एसआईआर प्रक्रिया से पहले मिज़ोरम, ओडिशा, मणिपुर और सिक्किम का संयुक्त मतदाता आधार 3.68 करोड़ था, जो अब घटकर 3.46 करोड़ रह गया है. इन राज्यों की मसौदा मतदाता सूचियों से इतनी ही संख्या में मतदाताओं को बाहर रखा गया है.
जातीय हिंसाग्रस्त मणिपुर के कम से कम 14 मेईतेई नागरिक समाज संगठनों ने मांग कि राज्य में 2027 की जनगणना से पहले एनआरसी लागू किया जाए. उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति का समाधान तभी संभव है, जब यह पहचान की जाए कि राज्य में वास्तविक भारतीय नागरिक कौन हैं और अवैध प्रवासी कौन हैं. वहीं, कुकी-जो और नगा जैसे आदिवासी समूहों ने आशंका जताई है कि इसका इस्तेमाल उन्हें निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है.
हिंसाग्रस्त मणिपुर के उखरुल ज़िले में नोंगशोंग कोंग गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-202 पर संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में असम राइफल्स के दो जवानों की मौत हो गई. मणिपुर सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि दोषियों को जल्द ही सज़ा दिलाई जाएगी.
मणिपुर के कांगपोकपी ज़िले में रविवारशाम को एक कुकी गांव में हुए कथित गोलीबारी में आठ साल की बच्ची और एक महिला घायल हो गए हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, हथियारबंद लोगों ने अत्याधुनिक हथियारों से गोलीबारी की और गांव पर विस्फोटक फेंके. ग्रामीणों का यह भी दावा है कि हमलावरों ने भागने से पहले कई घरों में आग लगा दी.
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कुकी समूहों पर छह नगा नागरिकों की कथित हत्या के आरोप के बाद शुरू हुई नगा संगठनों की नाकेबंदी ने पिछले डेढ़ महीने से मणिपुर के कांगपोकपी ज़िले में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित कर दी है. राज्य में दोनों समुदायों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. जिले में पेट्रोल 250 रुपये लीटर, एलपीजी सिलेंडर 5,000 रुपये का और 50 किलो चावल का बोरा लगभग 3,000 रुपये में मिल रहा है.
मणिपुर के नोनी ज़िले में हथियारबंद लोगों ने कथित तौर कुकी गांव में हमला किया और कई घरों में आग लगा दी. कुकी इनपी का आरोप है कि यह हमला उग्रवादी संगठन एनएससीएन-आईएम ने किया. इस बीच, कांग्रेस सांसद और लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि यह मोदी सरकार की उस विभाजनकारी विचारधारा का नतीजा है, जो लोगों को धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र और पहचान के नाम पर बांटती है.
हिंसाग्रस्त मणिपुर में चूड़ाचांदपुर ज़िले के सोंगकोंग गांव में पुलिस और सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में एक संदिग्ध उग्रवादी को मारने का दावा किया. वहीं, भाजपा विधायक लेत्ज़ामन हाओकिप और नागरिक समाज ने मृतक को निर्दोष ग्रामीण बताया है.
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नगा समूहों द्वारा अगवा किए गए 14 कुकी लोगों को रिहा करने के एक दिन बाद सुरक्षा बलों ने कांगपोकपी ज़िले के एक गांव के पास चार हफ़्ते पहले हथियारबंद समूहों द्वारा अगवा किए गए छह नगा लोगों के शव बरामद किए. इस बीच, यूनाइटेड नगा काउंसिल ने हत्या की निंदा करते हुए उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन को हटाने की मांग की. आरोप लगाया जा रहा है कि उनके पति नगा नागरिकों की हत्या में संलिप्त थे.
जातीय हिंसाग्रस्त मणिपुर में पिछले क़रीब एक महीने से बंधक बनाकर रखे गए 14 कुकी लोगों को नगा-बहुल सेनापति ज़िले में रिहा कर दिया गया. पुलिस ने उनकी मेडिकल जांच कर उनके गांव भेज दिया. लेकिन छह लापता नगाओं की अब तक कोई जानकारी नहीं है. कुकी समूहों ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने किसी भी नगा व्यक्ति को बंधक बना रखा है.
एक आरटीआई आवेदन के जवाब में मणिपुर गृह विभाग ने बताया कि हिंसा के बाद से सबसे अधिक 248 मौतें चूड़ाचांदपुर ज़िले में दर्ज की गईं. इसके बाद बिष्णुपुर में 151, कांगपोकपी में 128, इंफाल पश्चिम में 94, काकचिंग में 60, इंफाल पूर्व में 25, जिरीबाम में 13, थौबल में 11 और तेग्नौपाल में एक मौत दर्ज की गई.
मणिपुर के कांगपोकपी ज़िले के लोइबोल गांव में सुबह करीब 4 बजे अज्ञात हमलावरों ने हमला किया, जिसमें तीन नागरिकों की मौत हो गई. घटना के दौरान कई घरों में आग भी लगा दी गई. कुकी संगठन कुकी इनपी मणिपुर ने घटना की निंदा करते हुए जांच की मांग की है.
हिंसाग्रस्त मणिपुर के प्रभावशाली संगठन कुकी इनपी ने कहा है कि मौजूदा हालात में चल रही एसआईआर प्रक्रिया स्वीकार्य नहीं है. यह निष्पक्षता, सबको साथ लेकर चलने और प्रशासनिक ज़िम्मेदारी को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करती है. साथ ही, आंतरिक रूप से विस्थापित आबादी के एक बड़े, कमज़ोर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित किए बिना महत्वपूर्ण चुनावी और प्रशासनिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाना लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व के सिद्धांतों को कमज़ोर करता है.
उखरुल ज़िले के लितान इलाके में 29 मई को सुरक्षा बलों के लिए ज़रूरी सामान ले जा रहे ट्रक पर अज्ञात हमलावरों ने घात लगाकर हमला किया, जिसमें पश्चिम बंगाल के हुगली ज़िले के रहने वाले ट्रक ड्राइवर की मौत हो गई और एक पुलिस कॉन्स्टेबल घायल हो गए. एनएच-202 पर घात लगाकर किया गया यह दूसरा हमला है. इससे पहले 18 अप्रैल को भी इसी जगह पर हमला हुआ था, जिसमें तंगखुल नगा समुदाय के दो नागरिक मारे गए