अमेरिकी मीडिया

अमेरिका: संसद परिसर में ट्रंप समर्थकों के बवाल में चार की मौत, वाशिंगटन में 15 दिन की इमरजेंसी

हज़ारों की संख्या में ट्रंप समर्थक कैपिटल बिल्डिंग पर एकत्र हुए जब कांग्रेस के सदस्य इलेक्टोरल कॉलेज वोटों की गिनती कर रहे थे और राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों को सत्यापित किया जाना था. समर्थकों को भड़काने का आरोप लगाते हुए अनेक सांसदों ने निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तत्काल पद से हटाए जाने की मांग की है.

अमेरिका: जो बाइडन को सत्ता हस्तांतरित करने की ट्रंप ने दी मंज़ूरी, कहा- लड़ाई जारी रखेंगे

अमेरिका में सत्ता हस्तांतरण के लिए ज़िम्मेदार संघीय एजेंसी की प्रमुख कहा कि वह नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन को ह्वाइट हाउस में आने के लिए ज़रूरी संसाधन मुहैया कराएंगी. अमेरिका में तीन नवंबर को हुए चुनाव में जो बाइडन को विजेता घोषित किया गया है, लेकिन निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब तक अपनी हार स्वीकार नहीं की है.

भारत के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर क्या होगा बाइडेन प्रशासन का रुख़

जो बाइडेन के नेतृत्व में नए अमेरिकी प्रशासन से भारत को व्यापार, प्रवासी और बड़े सामरिक मुद्दों पर एक सकारात्मक रुख़ की उम्मीद रहेगी.

अमेरिका: राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद पहले संबोधन में जो बाइडेन ने कहा, ज़ख्मों को भरने का समय

राष्ट्रपति चुनाव के बेहद कड़े मुकाबले में ऐतिहासिक जीत हासिल करने के बाद डेमोक्रेटिक नेता जो बाइडेन ने कहा कि मैं ऐसा राष्ट्रपति बनने का संकल्प लेता हूं, जो बांटने नहीं, बल्कि एकजुट करने की कोशिश करेगा, जो डेमोक्रेटिक रिपब्लिकन राज्यों में फर्क नहीं करेगा, बल्कि पूरे अमेरिका को एक नज़र से देखेगा.

अमेरिकी चुनाव: कांटे की टक्कर के बाद डोनाल्ड ट्रंप की हार, जो बाइडेन होंगे 46वें राष्ट्रपति

बीते मंगलवार को समाप्त हुए चुनाव के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के जो बाइडेन की जीत की घोषणा चार दिनों तक चली कांटे की टक्कर के बाद हुई है. उनकी सहयोगी सीनेटर कमला हैरिस अमेरिका के उपराष्ट्रपति का पद संभालने वाली पहली महिला, पहली अश्वेत अमेरिकी और पहली एशियाई मूल की अमेरिकी हैं.

अमेरिकी टीवी चैनलों ने बीच में रोकी राष्ट्रपति ट्रंप की लाइव कवरेज, ‘झूठ’ बोलने का हवाला दिया

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के मतों की गिनती के बीच निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक सार्वजनिक संबोधन में डेमोक्रेट्स द्वारा ‘अवैध मतों’ का इस्तेमाल करते हुए ‘उनसे यह चुनाव चोरी करने’ का दावा कर रहे थे, जब कई टीवी नेटवर्कों ने इसका लाइव कवरेज बीच में काटते हुए कहा कि ट्रंप ग़लत जानकारियां फैला रहे हैं.

सीएनएन ट्रंप के सामने खड़ा हो सकता है, तो भारतीय मीडिया सत्ता से सवाल क्यों नहीं कर सकता?

भारत के ज़्यादातर पत्रकार आज़ाद नहीं हैं बल्कि मालिक के अंगूठे के नीचे दबे हैं. वह मालिक, जो राजनेताओं के सामने दंडवत रहता है.

क्या भारत के बड़े अख़बार प्रेस की आज़ादी पर छोटे अख़बारों के हक़ में संपादकीय लिख सकते हैं?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार प्रेस पर हमला करते रहते हैं. अमेरिकी प्रेस ने इसके ख़िलाफ जम कर लोहा लिया है. अख़बार बोस्टन ग्लोब के नेतृत्व में 300 से अधिक अख़बारों ने एक ही दिन प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर संपादकीय छापे हैं.

मीडिया पर राष्ट्रपति ट्रंप के प्रहारों के ख़िलाफ़ 350 अमेरिकी मीडिया संगठनों ने संपादकीय लिखा

अमेरिका के बोस्टन ग्लोब अख़बार ने ‘एनमी ऑफ नन’ हैशटैग का इस्तेमाल करके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मीडिया विरोधी रुख़ की राष्ट्रव्यापी निंदा की अपील की थी. जिस पर हर अख़बार ने ट्रंप की मीडिया विरोधी टिप्पणियों के विरुद्ध अपना-अपना संपादकीय लिखा है.