गणतंत्र में आधी हिस्सेदारी केवल स्त्रीवादी आग्रह नहीं, लोकतांत्रिक तर्क की स्वाभाविक परिणति है. आधी दुनिया को एक-तिहाई पर रोक देना प्रतिनिधित्व का संशोधन है, न्याय नहीं. भाजपा सचमुच 'नारी शक्ति वंदन' की राजनीति करती है तो उसे यह स्वीकार करना चाहिए कि वंदन का नैतिक अर्थ प्रतीक नहीं, साझेदारी है; और साझेदारी का अर्थ 33 नहीं, 50 है.
फ़ासीवादी या अर्ध-फ़ासीवादी राजनीति से लड़ने का पहला नियम होता है कि आप अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी और गौण प्रतिद्वंद्वी के बीच फ़र्क बनाए रखें. केरल में एलडीएफ को हराने की बेचैनी समझी जा सकती है; पर राहुल गांधी की भाषा रणनीतिक परिपक्वता का संकेत नहीं दे रही है. एलडीएफ को आरएसएस के बराबर ठहरा देना राजनीतिक बुद्धिमत्ता नहीं, बौद्धिक उतावलापन है.
राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों से किसान, पशुपालक और ग्रामीण ‘ओरण बचाओ, गोचर बचाओ’ के आह्वान के साथ जयपुर तक पदयात्रा कर रहे हैं. उनका कहना है कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन से सदियों पुरानी सामुदायिक संरक्षित ओरण भूमि और पशुधन आधारित जीवन-संस्कृति पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है.
रायसीना डायलॉग में अमेरिकी डिप्टी सेक्रेटरी क्रिस्टोफ़र लैंडौ का बयान वैश्विक शक्ति-राजनीति की वास्तविकता उजागर करता है. अंतरराष्ट्रीय संबंध स्थायी मित्रता नहीं, बल्कि हितों पर आधारित होते हैं. ऐसे में भारत के लिए चुनौती यह है कि वह भावनात्मक राष्ट्रवाद से आगे बढ़कर विज्ञान, तकनीक और आत्मनिर्भर नीति के सहारे अपनी वैश्विक भूमिका तय करे.
आज भारत-ईरान संबंधों की चर्चा प्रायः तेल और रणनीति के संदर्भ में होती है. परंतु सदियों पहले गुजरात के व्यापारी हॉर्मुज़ और बंदर अब्बास तक जाते थे. मसाले, वस्त्र, नील और रत्न पश्चिम की ओर जाते; घोड़े और धातुएं पूर्व की ओर आतीं. समुद्र सीमा नहीं था. वह सेतु था. आज का चाबहार पोर्ट उसी प्राचीन समुद्री तर्क का आधुनिक रूप है. एक ऐसा मार्ग जो भूगोल को राजनीति से ऊपर उठाने की कोशिश करता है.
महाराष्ट्र की राजनीति में ‘दादा’ कहलाने वाले अजित पवार का 28 जनवरी, 2026 को एक विमान हादसे में निधन हो गया. सहकारिता, गठबंधन और सत्ता-यथार्थवाद की राजनीति के प्रतीक रहे पवार के जाने से राज्य की सत्ता-संरचना में एक पूरा ‘पावर-रूम’ अचानक खाली हो गया.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रायसेन में ‘रामचरित मानस’ के प्रसिद्ध हनुमान–रावण संवाद को सीता–हनुमान संवाद के रूप में प्रस्तुत किया. यह तथ्यात्मक ग़लती विपक्षी नेताओं से होती तो हंगामा मचता, लेकिन यहां सन्नाटा रहा. यह घटना धार्मिक आख्यानों के राजनीतिक इस्तेमाल पर सवाल उठाती है.
शिबू सोरेन की कहानी किसी काल्पनिक नायक की नहीं है. यह उस भारत का पीड़ाकाव्य है, जिसे अक्सर मुख्यधारा की राजनीति और मीडिया ने अनदेखा किया. एक ऐसा भारत जो जंगलों में सांस लेता है, जो ज़मीन से जुड़ा है और जो बार-बार यह सवाल उठाता है कि 'विकास' किसका होता है.
जगदीप धनखड़ राजस्थानी किसान हैं, जो कई बार ज़मीन और फ़सल की हिफ़ाज़त के लिए झुक जाता है. लेकिन जब उसे लगता है कि पानी सिर से गुज़र रहा है तो वह पटखनी देने में देर नहीं लगाता. उसकी वह पटखनी किसी विद्रोही से भी अधिक ख़तरनाक़ होती है.
पुस्तक समीक्षा: अनामिका अनु की कहानियां पाठक के भीतर अस्थायी पीड़ा को पिरो जाती हैं. आत्मा, स्मृति और प्रतिरोध की ये स्त्री-कथाएं सौंदर्यशास्त्रीय बोध की अनुपमा के साथ मौजूद हैं.
राजस्थान में आ रहे सौर ऊर्जा संयंत्रों के चलते प्राकृतिक वनस्पति नष्ट हो रही है, चारागाह खत्म हो रहे हैं और जैव विविधता पर गंभीर संकट आ रहा है. राजस्थान के गौरव कहे जाते खेजड़ी के वृक्षों की बड़े पैमाने पर कटाई हो रही है.
रेगिस्तान पर मंडराते संकट पर हमारी रिपोर्ताज की यह दूसरी कड़ी.
पिछले वर्षों में राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों की बहुत सारी भूमि सौर ऊर्जा पैदा कर रही कंपनियों को आवंटित कर दी गई है. इससे स्थानीय लोगों में आक्रोश उमड़ रहा है, साथ ही कई तरह के सामाजिक संकट भी जन्म ले रहे हैं. वरिष्ठ पत्रकार त्रिभुवन द्वारा इस खास पड़ताल की पहली किस्त.
गगन गिल को मिला पुरस्कार हिंदी साहित्य के नेपथ्य में बजते उस पुरुष वर्चस्ववाद को भी एक चेतावनी है, जो आज तक न ब्राह्मणवाद से आगे निकल पाया है और न ही मनुवाद से. आज राजनीति में तो स्त्री अधिकारों का प्रश्न बहुत सशक्त ढंग से उठ रहा है, लेकिन साहित्य का संसार इससे अछूता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस मुक्त भारत के नारे लगाते हैं, अगर वे दीनदयाल उपाध्याय की ओर मुड़ें तो पता चलेगा कि भाजपा का आचरण उनके विचारों को नकार देता है.
कृष्ण जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण के साथ-साथ उन महान कवियों को भी याद किया जाना चाहिए, जिन्होंने कभी श्रीकृष्ण के प्रति भक्तिभाव से सुंदर काव्य रचे. यह दिन कवि तानसेन, ताज, रहीम, रसखान, जमाल, मुबारक, ताहिर अहमद, नेवाज, आलम, शेख तथा रसलीन का भी दिन है.