आरोप है कि दूसरी जाति की एक महिला से शादी करने के कारण 60 साल के चतुरभुजा बांका को समाज से बहिष्कृत कर दिया गया था इसलिए लाश को ले जाने में किसी ने भी उनकी मदद नहीं की.
मुज़फ़्फ़रपुर स्थित एक बालिका गृह में रह रहीं लड़कियों के बलात्कार और यौन उत्पीड़न मामले पर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दोषियों को न बख्शने की बात कही.
केंद्र सरकार ने इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम द्वारा जस्टिस जोसेफ की सिफारिश को वापस भेज दिया था. सरकार का तर्क था कि जस्टिस जोसेफ से सीनियर कई जज हैं, जिन्हें मौका मिलना चाहिए.
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के प्रावधान वाले विधेयक पर चर्चा के दौरान लोकसभा सदस्यों ने सरकार से मांग की कि ओबीसी समाज के लिए अलग मंत्रालय का गठन हो ताकि उन्हें समुचित अधिकार मिल सकें.
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) ने सात अगस्त को कुलपति प्रो. एम. जगदीश कुमार को पद से हटाने और उच्च शिक्षा निधि प्राधिकरण से ऋण लेने के ख़िलाफ़ जनमत संग्रह कराने का फैसला किया है.
असम में एनआरसी मसौदा जारी होने के बाद से भाजपा नेता देश के विभिन्न राज्यों में एनआरसी की मांग कर रहे हैं. वहीं भाजपा महासचिव राम माधव का कहना है कि देश भर से रोहिंग्या घुसपैठियों को डिपोर्ट किया जाएगा.
शीर्ष अदालत ने कहा कि मीडिया द्वारा पीड़िताओं का साक्षात्कार लेकर उन्हें बार-बार अपने अपमान को दोहराने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता. साथ ही, अदालत ने मामले में केंद्र और बिहार सरकार से जवाब मांगा है.
रेल मंत्रालय ने एक आरटीआई के जवाब में यह जानकारी दी है.
उत्तर प्रदेश के कौशांबी में विकास कार्यों की समीक्षा करने गईं उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को दलित होने के चलते कथित तौर पर गांव के प्रधान और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने बर्तन में पानी देने से इनकार कर दिया.
शीर्ष अदालत 158 वर्ष पुरानी भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 497 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रही है.
भारतीय युवा परमानेंट रोज़गार की तैयारी में जवानी के पांच-पांच साल हवन कर रहे हैं. उनसे यह बात क्यों नहीं कही जा रही है कि रोज़गार का चेहरा बदल गया है. अब अस्थायी काम ही रोज़गार का नया चेहरा होगा.
ब्रजेश के स्वामित्व वाले अख़बार 'प्रात: कमल' की 300 से अधिक प्रतियां प्रकाशित नहीं होती हैं लेकिन प्रसारण संख्या 60,862 प्रति रोजाना दिखाकर बिहार सरकार से हर वर्ष क़रीब 30 लाख रुपये के विज्ञापन लिए जाते थे.
एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम को अपने पुराने और मूल स्वरूप में फिर से लागू करने के लिए केंद्र सरकार संसद के इसी सत्र में संशोधन बिल पेश करेगी.
केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बताया कि सरकार राज्य सूचना आयोगों में लंबित अपील या शिकायतों से संबंधित कोई आंकड़ा नहीं रखती है.
याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व में केंद्र सरकार को दिए उस निर्देश की पालना की जाए जिसमें कहा गया था कि नर्सिंग होम और निजी अस्पतालों में नर्सों के वेतन और कार्य परिस्थितियों को सुधारने के लिए एक समिति का गठन हो.