शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों पर यूजीसी द्वारा सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को लिखे एक पत्र में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि विश्वविद्यालय विभिन्न सरकारी सर्वेक्षणों में भाग लें और अपने पत्रकारिता पाठ्यक्रमों की समीक्षा करें ताकि उन्हें 'अधिक प्रभावी' बनाया जा सके.
उत्तराखंड के कौसानी के एक सरकारी स्कूल परिसर में छोटा-सा ‘भूत का मंदिर’ बनाए जाने का मामला सामने आया है. ख़बरों में दावा किया गया है कि 'पिछले 30 वर्षों से स्कूल परिसर में भटकने वाली आत्मा को शांत करने' के उद्देश्य से इसे बनाया गया और निर्माण के लिए छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से चंदा इकट्ठा किया गया. इस बारे में विवाद होने पर शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन में बताया गया है कि इस वर्ष जनवरी में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने विशेषज्ञ समिति की उन सिफ़ारिशों को मंज़ूरी दी थी, जिनमें एनसीईआरटी को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा देने की वकालत की गई थी.
केंद्रीय विश्वविद्यालय, गुजरात ने एक आधिकारिक नोटिस में गैस आपूर्ति की कमी को स्वीकारते हुए कहा कि इस कारण मेस व्यवस्था प्रभावित हुई है और मेन्यू में कटौती की बात लिखी है. यह स्थिति केंद्र सरकार के उस दावे के विपरीत है, जिसमें देश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता बताई गई थी.
शनिवार को ग्रेटर नोएडा स्थित जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में युवाओं की भीड़ को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि कई छात्रों को रैली में जाने पर दो दिन की अटेंडेंस देने का लालच देकर लाया गया. सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में गलगोटिया यूनिवर्सिटी की एक छात्रा कहती हैं कि उनके यहां से 300 बसों में छात्रों को समारोह में लाया गया था.
मेरठ के सरधना के सेंट जोसेफ गर्ल्स इंटर कॉलेज में 27 मार्च को छात्राएं वार्षिक उत्सव के लिए एकत्रित हुई थीं, तभी कथित तौर पर बजरंग दल सदस्यों ने विरोध करते हुए हंगामा मचाया. उनका दावा था कि वहां रामनवमी के दिन ईद मिलन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था.
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पीएम की मिमिक्री करने वाले शिक्षक के निलंबन पर रोक लगाई, अधिकारियों को फटकार
मध्य प्रदेश के एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को गैस की किल्लत से जुड़े वीडियो में पीएम मोदी की मिमिक्री करने पर निलंबित कर दिया गया था, जिसे शिक्षक ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. अदालत ने इस कार्रवाई को 'सस्पेंशन सिंड्रोम' क़रार देते हुए निलंबन पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी जनप्रतिनिधि की शिकायत पर बिना जांच-पड़ताल के, केवल दबाव में आकर किसी कर्मचारी को निलंबित करना पूरी तरह अनुचित है.
डीयू प्रशासन ने कैंपस के भीतर प्रदर्शन को लेकर नियम सख्त करते हुए नए निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत अब किसी भी विरोध प्रदर्शन से पहले 72 घंटे पूर्व लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा, साथ ही बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है.
जम्मू विश्वविद्यालय की एक समिति ने एबीवीपी के विरोध के बाद एमए, राजनीति विज्ञान के पाठ्यक्रम से मोहम्मद अली जिन्ना, शिक्षाविद सैयद अहमद खान तथा प्रसिद्ध शायर मोहम्मद इक़बाल से जुड़े विषय हटाने की सिफ़ारिश की है. बताया गया है कि प्रस्ताव बोर्ड ऑफ स्टडीज़ को भेजा गया है, जिस पर जल्द निर्णय लिया जाएगा.
शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल से संबंधित विभागीय स्थायी समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि यूजीसी में स्वीकृत 763 ग़ैर-शैक्षणिक पदों में से 516 पद खाली हैं', जो 67.6% की रिक्ति दर है. इसी तरह एआईसीटीई में मध्य और वरिष्ठ प्रशासनिक स्तरों पर स्वीकृत पदों में से 63.6% पद खाली हैं.
हरियाणा पुलिस ने पिछले साल 18 मई को अशोका विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को गिरफ़्तार किया था. ये मामला 'ऑपरेशन सिंदूर' से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट के उनकी टिप्पणी से जुड़ा था. उनके ख़िलाफ़ दो एफआईआर दर्ज की गई थीं, जिस पर अब हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि उसने इस मामले में मुक़दमा चलाने की मंज़ूरी नहीं दी है.
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की संसदीय स्थायी समिति, जिसकी अध्यक्षता भाजपा के सांसद पी.सी. मोहन कर रहे हैं, ने अल्पसंख्यकों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं में लगातार बजट कटौती, धन के कम उपयोग और क्रियान्वयन में कमियों पर चिंता जताई है.
महाराष्ट्र के स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने विधानसभा में कहा कि सरकार उन स्कूलों के ख़िलाफ़ सख्त कदम उठाएगी, चाहे वे राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध ही क्यों न हों, जो मराठी पढ़ाने को अनिवार्य बनाने वाले कानून का पालन नहीं कर रहे हैं. उनकी मान्यता रद्द भी कर सकती है.
सुप्रीम कोर्ट एनसीईआरटी निदेशक द्वारा दायर हलफ़नामे में दिए गए एक 'अत्यंत संक्षिप्त' बयान पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें विवादित अध्याय को फिर से लिखने की बात कही है. साथ ही अदालत ने निर्देश दिया कि संशोधित अध्याय तभी प्रकाशित होगा जब विशेषज्ञ समिति उसे मंज़ूरी देगी.
कक्षा आठ की एक किताब में न्यायपालिका में ‘भ्रष्टाचार’ का उल्लेख किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद एनसीईआरटी ने एक बयान जारी कर बिना शर्त माफ़ी मांगते हुए कहा कि उसे इस घटना से हुई असुविधा के लिए गहरा खेद है. साथ ही संस्था ने यह भी कहा कि वह शैक्षिक सामग्री में सटीकता, संवेदनशीलता और ज़िम्मेदारी के सर्वोच्च मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.