नैनन में आन-बान: हिंदुस्तानी संगीत की सांस्कृतिक निधि

पुस्तक समीक्षा: यतीन्द्र मिश्र की 'नैनन में आन-बान' को जो बात रोचक और पठनीय बनाती है वह है, विषयवस्तु की कसावट; हर कलावंत पर नपी-तुली और विस्तार से ज़्यादा गहराई. वैसे तो शास्त्रीय संगीत ही पुस्तक का केंद्रीय विषय है पर कुछ बातें ऐसी भी हैं जो कला-साहित्य जगत से जुड़े हर व्यक्ति को समझनी चाहिए जैसे- नवाचार के लिए परंपरा की ओर देखना ही पड़ता है या कलात्मक ऊंचाई विचार और विवेक के बिना संभव नहीं.