मैथिली सिनेमाक इतिहास: मैथिली मनोरंजन संसार का दृश्यावलोकन

पुस्तक समीक्षा: मैथिली में भले ही कम फिल्में बनी हों, गुणवत्ता के लिहाज़ से उनमें उत्तरोत्तर सुधार हो रहा है और कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में मैथिली फिल्मों को सराहना और पुरस्कार भी मिले हैं. हालांकि, किसी भी तरह के दस्तावेज़ीकरण के अभाव में इन फिल्मों से संबंधित जानकारी करना मुश्किल था. किसलय कृष्ण की पुस्तक 'मैथिली सिनेमाक इतिहास' इस रिक्तता को भरती है.

छाया: करुणा की कोमल लय और प्रेम की अंतर्धारा

पुस्तक समीक्षा: मैथिली के वरिष्ठ कवि एवं सुप्रसिद्ध भाषा वैज्ञानिक उदय नारायण सिंह नचिकेता के काव्य संग्रह 'छाया' में कविताओं की कई परतें हैं. इनमें पौराणिक आख्यानों, लोकसंस्कृति की लय, समकालीन जीवन की धड़कन और वैश्विक परिघटनाओं की अनुगूंज समाहित है, जो इस कविता संग्रह को भारतीय काव्य-साहित्य की परंपरा में एक अनुपम कृति का दर्जा दिलाती है.