एक जनहित याचिका में उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रॉन के कारण इसके बढ़ते मामलों के मद्देनज़र स्थगित करने का अनुरोध किया गया है, जिसके बाद हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग से डिजिटल रैलियों जैसे वैकल्पिक तरीकों के बारे में सोचने के लिए कहा है.
8 दिसंबर को हुए इस हादसे के जांचकर्ताओं ने रूस में निर्मित दो इंजन वाले एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के पीछे किसी तकनीकी गड़बड़ी या षड्यंत्र की आशंका से इनकार किया है. ख़राब मौसम के कारण कंट्रोल्ड फ्लाइट इनटू टेरेन (सीएफआईटी) की स्थिति को घटना का मुख्य वजह माना गया है.
मुंबई पुलिस ने बताया कि सिख समुदाय से संबंधित नामों का इस्तेमाल यह दिखाने के लिए किया गया कि ये ट्विटर हैंडल उस समुदाय के लोगों द्वारा बनाए गए हैं. ‘बुली बाई’ ऐप के ज़रिये जिन महिलाओं को निशाना बनाया गया, वे मुस्लिम थीं, इसलिए ऐसी संभावना थी कि इससे दो समुदायों के बीच दुश्मनी पैदा हो सकती थी और सार्वजनिक शांति भंग हो सकती थी.
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार मामले में आगे की कार्रवाई के लिए राज्यों के पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही है. संदेश सेवा ‘टेलीग्राम’ पर एक ख़ास चैनल को सोशल मीडिया पर कुछ उपयोगकर्ताओं द्वारा चिह्नित किया गया, जिन्होंने बताया कि यह हिंदू महिलाओं को निशाना बना रहा था, उनकी तस्वीरें साझा करने के साथ ही उन्हें अपशब्द कह रहा था.
घटना सूरत के सचिन औद्योगिक क्षेत्र में हुई. एक फैक्टरी के पास खड़े रसायन से भरे टैंकर से कथित तौर पर निकले जहरीले धुएं की चपेट में आने से आसपास के इलाकों में मौजूद 26 मज़दूर बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया.
भारत में कोविड 19 वायरस के ओमीक्रॉन वैरिएंट के एक दिन में सर्वाधिक 495 नए मामले आए हैं. देश में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 3,51,09,286 हो गई है और मौत का आंकड़ा 4,82,876 हो चुका है. विश्व में संक्रमण के 29.78 करोड़ से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं और 54.65 लाख से अधिक लोगों ने इस महामारी की चपेट में आकर दम तोड़ा है.
2014 के बाद हिंसा जैसे इस समाज के पोर-पोर से फूटकर बह रही है. कहना होगा कि भारत के हिंदू समुदाय में हिंसा का भाव और दूसरे समुदायों से घृणा बढ़ी है. ग़ैर-हिंदू समुदायों में हिंदू विरोधी घृणा के प्रचार के उदाहरण नहीं मिलते हैं. यह घृणा और हिंसा एकतरफा है.
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेश सिंह अपने 15 महीनों के कार्यकाल के दौरान लगातार विवादों में रहे हैं. फैकल्टी सदस्य और विद्यार्थी उन पर अनियमितता, मनमाने निर्णयों और शिक्षकों के साथ बदसलूकी के आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग कर रहे हैं.
कठुआ बलात्कार और हत्या मामले में दोषी पुलिसकर्मियों को उनकी पांच साल की जेल की सज़ा पूरी होने से पहले ही रिहा कर दिया गया और अदालत ने उनकी बाकी बची सज़ा भी रद्द कर दी है.
21 दिसंबर को किसान और आरटीआई कार्यकर्ता अमराराम गोदारा का बाड़मेर से अपहरण किया गया और बेरहमी से पीटने के बाद लगभग मरणासन्न हालत में उनके घर के पास फेंक दिया गया. लगातार आरटीआई एवं अन्य मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर बढ़ते हमले जवाबदेही क़ानून की ज़रूरत को रेखांकित करते हैं.
भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने एयर इंडिया की विनिवेश प्रक्रिया को रद्द करने और अधिकारियों द्वारा इसे दी गई मंज़ूरी पर रोक लगाने के अनुरोध के साथ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है.
शिक्षा मंत्रालय ने ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के बैनर तले 30 राज्यों में सूर्य नमस्कार की एक योजना बनाई है, जिसमें 30 हज़ार स्कूलों को शामिल किया जाएगा. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा कि इस्लाम और देश के अन्य अल्पसंख्यक न सूर्य को देवता मानते हैं और न ही उसकी उपासना को सही मानते हैं. इसलिए सरकार का यह कर्तव्य है कि वह ऐसे निर्देश वापस लेकर देश के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों का सम्मान करे.
सीजेआई एनवी रमना ने सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्त हुए जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी के विदाई कार्यक्रम में कहा कि रिटायरमेंट आज़ादी वापस पाने की तरह है, ख़ासतौर पर एक जज के लिए, क्योंकि वे तब सभी पाबंदियों से मुक्त होते हैं जो पद पर रहने के दौरान होती हैं.
बीते कुछ हफ़्तों में भाजपा के नौ विधायकों ने पार्टी के वॉट्सऐप ग्रुप छोड़े थे, जिनमें से पांच- मुकुटमोनी अधिकारी, सुब्रत ठाकुर, अंबिका रॉय, अशोक कीर्तनिया और असीम सरकार उन्हें राज्य समिति से बाहर निकालने जाने से असंतुष्ट हैं. इनमें से अधिकतर मतुआ समुदाय से हैं.
पुणे पुलिस ने धार्मिक नेता कालीचरण महाराज, दक्षिणपंथी नेता मिलिंद एकबोटे, कैप्टन (रिटा.) दिगेंद्र कुमार और अन्य के ख़िलाफ़ एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया था. कालीचरण पर महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में दो मामले दर्ज किए गए हैं.