उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए हरिद्वार में गंगा किनारे चल रहे 48 अवैध स्टोन क्रशर प्लांट्स को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है. यह फैसला पर्यावरणीय संगठन मातृ सदन द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद आया है.
मौलाना आज़ाद नेशनल फेलोशिप पा रहे छात्रों की चुनौतियां खत्म नहीं हो रहीं. सरकारी विभाग ने अब इन छात्रों के पुराने आय प्रमाण-पत्र की पुष्टि करने को कहा है. यह दस्तावेज़ पहले कभी नहीं मांगे गए थे, लेकिन उन्हें अब मांगा जा रहा है.
मौलाना आज़ाद नेशनल फेलोशिप के आठ महीने से अटके वजीफे को केंद्र ने जारी कर दिया है. स्कॉलर्स ने इसे संघर्ष की जीत बताया है. उनका कहना है कि फेलोशिप देना सरकार की ज़िम्मेदारी है, एहसान नहीं. वे अब हर महीने समय पर भुगतान की मांग कर रहे हैं.
चीन और पाकिस्तान मिलकर दक्षिण एशिया में एक नया क्षेत्रीय संगठन खड़ा करने की तैयारी में हैं, जो निष्क्रिय हो चुके सार्क की जगह ले सकता है. विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत के लिए यह कूटनीतिक व रणनीतिक चुनौती है, खासकर जब पड़ोसी देश इस गठबंधन की ओर झुकते दिख रहे हैं.
जबकि केंद्र सरकार की कई छात्रवृत्तियां ठप पड़ी हैं, 2018 में 3.67 करोड़ से शुरू हुआ ‘परीक्षा पे चर्चा’ का बजट 2025 में पांच गुना से भी अधिक बढ़कर 18.82 करोड़ रुपये पहुंच गया. यह कार्यक्रम कई जगहों पर प्रधानमंत्री का प्रचार नज़र आता है. केवल 2023-24 में 1,111 सेल्फी प्वाइंट्स पर 2.49 करोड़ रुपये (जीएसटी अलग) खर्च कर दिए गए.
भारत सरकार ने एलन मस्क की स्टारलिंक और अंबानी की जियो समेत कुछ कंपनियों को सैटेलाइट-आधारित इंटरनेट सेवा की मंज़ूरी दे दी है, लेकिन बिना नीलामी के हुए इस आवंटन पर सवाल उठ रहे हैं. क्या यह आबंटन पारदर्शी है? क्या इससे राष्ट्रीय हित खतरे में पड़ते हैं और आर्थिक नुकसान की संभावना बनती है?
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची का स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न शुरू किया है, जिसमें 2003 के बाद जुड़े मतदाताओं से नागरिकता प्रमाण मांगा जा रहा है. विपक्ष ने इसे 'गुप्त एनआरसी' कहते हुए आशंका जताई है कि इस प्रक्रिया के चलते बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे जा सकते हैं.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यूपी पुलिस की भर्ती प्रक्रिया को ‘पारदर्शी’ बताया है, लेकिन यह परीक्षा पिछले साल पेपर लीक के चलते रद्द हुई थी. इसे आयोजित करने वाली गुजराती कंपनी एडुटेस्ट का दागदार इतिहास रहा है. यूपी सरकार को भी इस कंपनी को ब्लैकलिस्ट करना पड़ा था. इस कंपनी के संस्थापक निदेशक के भाजपा के शीर्ष नेताओं से करीबी संबंध रहे हैं.
मौलाना आज़ाद नेशनल फेलोशिप के तहत पीएचडी कर रहे अल्पसंख्यक समुदायों के सैकड़ों शोधार्थियों को दिसंबर 2024 से अब तक छात्रवृत्ति नहीं मिली है. यह छात्रवृत्ति अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय प्रदान करता है. छात्रों का आरोप है कि सरकार जानबूझकर छात्रवृत्ति रोक रही है.
सेल में सैकड़ों करोड़ के कथित घोटाले में ऐसी कंपनी का नाम सामने आया है, जिसने भाजपा को 30 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड दिए थे. इस पूरे प्रकरण को उजागर करने वाले अधिकारी राजीव भाटिया को सेल ने पहले निलंबित किया था, अब कार्यकाल पूरा होने से सात वर्ष पहले ही उन्हें सेवानिवृत्त कर दिया गया.
दिल्ली में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों का आरोप है कि पुलिस ने वेरिफिकेशन के नाम पर इस हफ्ते कई लोगों को हिरासत में ले लिया है और संभवतः म्यांमार डिपोर्ट कर रही है. मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है, जहां वकीलों ने भारत की अंतरराष्ट्रीय ज़िम्मेदारियों और यूएन कन्वेंशन का हवाला देकर इस पर रोक लगाने की मांग की है.
दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा केवल कश्मीरी छात्रों से निजी जानकारी मांगे जाने पर विवाद खड़ा हो गया है. छात्रों ने इसे भेदभाव और निजता का उल्लंघन बताया है. जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने इस फैसले के खिलाफ गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सर्कुलर वापस लेने की मांग की है.
गांधी हत्या पर लिखी गई एक किताब को आधार बनाकर तैयार की गई वाचिकम की प्रस्तुति को सूरत पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते रद्द करा दिया है. किताब के लेखक ने इस आशंका को निराधार बताया है.
केंद्र सरकार ने 2030 तक 1.84 करोड़ बंधुआ मज़दूरों की मुक्ति और पुनर्वास का लक्ष्य रखा है, लेकिन 2023-24 में 500 बंधुआ मज़दूरों का भी पुनर्वास नहीं कराया जा सका. इन मजदूरों के पुनर्वास की दर में प्रतिवर्ष गिरावट आ रही है. वादा मुक्ति का था, हकीकत है गुलामी की. मजदूर दिवस पर पढ़िए 'नये भारत' में बंधुआ मज़दूर की त्रासदी...
भारत में सेंसर बोर्ड ने दुनियाभर में सराही गई फिल्मकार संध्या सूरी की ‘संतोष’ फिल्म की रिलीज़ रोक दी क्योंकि उसे लगा कि यह पुलिस की नकारात्मक छवि दिखाती है. फिल्म में मुख्य भूमिका में अभिनेत्री शहाना गोस्वामी हैं, जिनके काम को काफ़ी तारीफ मिली है. उनसे अंकित राज की बातचीत.