रूस के यूक्रेन पर हमलों में 12 लोगों की मौत, मृतकों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल: जेलेंस्की

मृतक भारतीय नागरिक की पहचान 42 वर्षीय वाविलाला सुदर्शन गौड़ के रूप में हुई. वह तेलंगाना के हसनाबाद से नौकरी की तलाश में यूक्रेन गए थे. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि भारतीय नागरिक के शव को जल्द से जल्द भारत भेजने के लिए यूक्रेनी अधिकारी, भारतीय दूतावास और उस कंपनी के साथ मिलकर मदद कर रहे हैं, जिसमें वह भारतीय नागरिक काम करते थे.

यूक्रेन के कीव में रूसी हमले के बाद एक रिहायशी अपार्टमेंट बिल्डिंग क्षतिग्रस्त. (फोटो: एपी/पीटीआई)

नई दिल्ली: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने मंगलवार (1 सितंबर) को एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि रूस द्वारा यूक्रेन के कई शहरों पर किए गए हमलों में एक भारतीय नागरिक समेत कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हुए हैं.

ज़ेलेंस्की ने कहा कि कीव और आसपास के इलाकों में राहत और बचाव कार्य में लगभग 350 बचावकर्मी लगे हुए थे. उन्होंने बताया कि हमले में जेट-पावर्ड ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिससे रिहायशी इमारतों और आम लोगों के इस्तेमाल वाले बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा.

एक अन्य एक्स पोस्ट में ज़ेलेंस्की ने हमले में भारतीय नागरिक की मौत पर दुख जताया. उन्होंने कहा, ‘यूक्रेन में हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की दुखद मौत से हमें गहरा दुख हुआ है. दूतावास शोक संतप्त परिवार के संपर्क में है और अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है.’

उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिक के शव को जल्द से जल्द भारत भेजने के लिए यूक्रेनी अधिकारी, भारतीय दूतावास और उस कंपनी के साथ मिलकर मदद कर रहे हैं, जिसमें वह भारतीय नागरिक काम करता था.

बाद में मृतक की पहचान 42 वर्षीय वाविलाला सुदर्शन गौड़ के रूप में हुई. वह तेलंगाना के हसनाबाद से नौकरी की तलाश में यूक्रेन गए थे.

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने इससे पहले हमलों के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में हुए नुकसान के बारे में बताया था. उन्होंने बताया कि बोरिस्पिल में पांच मंजिला आवासीय इमारत क्षतिग्रस्त हुई. शहर में 50 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि चार लोगों की मौत हो गई और 13 लोग घायल हो गए.

ज़ेलेंस्की ने कहा, ‘कल शाम से ही ओडेसा और आसपास के इलाकों पर गाइडेड एरियल बम और ड्रोन से हमले जारी हैं. हजारों परिवार बिना बिजली के रह गए हैं और लोगों तक जल्द से जल्द बिजली पहुंचाने का काम चल रहा है.’

रोमानिया से लगी एक सीमा चौकी और निर्यात संबंधी बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है. कीव में एक रेलवे डिपो पर हुए हमले में सात लोगों की मौत हुई.

ज़ेलेंस्की के अनुसार, खेरसॉन, डोनेट्स्क, ज़ापोरिज्जिया, खारकीव, चेर्निहाइव, ज़ाइतॉमिर, सुमी और निप्रो इलाकों पर भी हमले किए गए. जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमले तभी सफल होते हैं जब देश की हवाई रक्षा क्षमताएं पर्याप्त नहीं होतीं.

उन्होंने कहा, ‘मैं उन सभी लोगों का आभारी हूं जो पीयूआरएल और द्विपक्षीय आपूर्ति के माध्यम से यूक्रेन को बैलिस्टिक मिसाइलों से सुरक्षा की क्षमता हासिल करने में मदद कर रहे हैं. यह बहुत ज़रूरी है कि इस फॉल सीज़न में ये सप्लाई बढ़ाई जाए. रूसी आतंक के कारण होने वाली मौतों की संख्या सीधे तौर पर सहायता के हर नए पैकेज पर निर्भर करती है. मैं उन सभी का धन्यवाद करता हूं जो यूक्रेन को अधिक मजबूती से खड़े होने में मदद कर रहे हैं.’

मोदी-पुतिन की मुलाकात

ज़ेलेंस्की का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के एक दिन बाद आया है. दोनों नेताओं की मुलाकात शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से इतर हुई थी.

इस मुलाक़ात में मोदी ने पुतिन से कहा था कि दुनिया को ‘कभी न खत्म होने वाले युद्ध से युद्ध की समाप्ति’ की ओर बढ़ना चाहिए.

किर्गिस्तान के बिश्केक में अपनी द्विपक्षीय बैठक की शुरुआत में मोदी ने पुतिन से कहा, ‘युद्ध जारी रहने के हर दिन मानवता एक कदम पीछे हटती है; फिर भी शांति की ओर उठाया गया हर कदम मानवता को सच्ची उम्मीद देता है.’

इस ख़बर के छपने के समय तक भारत सरकार ने हालिया रूसी हमलों में मारे गए भारतीय नागरिक के बारे में कोई बयान जारी नहीं किया था.