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(प्रतीकात्मक तस्वीर: रॉयटर्स)

वनबंधु कल्याण योजना: 100 करोड़ का बजट घटा कर एक करोड़ किया गया, ख़र्च नहीं हो रही राशि

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हक़ीक़त पर विशेष सीरीज: वनबंधु कल्याण योजना का उद्देश्य देश की संपूर्ण आदिवासी आबादी का सर्वांगीण विकास, जिसमें जनजातीय क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ावा देना, रोजगार देना, बुनियादी ढांचे में विकास और उनकी संस्कृति एवं विरासत का संरक्षण करना है.

PM Modi addressing rally at Nashik district of Maharashtra. (Photo: PTI)

पीएम ग्राम परिवहन: गांवों में 80,000 व्यावसायिक वाहन देने का था वादा, लेकिन योजना ही लागू नहीं हुई

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हक़ीक़त पर विशेष सीरीज: प्रधानमंत्री ग्राम परिवहन योजना का उद्देश्य सस्ती दर पर 80,000 व्यावसायिक यात्री वाहन ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदान करना है, ताकि डेढ़ लाख गांवों की परिवहन प्रणाली को मज़बूत बनाया जा सके.

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नोटबंदी के दौरान लाई गई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के पैसे का क्या हुआ, सरकार को नहीं पता

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हक़ीक़त पर विशेष सीरीज: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत व्यक्ति को अघोषित आय का 30 फीसदी की दर से कर, कर के राशि का 33 फीसदी सरचार्ज और अघोषित आय का 10 फीसदी जुर्माने के तौर पर देना था. इस योजना को दिसंबर 2016 से 10 मई 2017 तक के लिए लाया गया था.

(फोटो: फेसबुक)

आदिवासी बच्चों के लिए खुले एकलव्य स्कूलों की स्थिति बदहाल, कई राज्यों में शुरू भी नहीं हुए

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हक़ीक़त पर विशेष सीरीज: साल 2000-01 में तत्कालीन एनडीए सरकार ने आदिवासी बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय योजना शुरू की थी. हालांकि आरटीआई के ज़रिये खुलासा हुआ है कि कई राज्यों ने पैसे जारी होने के बाद भी अभी तक स्कूल चालू नहीं किया है.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi launching the “Gram Uday se Bharat Uday” Abhiyan, in Mhow, Madhya Pradesh on April 14, 2016. 
The Union Minister for Social Justice and Empowerment, Shri Thaawar Chand Gehlot, the Chief Minister of Madhya Pradesh, Shri Shivraj Singh Chouhan and other dignitaries are also seen.

क्या ‘ग्राम उदय से भारत उदय अभियान’ सिर्फ विज्ञापनों तक सीमित रह गया?

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हक़ीक़त पर विशेष सीरीज: इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गांवों में सामाजिक सद्भावना को बढ़ाना, फसल बीमा योजना, मृदा कार्ड आदि के बारे में जानकारी देकर कृषि को बढ़ावा देना था.

Varanasi: Prime Minister Narendra Modi interacts with school children as part of his 68th birthday celebrations, at a school at Narur, Varanasi, Monday, Sep 17, 2018. (PIB Photo via PTI) (PTI9_17_2018_000193B)

मोदी सरकार ने किशोरी शक्ति योजना की बंद, लड़कियों के सशक्तिकरण के 33 फीसदी प्रोजेक्ट कम हुए

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हक़ीक़त पर विशेष सीरीज: किशोर लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए लॉन्च की गई किशोरी शक्ति योजना को मोदी सरकार ने एक अप्रैल 2018 को बंद कर दिया. अब इस दिशा में सबला योजना चलाई जा रही है लेकिन इस योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या छह गुना कम हो गई.

(फोटो: रॉयटर्स)

ट्रेन रद्द करने में छह गुना बढ़ोतरी, पांच सालों में हर दिन सिर्फ 1.75 किमी नए ट्रैक बिछाए गए

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हक़ीक़त पर विशेष सीरीज: आरटीआई के ज़रिये रेल मंत्रालय ने बताया है कि 2014-15 के दौरान जहां 3591 रेलगाड़ियों को रद्द किया गया था, वहीं 2017-18 के दौरान इसमें छह गुना की बढ़ोतरी हुई. इस दौरान 21,053 ट्रेनों को रद्द किया गया था.

Narendra Modi Ganga Kumbh Insta Featured

मैली रही गंगा, लेकिन इससे जुड़े विज्ञापन पर मोदी सरकार ने ख़र्च किए करोड़ों रुपये

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हक़ीक़त पर विशेष सीरीज: एक आरटीआई के जरिए पता चला है कि मोदी सरकार ने गंगा से जुड़े विज्ञापनों पर 2014 से लेकर 2018 के बीच 36.47 करोड़ रुपये ख़र्च किए.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi performing the Ganga Pujan, at Prayagraj, in Uttar Pradesh on December 16, 2018.
The Chief Minister of Uttar Pradesh, Shri Yogi Adityanath is also seen.

गंगा सफाई के लिए मिली राशि पर मोदी सरकार ने कमाया 100 करोड़ रुपये का ब्याज

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हक़ीक़त पर विशेष सीरीज: मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले मार्च 2014 तक गंगा सफाई के लिए बनी संस्था नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा को मिले अनुदान और विदेशी लोन पर सरकार को करीब सात करोड़ रुपये का ब्याज मिला था. लेकिन मार्च 2017 तक आते-आते यह राशि बढ़कर 107 करोड़ रुपये हो गई.

Job seekers fill up forms for registration in Chinchwad, India, February 7, 2019 (Danish Siddiqui / REUTERS)

नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशनल स्कीम: 20 लाख युवाओं को करना था रोज़गार के लिए तैयार, हुए सिर्फ 2.90 लाख

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हक़ीक़त पर विशेष सीरीज: 2016 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य रोज़गार के अवसर पैदा करना और युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें रोज़गार देना था. आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक 31 मार्च 2018 तक 20 लाख प्रशिक्षुओं को तैयार करने का लक्ष्य था, जिसमें से केवल 2.90 लाख प्रशिक्षु तैयार हुए. इनमें से भी महज़ 17, 493 को इस योजना का लाभ मिला.

People gather to get water from a huge well in the village of Natwarghad in the western Indian state of Gujarat on June 1, 2003. Natwargadh is in the midst of the worst drought in over a decade. Dams, wells and ponds have gone dry across the western and northern parts of Gujarat forcing people to wait for hours around village ponds  for the irregular state-run water tankers to show up as the temperature sores to over 44 degree Celcius. The United Nation's World Environment Day will be celebrated on Thursday with the theme of "Water - Two Billion People are Dying for It".    REUTERS/Amit Dave  BEST QUALITY AVAILABLE

जल क्रांति योजना: पांच सालों में नहीं हुआ कोई काम, पानी की किल्लत से जूझ रहे कई गांव

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हक़ीक़त पर विशेष सीरीज: जल क्रांति योजना के तहत पानी की किल्लत से जूझ रहे क्षेत्रों में जल संरक्षण और जल प्रबंधन के लिए काम होना था, लेकिन आरटीआई के तहत मिली जानकारी बताती है कि इसके अंतर्गत अब तक ऐसा कोई ठोस काम नहीं हुआ है, जिसे देश में जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सके.

(फोटो: रॉयटर्स)

ट्राइबल सब प्लान: आदिवासियों के विकास के लिए जमा राशि उनके विनाश के लिए ख़र्च की जा रही है

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हक़ीक़त पर विशेष सीरीज: ट्राइबल सब प्लान, एक ऐसा फंड है, जिसका इस्तेमाल खनन प्रभावित आदिवासी क्षेत्रों और आदिवासी समुदायों के लिए किया जाना था, हालांकि आरटीआई से मिले जवाब बताते हैं कि इस राशि को खनन कंपनियों को बांटकर उनके विनाश की ज़मीन तैयार की जा रही है.

Mahila Shakti Kendra

महिला शक्ति केंद्र: 2019 तक बनाने थे 440 केंद्र, लेकिन अब तक सिर्फ 24 ही बने

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हक़ीक़त पर विशेष सीरीज: नवंबर 2017 में मोदी सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए महिला शक्ति केंद्र नाम की एक योजना शुरू की, जिसके तहत देश के 640 जिलों में महिला शक्ति केंद्र बनाए जाने थे. 2019 तक ऐसे 440 केंद्र बनाने का लक्ष्य था, लेकिन अब तक सिर्फ 24 केंद्र ही बने हैं. साथ ही किसी भी राज्य ने इन केंद्रों में काम शुरू होने की रिपोर्ट नहीं दी है.

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महिला सुरक्षा: न तो निर्भया फंड की राशि ख़र्च हो रही, न योजनाएं लागू हो पा रही हैं

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हक़ीक़त पर विशेष सीरीज: दिल्ली में ‘निर्भया’ मामले के बाद सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए निर्भया फंड बनाया था, लेकिन इस फंड के उपयोग में बरती गई लापरवाही से महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति सरकार की गंभीरता का अंदाज़ा लगाया जा सकता है.

(फोटो साभार: यूट्यूब वीडियो ग्रैब)

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: जितनी सहायता राशि बंटी, उसका साढ़े चार गुना बांटने में ख़र्च

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हकीकत पर विशेष सीरीज: नवंबर 2018 तक सरकार ने 18,82,708 लाभार्थियों को इस योजना के तहत सहायता राशि देने के लिए 1655.83 करोड़ रुपये जारी किए. लेकिन, इस सहायता राशि को बांटने के लिए सरकार ने 6,966 करोड़ रुपये प्रशासनिक प्रक्रियाओं में ही ख़र्च कर दिया.