणों’ के संबंध में कार्रवाई की मांग कर रहे थे, जिन्हें जांच को गुमराह करने के लिए छिपाकर रखा गया था.

अयोध्या से अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में द वायर ने बार एसोसिएशन से जुड़े कुछ वकीलों से भी बात की थी, ताकि यह समझा जा सके कि संगठन ने इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में से किसी का भी मुकदमा नहीं लड़ने का सामूहिक फैसला क्यों लिया.

उस समय अधिवक्ता राज कपूर सिंह ने द वायर से कहा था, ‘अयोध्या में जो कुछ हो रहा है, उसे देखते हुए अब लोग हमें तिरस्कार की नजर से देखते हैं.’ राज कपूर सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने चंपत राय और अन्य लोगों से अयोध्या शहर छोड़ने की मांग की थी.

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बार एसोसिएशन की हालिया आम सभा की बैठक में उसके अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने आरोप लगाया कि ‘सरकार और प्रशासन इन तीनों को बचा रहे हैं और उन्हें क्लीन चिट दे रहे हैं.’

ज्ञात हो कि हाल ही में अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के एक अन्य सदस्य अनिल मिश्रा का नाम नहीं है.

फरवरी 2020 में गठन के बाद से विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्यों के वर्चस्व वाले संगठन श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का विवादों से नाता बना हुआ है. हाल ही में चंपत राय द्वारा कथित तौर पर लिखे गए नौ पन्नों के एक पत्र की चर्चा भी हो रही है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व सलाहकार और ट्रस्टी नृपेंद्र मिश्रा की ट्रस्ट में प्रभावशाली भूमिका को लेकर कुछ दावे किए गए हैं.