शिकागो के हे मार्केट आंदोलन से लेकर नोएडा के हालिया मज़दूर प्रदर्शनों तक, श्रमिक अधिकारों की लड़ाई नए रूप में जारी है. यह लेख बताता है कि कैसे श्रम क़ानूनों, कम मज़दूरी, ठेका प्रथा और दमनात्मक कार्रवाई के बीच मज़दूर फिर ‘जीने लायक वेतन’ और सम्मानजनक कामकाजी अधिकारों की मांग कर रहे हैं.