आईसीयू

पंजाब के सबसे अधिक आबादी वाले लुधियाना ज़िले के सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर नहीं: रिपोर्ट

पिछले सप्ताह लुधियाना के सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने ख़राब गुणवत्ता के मास्क को लेकर प्रदर्शन किया था और यहां के लेवल-2 आइसोलेशन सेंटर में कोरोना मरीजों को ख़राब खाना दिए जाने के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे.

पटना: भारी बारिश के चलते नालंदा अस्पताल में भरा पानी, आईसीयू में तैर रही हैं मछलियां

नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में घुटनों तक भरा पानी. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय अमित शाह के कार्यक्रम के इंतज़ाम के लिए राज्य से बाहर. तेजस्वी बोले, कहीं जदयू इसे भी इंद्र भगवान का स्टंट घोषित न कर दे.

कानपुर के अस्पताल में एसी ख़राब, पांच मरीज़ों की मौत

कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज के तहत आने वाले हैलेट अस्पताल का एसी प्लांट पांच दिनों से ख़राब था. परिजनों ने एसी ख़राब होने से मौत होने का आरोप लगाया, अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों से इनकार किया.

गुजरात विधानसभा चुनाव: ‘नर्मदा ज़िले में आईसीयू नहीं, लेकिन बन रही दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति’

ग्राउंड रिपोर्ट: आदिवासी ज़िले नर्मदा में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के निर्माण का काम ज़ोर-शोर से चल रहा है लेकिन इस पूरे ज़िले ​के किसी भी अस्पताल में आईसीयू की व्यवस्था नहीं है.

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में अक्टूबर के 15 दिनों में 231 बच्चों की मौत

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाओं का दौर जारी है. अगस्त महीने में बच्चों की मौतों को स्वभाविक बताने वाले यूपी सरकार के मंत्री अब इस बारे में चुप्पी साध गए हैं.

थाने में जन्माष्टमी मनाते मुख्यमंत्री और गोरखपुर में दम तोड़ते ‘गोपाल’

जन्माष्टमी पर योगी आदित्यनाथ के बयान ने सोचने के लिए मजबूर कर दिया. कंस की याद आई जिसने अपनी बहन देवकी की सभी संतानों को मार डाला था.

मीडिया बोल, एपिसोड 10: गोरखपुर में बच्चों की मौत और लोक स्वास्थ्य का सवाल

मीडिया बोल की 10वीं कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश, टीवी पत्रकार अरफ़ा ख़ानम शेरवानी और द वायर हिंदी के कृष्णकांत के साथ गोरखपुर में बच्चों की मौत के मीडिया कवरेज पर चर्चा कर रहे हैं.

Gorakhpur Incephalitis PTI

गोरखपुर में बच्चों को ऑक्सीजन की कमी ने नहीं, सरकारों ने मार डाला

जिस गोरखपुर मेडिकल कॉलेज पर इंसेफलाइटिस पीड़ित बच्चों के इलाज की ज़िम्मेदारी है उसकी स्थिति देखकर कहा जा सकता है कि बच्चों की मौत से सरकारों को कोई फर्क नहीं पड़ता.