आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2023-24 के बीच मुकदमों पर 409 करोड़ रुपये से अधिक ख़र्च किए. केंद्र सरकार विभिन्न अदालतों में लंबित लगभग सात लाख मामलों में पक्ष है, जिसमें अकेले वित्त मंत्रालय ही लगभग दो लाख मामलों में पक्ष है.
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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन गहलोत पर आरोप है कि 2007-09 के बीच किसानों के लिए पोटाश म्यूरेट का निर्यात दक्षिण पूर्व एशियाई देशों और अन्य बाज़ारों में ‘औद्योगिक सॉल्ट’ के रूप में किया गया था, जबकि यह निर्यात के लिए प्रतिबंधित है. छापेमारी पर कांग्रेस ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत ने राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ को लेकर दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों में अग्रिम भूमिका निभाई थी जिस कारण सरकार ने यह क़दम उठाया
विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि 2020 में ही भारत में कोरोना वायरस संक्रमण से 8.30 लाख लोगों की मौत हुई. द रिपोर्टर्स कलेक्टिव का विश्लेषण बताता है कि इन अनुमानों को तथ्यों से परे बताकर ख़ारिज करने के लिए केंद्र सरकार ने जिन आंकड़ों का इस्तेमाल किया, उनकी विश्वसनीयता भी संदिग्ध है.
नौकरी को लेकर युवाओं का कोई भी प्रदर्शन केवल उनकी अपनी नौकरी को लेकर है. इसलिए नौकरी और युवाओं का कथित आक्रोश राजनीतिक मुद्दा होते हुए भी वोट का मुद्दा नहीं है. जिस लड़ाई को आप लड़ने चले हैं, उसे आप बहुत पहले रौंद चुके हैं. आपने दूसरों की ऐसी अनेक लड़ाइयां ख़त्म की, मैदान तक ख़त्म दिए. अब जब मैदान दलदल में बदल गया है, तब उसमें लड़ाई के लिए उतरे हैं. आप फंसते चले जाएंगे.
पिछले हफ़्ते सीलोन इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के अध्यक्ष ने एक संसदीय समिति के सामने कहा था कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को मन्नार के एक पावर प्रोजेक्ट को अडानी समूह को देने को कहा था. इसके बाद उन्होंने बयान वापस ले लिया और अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया. अब लोगों ने अडानी समूह को परियोजना देने में पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाए हैं.
एनसीईआरटी ने कक्षा 12वीं की राजनीतिक विज्ञान की किताब से जिन पृष्ठों को हटाया है उनमें दंगों से निपटने में गुजरात सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे, साथ ही तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को 'राजधर्म' की सीख देने का ज़िक्र था.
अमेरिकी सुरक्षा शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि उनके हाथ ऐसे सबूत लगे हैं जो बताते हैं कि पुणे पुलिस के तार एल्गार परिषद-भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ़्तार कार्यकर्ता रोला विल्सन, वरवरा राव और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हेनी बाबू के ईमेल खातों की हैकिंग से जुड़ते हैं.
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