यह याद रखना चाहिए सरकार का विरोध करना अपराध नहीं है

आज के नव उग्र-राष्ट्रवादी समय में यह याद करना फ़ायदेमंद होगा कि परिपक्व राष्ट्र युद्ध के समय भी साधारण व्यक्तियों या सुपरस्टारों को भी आधिकारिक ‘लकीर’ से अलग चलने की आज़ादी देता है.

पंजाब: 84 के दंगा पीड़ितों का मुकदमा लड़ने के लिए नेता विपक्ष के पद से इस्तीफा देंगे एचएस फुलका

दिल्ली बार काउंसिल ने आप विधायक और सुप्रीम कोर्ट के वक़ील फुलका के लाभ के पद पर होने की बात कहते हुए उन्हें कांग्रेस नेता सज्जन कुमार और अन्य के ख़िलाफ़ कई मामलों में पीड़ितों की ओर से अदालत में पेश होने की इजाज़त नहीं दी थी.

‘आज लोहिया होते तो भाजपा के ख़िलाफ़ वैसा ही मोर्चा बनाते जैसा कांग्रेस के विरुद्ध बनाया था’

राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा उम्मीदवार को समर्थन देने से लेकर विपक्ष की एकजुटता और आगे की चुनावी रणनीतियों पर जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद केसी त्यागी से एमके वेणु की बातचीत.

क्या केंद्र दार्जिलिंग में अशांति ख़त्म करने की ज़रूरत नहीं समझता: उच्च न्यायालय

पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र के बीच कलह को लेकर नाखुशी ज़ाहिर करते हुए पीठ ने कहा, हालात तभी सुधर सकते हैं जब दोनों पक्ष साथ बैठें और मतभेद सुलझाएं.

‘यदि चंद्रशेखर की सरकार छह माह तक बनी रहती तो बाबरी विवाद सुलझ जाता’

देश के पूर्व कृषि मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे शरद पवार ने अपनी आत्मकथा में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के संदर्भ में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की भूमिका को याद किया है.

ममता बनर्जी से पूछा जाना चाहिए कि सांप्रदायिकता से निपटने का आपका बेंचमार्क क्या है?

ममता न तो अल्पसंख्यक तुष्टीकरण के आरोपों-अफवाहों पर लगाम कस पा रही हैं और न ही बहुसंख्यक उग्रता पर. आखिर सांप्रदायिकता को रोकने में बहुसंख्यक वोटों की सरकारों की तरह अल्पसंख्यक वोटों की सरकारें भी क्यों लाचार नज़र आती हैं?

‘जबसे मोदीजी प्रधानमंत्री बने हैं, आरएसएस, एबीवीपी और भाजपा वालों को चर्बी चढ़ गई है’

हमारे संविधान का उद्देश्य है देश को सेक्युलर, समाजवादी और लोकतांत्रिक बनाना. लेकिन मनुवादी सोच वाले लोग इसे हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते हैं, हमारा संविधान जिसकी इजाज़त नहीं देता.

क्या मोदी मजबूत चुनाव आयोग नहीं चाहते?

झूठे प्रचार और अफवाह सिर्फ संस्थानों को ही नुकसान नहीं पहुंचाते, देश को भी आग में झोंक सकते हैं. चुनाव आयोग की निष्पक्षता, स्वतंत्रता और ईमानदारी की रक्षा किसी भी कीमत पर किये जाने की जरूरत है.

मंदसौर से निकली ‘किसान मुक्ति यात्रा’ को पुलिस ने रोका

किसान यात्रा में शामिल योगेंद्र यादव, मेधा पाटेकर समेत कई किसान नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और उनके अगले पड़ाव पर छोड़ दिया.

अगर ये भीड़ दादरी में ही दफ़न कर दी जाती तो इसकी आंच बंगाल तक कभी नहीं आती

जिस पैगम्बर के व्यवहार ने उनपर रोज़ कूड़ा फेंकने वाली औरत को बदलने पर मजबूर कर दिया, उन्हीं के कुछ अनुयायी एक फेसबुक पोस्ट मात्र पर हिंसक हो जाते हैं.

आप के तीन विधायकों के ख़िलाफ़ महिला की शिकायत पर एफआईआर

दिल्ली पुलिस ने विधानसभा परिसर में एक महिला से बदसलूकी करने की शिकायत पर आम आदमी पार्टी आप के तीन विधायकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

गांव वही था, लोग भी वही थे, मगर ईद वह नहीं थी

अपने हिंदू दोस्तों को ईद की दावत दी. सबने चिकन-मटन खाने से मना कर दिया. ये वही दोस्त थे जो इसके पहले सिर्फ़ इस शर्त पर आते थे कि चिकन-मटन खाने को मिलेगा.

प्रोपेगैंडा तय करता है कि ख़ून का दाग़ भीड़ पर लगे और नेता निर्दोष नज़र आएं

भारत में सब हत्या करने वाली भीड़ को ही दोष दे रहे हैं. कोई नहीं जांच करता कि बिना आदेश के जो भीड़ बन जाती है उसमें शामिल लोगों का दिमाग़ किस ज़हर से भरा हुआ है.

ख़ुशहाली मंत्रालय वाले मध्य प्रदेश में एक महीने में 50 से ज़्यादा किसानों ने की ख़ुदकुशी

मध्य प्रदेश में खुशहाली मंत्रालय है, राज्य को 4 बार कृषि कर्मण अवॉर्ड मिल चुका है, सरकार कृषि क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति​ का दावा करती है, फिर राज्य के किसान क़र्ज़ में कैसे डूबे हैं और वे आत्महत्या क्यों कर रहे हैं?

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