30 जनवरी 2025 को शहीद दिवस के दिन मानवाधिकारों, इंसानियत और एकता के लिए खड़े होने वाले ढेरों लोग अजमेर में सद्भावना यात्रा के लिए जुटे थे. अलग-अलग सदी की तीन कहानियों से जुड़े ये लोग शांति और करुणा के लिए दरगाह शरीफ़ तक पहुंचे.