सुप्रीम कोर्ट ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के भाषण के सरकारी ट्रांसक्रिप्ट की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए केंद्र से वास्तविक और सटीक अनुवाद पेश करने को कहा. अदालत ने एआई के दौर में 98% सटीकता पर जोर दिया. इस बीच किसान संगठन ने उनकी रिहाई की मांग तेज कर दी है.