मीडिया

पत्रकारों ने ‘द कश्मीर वाला’ के संपादक फ़हद शाह की रिहाई की मांग की

समाचार वेबसाइट ‘द कश्मीर वाला’ के संपादक फ़हद शाह पिछले एक साल से जेल में हैं. उन पर गै़रक़ानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्हें आतंकवाद का महिमामंडन करने, फ़र्ज़ी ख़बरें फैलाने और आम जनता को क़ानून व्यवस्था के ख़िलाफ़ भड़काने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था.

महिला पत्रकारों को मिलने वाली ऑनलाइन धमकियों के लिए भाजपा समर्थित ट्रोल्स ज़िम्मेदार: अध्ययन

अमेरिका के इंटरनेशनल सेंटर फॉर जर्नलिस्ट्स द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन में बताया गया है कि भारत समेत कई देशों में किए गए सर्वे में सामने आया है कि 75 फीसदी महिला पत्रकारों ने माना है कि वे ऑनलाइन हिंसक हमलों का सामना कर रही हैं. कई महिलाओं ने यह भी बताया कि ऑनलाइन ट्रोलिंग का नतीजा शारीरिक हमलों के तौर पर भी सामने आया.

मीडिया संगठनों ने बीबीसी पर ‘आयकर सर्वे’ की निंदा की, ‘प्रतिशोध की कार्रवाई’ बताया

बीबीसी के दिल्ली और मुंबई के दफ़्तरों में आयकर विभाग की कार्रवाई की निंदा करते हुए कई मीडिया संगठनों ने इसे पत्रकारिता संस्थानों को डराने-धमकाने के लिए सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग बताया है.

बीबीसी आयकर ‘सर्वे’: विपक्ष ने प्रतिशोध की कार्रवाई बताया, कहा- अलोकतांत्रिक और तानाशाही क़दम

बीबीसी के दिल्ली और मुंबई के दफ़्तरों में आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद विपक्ष ने कहा कि बीते दिनों गुजरात दंगों में नरेंद्र मोदी की भूमिका संबंधी बीबीसी डॉक्यूमेंट्री को लेकर केंद्र सरकार प्रतिशोधात्मक कार्रवाई कर रही है. कांग्रेस ने कहा कि इस कार्रवाई से सरकार की हताशा दिखाई दे रही है.

डॉक्यूमेंट्री विवाद के बाद बीबीसी दफ़्तर पहुंचा आयकर विभाग, कहा- ‘सर्वे’ के लिए आए हैं

बीबीसी के दिल्ली और मुंबई के दफ़्तरों में यह कार्रवाई 2002 के गुजरात दंगों में नरेंद्र मोदी की भूमिका और भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर दो भाग वाली डॉक्यूमेंट्री ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ प्रसारित करने के कुछ सप्ताह बाद हुई है. डॉक्यूमेंट्री को भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित किया गया है.

दो साल बाद जेल से रिहा हुए सिद्दीक़ कप्पन ने कहा- मुझे मुस्लिम होने के चलते निशाना बनाया गया

वीडियो: केरल के पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन को अक्टूबर 2020 में गिरफ़्तार किया गया था, जब वह यूपी के हाथरस में सामूहिक बलात्कार मामले की रिपोर्ट के लिए जा रहे थे. बीते 2 फरवरी को उन्हें दो साल से अधिक समय के बाद ज़मानत पर रिहा कर दिया गया. उनसे द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

बजरंग दल की हिंसा पर ख़बर के बाद इंदौर पुलिस ने पत्रकार से पूछताछ की

समाचार वेबसाइट स्क्रॉल के रिपोर्टर ज़फ़र आफ़ाक़ ने बीते दिनों मध्य प्रदेश के इंदौर से एक रिपोर्ट की थी, जिसमें बजरंग दल के सदस्यों द्वारा मुस्लिम युवकों पर हमले और पुलिस कार्रवाई में भेदभाव की बात कही गई थी.

महाराष्ट्र पत्रकार हत्या: बढ़ते विरोध और दबाव के बीच एसआईटी जांच के आदेश दिए गए

महाराष्ट्र के रत्नागिरी के एक स्थानीय दैनिक अख़बार में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले भू-एजेंट पंढरीनाथ आंबेरकर से संबंधित ख़बर लिखने वाले पत्रकार शशिकांत वारिशे को बीते छह फरवरी को एक एसयूवी ने टक्कर मार दी थी और अगले दिन अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई थी. आरोप है कि उक्त एसयूवी को आंबेरकर चला रहा था.

अनुच्छेद 370 हटने के बाद क्या कश्मीर में पत्रकारिता मना है?

वीडियो: अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद कश्मीर में पत्रकारों की क्या स्थिति है, वे किन हालात में काम कर रहे हैं, क्या वे सुरक्षित महसूस करते हैं? इन विषयों को लेकर कश्मीर के कुछ पत्रकारों से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

सुप्रीम कोर्ट ने भारत में बीबीसी के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने संबंधी याचिका ख़ारिज की

2002 के गुजरात दंगों से संबंधित विवादित डॉक्यूमेंट्री के मद्देनज़र भारत में समाचार वेबसाइट बीबीसी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने संबंधी याचिका में कहा गया था कि डॉक्यूमेंट्री भारत और इसके प्रधानमंत्री के वैश्विक उदय के ख़िलाफ़ गहरी साज़िश का परिणाम है.

मीडिया संगठनों ने महाराष्ट्र के पत्रकार की हत्या की न्यायिक जांच की मांग की

महाराष्ट्र के रत्नागिरी के एक स्थानीय दैनिक अख़बार में कथित आपराधिक पृष्ठभूमि वाले भू-एजेंट पंढरीनाथ आंबेरकर से संबंधित ख़बर छपने के बाद इसे लिखने वाले पत्रकार शशिकांत वारिशे को कथित तौर पर कार से कुचलकर मार दिया गया था. यह कार कथित तौर पर आरोपी ही चला रहा था. पुलिस से उसे गिरफ़्तार कर लिया है.

गुड़गांव की पॉक्सो अदालत ने दीपक चौरसिया के ख़िलाफ़ अरेस्ट वॉरंट जारी किया

टीवी एंकर दीपक चौरसिया उनके ख़िलाफ़ दर्ज पॉक्सो मामले की सुनवाई से छूट की अर्ज़ी देते हुए कहा था कि उन्हें उसी दिन यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इंटरव्यू लेना है. कोर्ट ने इसे नामंज़ूर करते हुए कहा कि इसके साथ कोई ‘हलफ़नामा या ठोस दस्तावेज़ी प्रमाण’ नहीं दिया गया है. अदालत ने उनके ख़िलाफ़ ग़ैर-ज़मानती वॉरंट जारी किया है.

महाराष्ट्र: ज़मीन एजेंट के ख़िलाफ़ ख़बर लिखने को लेकर पत्रकार की हत्या

महाराष्ट्र के रत्नागिरी से निकलने वाले एक स्थानीय अख़बार में एक आपराधिक पृष्ठभूमि वाले स्थानीय भूमि एजेंट के बारे में ख़बर लिखने के कुछ ही घंटों के बाद शशिकांत वारिशे नाम के पत्रकार को इस एजेंट ने कार से कुचल दिया था, जिसके बाद गंभीर रूप से घायल पत्रकार की अस्पताल में मौत हो गई.

दो साल से अधिक समय बाद केरल के पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन जेल से रिहा

केरल के पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन और तीन अन्य को अक्टूबर 2020 में गिरफ़्तार किया गया था, जब वह उत्तर प्रदेश के हाथरस में सामूहिक बलात्कार मामले की रिपोर्ट करने के लिए जा रहे थे. यूपी पुलिस ने कप्पन पर जाति आधारित दंगा भड़काने का इरादा रखने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का मामला दर्ज किया था. इसके बाद उन पर देशद्रोह और यूएपीए के तहत भी मामले जोड़े गए थे.

अमेरिका के नेशनल प्रेस क्लब ने मोदी सरकार से कहा- बीबीसी डॉक्यूमेंट्री से प्रतिबंध हटाएं

अमेरिका के नेशनल प्रेस क्लब द्वारा जारी बयान में भारत सरकार से बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ से प्रतिबंध हटाने का आग्रह करते हुए कहा गया है कि अगर भारत ‘प्रेस की स्वतंत्रता को नष्ट करना जारी रखता’ रहा, तो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में यह अपनी पहचान को बनाए नहीं रख सकता.