सीयूईटी-यूजी 2026 की पहली पाली शनिवार को कई केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ी के कारण देर से शुरू हुई. एनटीए के अनुसार 3,765 अभ्यर्थी बायोमेट्रिक सत्यापन के बावजूद परीक्षा दिए बिना लौट गए. एजेंसी ने उनके लिए दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की है. घटना ने एनटीए की परीक्षा व्यवस्था पर नए सवाल खड़े किए हैं.
दिल्ली विश्वविद्यालय के कालिंदी कॉलेज की दो महिला प्रोफेसरों ने कुछ पुरुष शिक्षकों पर यौन उत्पीड़न, आपत्तिजनक टिप्पणियां और धमकी देने के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है. दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद उन्होंने कुलपति प्रो. योगेश सिंह को पत्र लिखकर स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की अपील की है.
नीट पेपर लीक विवाद के बाद अब सीयूईटी-यूजी 2026 परीक्षा शनिवार को कुछ सेंटर्स पर देर से शुरू हुई, जिसे लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं. इस दौरान सोशल मीडिया पर छात्रों और अभिभावकों के कई वीडियो भी सामने आए, जिसमें बताया गया कि परीक्षा की पहली पाली के दौरान विभिन्न राज्यों के कुछ केंद्रों पर 2 घंटे से अधिक की देरी हुई, जिससे छात्र परेशान हुए. कई केंद्रों पर छात्रों ने नारेबाजी भी की.
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सीबीएसई द्वारा ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) कॉन्ट्रैक्ट देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी 'टीसीएस' को छोड़कर 'कोएम्प्ट एडुटेक' को दिए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीबीएसई की गड़बड़ी पर चुप्पी दिखाती है कि उन्हें केवल अपनी सरकार बचाने की चिंता है, लाखों छात्रों के भविष्य की नहीं.
सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आने के बाद इस हफ़्ते सैकड़ों स्कूल प्रधानाध्यापकों को एक सोशल मीडिया प्लेबुक यानी टूलकिट भेजी गई है. इसमें उनसे आग्रह किया गया है कि वे सीबीएसई के बचाव में सोशल मीडिया पर वीडियो और रील पोस्ट करें.
नीट-यूजी प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए वायुसेना की मदद लेने पर विचार से लेकर एसएससी परीक्षा रद्द होने और यूजीसी-नेट आवेदन में तकनीकी खामियों तक, हालिया घटनाएं बताती हैं कि देश की परीक्षा प्रणाली गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है. इसका सबसे बड़ा खामियाजा लाखों अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ रहा है.
21 जून को होने वाले नीट-यूजी री-एग्ज़ाम को लेकर कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ख़ुद इस परीक्षा की निगरानी करेंगे. इसके अलावा इस परीक्षा में पहली बार भारतीय सशस्त्र बलों (थल सेना और वायुसेना) की मदद लेने की बात भी सामने आ रही है, जिसे लेकर कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाए हैं.
नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के बाद शिक्षा पर बनी संसदीय स्थायी समिति ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को परीक्षा से जुड़े तमाम पहलुओं पर विस्तार से जवाब देने के लिए लगभग 20 सवाल भेजे हैं. इसमें नीट के पेपर तैयार करने के लिए विशेषज्ञों द्वारा एसओपी के पालन से लेकर पेपर सेट करने, अनुवाद करने, लाने- ले जाने और एजेंसी के स्टाफ की संख्या तक शामिल है.
सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन में कथित गड़बड़ी का मामला तब सुर्खियों में आया, जब एक छात्र ने दावा किया कि उसके रोल नंबर पर किसी और की उत्तर पुस्तिका अपलोड कर दी गई. बाद में सीबीएसई ने तकनीकी गलती स्वीकार की, लेकिन इस मुद्दे को उठाने पर छात्र को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और ‘पाकिस्तानी’ जैसे टिप्पणियों का सामना करना पड़ा.
आरएसएस से जुड़े संगठनों द्वारा लाल किले के मैदान में आयोजित एक आदिवासी सम्मेलन में शामिल होने आए प्रतिनिधियों के ठहराने के लिए राजधानी के कम-से-कम 72 सरकारी स्कूलों को सम्मेलन की अवधि के दौरान आवासीय केंद्रों में बदलने के आदेश दिए गए. शिक्षकों ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि यह कार्यक्रम एक गैर-सरकारी संगठन द्वारा आयोजित किया गया था.
एनसीईआरटी के दिल्ली स्थित मुख्यालय ने 8 मई को एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमे लंच ब्रेक को नियंत्रित करने और कार्यालय समय के दौरान कर्मचारियों के कैंपस से बाहर जाने पर रोक लगाने की बात कही गई है. एनसीईआरटी की फैकल्टी ने इसे बढ़ती निगरानी और प्रशासनिक नियंत्रण की बानगी बताया है और सर्कुलर की भाषा और तरीके की तुलना औपनिवेशिक दौर से की है.
उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने घोषणा की है कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में ड्रेस कोड अनिवार्य किया जाएगा. विपक्षी दलों ने इस क़दम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे युवाओं को नियंत्रित करने की सोची-समझी कोशिश बताया है.
बताया जा रहा है कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द किए जाने के बाद देश के विभिन्न राज्यों में तनाव में आए चार छात्रों ने आत्महत्या कर ली है. पेपर लीक के आरोपों के बीच नीट यूजी 2026 की परीक्षा 12 मई को रद्द कर दी गई थी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘सिस्टम द्वारा की गई हत्या’ क़रार दिया है.
तीन मई को आयोजित की गई नीट-यूजी 2026 की परीक्षा पेपर लीक के दावों के बाद रद्द कर दी गई थी, जिसके बाद अब यह परीक्षा दोबारा 21 जून को होगी. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि 'गेस पेपर' के नाम पर असली सवाल लीक हुए थे और अगले साल से यह परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की जाएगी.
कर्नाटक सरकार के 13 मई को जारी नए आदेश में छात्रों को यूनिफॉर्म के साथ 'सीमित पारंपरिक और प्रथा-आधारित प्रतीक' पहनने की अनुमति दी गई है- जिनमें हिजाब, जनेऊ, रुद्राक्ष आदि शामिल हैं. फरवरी 2022 में मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनने से रोकने वाले राज्य शिक्षा संस्थानों के फैसले को मान्य करते हुए कर्नाटक की तत्कालीन भाजपा सरकार ने हिजाब पर प्रतिबंध लगा दिया था.