आयकर नोटिस

आयकर विभाग ने लगाया चुनाव आयुक्त अशोक लवासा के परिवार पर स्टांप ड्यूटी न भरने का आरोप

लोकसभा चुनाव के दौरान पांच मौकों पर आचार संहिता उल्लंघन के आरोपों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मौजूदा गृहमंत्री अमित शाह को चुनाव आयोग द्वारा मिली क्लीन चिट का विरोध करने वाले चुनाव आयुक्त अशोक लवासा और उनका परिवार बीते कई महीनों से केंद्रीय एजेंसियों की जांच के दायरे में हैं.

अब ईडी ने चुनाव आयुक्त अशोक लवासा के बेटे और उनकी कंपनी के ख़िलाफ़ जांच शुरू की

लोकसभा चुनाव के दौरान लवासा ने आचार संहिता उल्लंघन के आरोपों पर नरेंद्र मोदी और अमित शाह को चुनाव आयोग द्वारा दी गई क्लीनचिट का विरोध किया था.

मोदी-शाह को मिले क्लीनचिट का विरोध करने वाले चुनाव आयुक्त का रिकॉर्ड खंगालने में जुटी सरकार

मोदी सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को पत्र लिखकर पूछा है कि विद्युत मंत्रालय में अपने कार्यकाल के दौरान चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने कहीं अपने प्रभाव का अनुचित इस्तेमाल तो नहीं किया था. लोकसभा चुनाव के दौरान लवासा ने आचार संहिता उल्लंघन के आरोपों पर नरेंद्र मोदी और अमित शाह को चुनाव आयोग द्वारा दी गई क्लीनचिट का विरोध किया था.

अशोक लवासा की पत्नी के साथ उनकी बहन और बेटे को भी मिला आयकर विभाग का नोटिस

आयकर विभाग द्वारा चुनाव आयुक्त अशोक लवासा की पत्नी के अलावा उनकी चिकित्सक बहन को भी नोटिस भेजा गया है. साथ ही विभाग ने नॉरिश ऑर्गेनिक फूड्स लिमिटेड नाम की एक कंपनी के खातों की पड़ताल की, जिसके निदेशक लवासा के बेटे अबीर लवासा हैं.

चुनाव आयुक्त अशोक लवासा की पत्नी को आयकर विभाग ने नोटिस भेजा

चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने लोकसभा चुनाव के दौरान पांच मौकों पर चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के आरोपों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मौजूदा गृहमंत्री अमित शाह को चुनाव आयोग द्वारा दी गई क्लीन चिट का विरोध किया था.

आयकर विभाग ने कालाधन अधिनियम के तहत मुकेश अंबानी की पत्नी और उनके तीनों बच्चों को भेजा नोटिस

28 मार्च, 2019 को भेजे गए आयकर विभाग के नोटिस के मुताबिक मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी और उनके तीन बच्चों पर विदेश में अघोषित विदेशी और संपत्ति रखने का आरोप है.

पार्टी के चंदे को आयकर के दायरे में लाना बदले की कार्रवाई: आप

आम आदमी पार्टी ने कहा, स्वतंत्र भारत में शायद यह पहली बार है, जब किसी पार्टी के चंदे को ग़ैरक़ानूनी बताया गया है. आप के दस रुपये से अधिक समूचे चंदे को कर के दायरे में शामिल किया गया है.