‘मजबूती का नाम महात्मा गांधी’ आज की राजनीति को इतिहास के ज़रिये समझने का प्रयास है

पुस्तक समीक्षा: पुरुषोत्तम अग्रवाल की 'मजबूती का नाम महात्मा गांधी' गांधी को देवता नहीं बनाती, न ही उन्हें गिराकर खड़ा होना चाहती है. वह पाठक को एक मुश्किल जगह पर छोड़ देती है, जहां गांधी पूरी तरह सही भी नहीं हैं, पूरी तरह ग़लत भी नहीं.