इंदिरा बनर्जी

दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एपी शाह. (फोटो साभार: यूट्यूब)

सीजेआई के ख़िलाफ़ शिकायत से निपटने में आंतरिक कमेटी की प्रक्रिया सवाल खड़े करती है: पूर्व जज

दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस एपी शाह ने यह टिप्पणी अप्रैल में सीजेआई रंजन गोगोई पर सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कर्मचारी द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न और प्रताड़ना के आरोपों के संदर्भ में की है. उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया को न्यायिक स्वतंत्रता की सुरक्षा के नाम पर गोपनीयता में बदल दिया गया.

पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई यौन उत्पीड़न: शिकायतकर्ता महिला पर रिश्वत लेने का आरोप लगाने वाला शख़्स लापता

अप्रैल में सीजेआई रंजन गोगोई पर सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न और प्रताड़ना के आरोप लगाए थे. तब शिकायतकर्ता महिला पर नवीन कुमार नाम के व्यक्ति ने नौकरी के लिए रिश्वत लेने का आरोप लगाया था. दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया है कि नवीन बीते अप्रैल से ही लापता हैं.

सीजेआई रंजन गोगोई (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई गोगोई पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला के पति की नौकरी बहाल

सीजेआई के ख़िलाफ़ उत्पीड़न की शिकायत करने वाली महिला ने एक हलफनामे में आरोप लगाया था कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट कर्मचारी के रूप में बर्ख़ास्त किए जाने के बाद दिल्ली पुलिस में कार्यरत उनके पति और पति के भाई को निलंबित कर दिया गया था.

जस्टिस मदन बी. लोकुर. (फोटो साभार: फेसबुक/National Commission for Protection of Child Rights)

सीजेआई यौन उत्पीड़न: जस्टिस लोकुर ने कहा- संस्थागत भेदभाव हुआ, शिकायतकर्ता को मिले जांच रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस मदन बी लोकुर ने कहा कि शिकायतकर्ता महिला को मामले की सुनवाई करने वाली आंतरिक शिकायत समिति की रिपोर्ट निश्चित तौर पर मिलनी चाहिए ताकि शिकायतकर्ता महिला को उन सवालों का जवाब मिल सके, जो उसने उठाए हैं.

सीजेआई रंजन गोगोई (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई यौन उत्पीड़न: नौकरी से निकालने के ख़िलाफ़ शिकायतकर्ता करेंगी सीजेआई से अपील

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि सीजेआई रंजन गोगोई द्वारा किए गए आपत्तिजनक व्यवहार का विरोध करने के कारण उन्हें कोर्ट से बर्ख़ास्त कर दिया गया था.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई यौन उत्पीड़न मामला: शिकायतकर्ता ने कहा- ‘हम सब खो चुके हैं, अब कुछ नहीं बचा’

एक्सक्लूसिव: यौन उत्पीड़न के आरोपों पर सीजेआई रंजन गोगोई को सुप्रीम कोर्ट की आंतरिक समिति द्वारा क्लीनचिट मिलने के बाद शिकायतकर्ता महिला से विशेष बातचीत.

सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्युलु. (फोटो: धीरज मिश्रा/द वायर)

सीजेआई गोगोई को क्लीनचिट देने वाली रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए: पूर्व सूचना आयुक्त

पूर्व सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्युलु कहा, ‘जनहित का मामला लोगों को जानने का अधिकार देता है. इसलिए यौन उत्पीड़न के मामले में जो जानकारी सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए, उसे छिपाते हुए आंतरिक समिति द्वारा दिए गए फैसले की रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए.’

पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला ने मांगी जांच रिपोर्ट की कॉपी

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व महिला कर्मचारी ने जस्टिस एसए बोबडे की जांच समिति को पत्र लिखकर कहा कि मुझे रिपोर्ट पाने का अधिकार है. जिस तरह से सीजेआई को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में रिपोर्ट की एक कॉपी दी गई उसी तरह से मुझे भी एक कॉपी पाने का अधिकार है.

सीजेआई रंजन गोगोई (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई गोगोई को क्लीनचिट: 350 महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने फैसले को ख़ारिज किया

कार्यकर्ताओं ने कहा, ‘आज एक अंधकारमय और दुखद दिन है. सुप्रीम कोर्ट ने हमें बताया है कि जब बात अपने पर आती है तो, ताकत का असंतुलन मायने नहीं रखता, तय प्रक्रिया मायने नहीं रखता और न्याय के बुनियादी मानदंड मायने नहीं रखते हैं.’

SC Protest

सीजेआई को क्लीनचिट मिलने के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन, कई कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि कुल 52 महिलाओं और तीन पुरुषों को सुबह 10.45 बजे से हिरासत में लिया गया है और पुलिस ने बताया है कि उन्हें ‘ऊपर से आदेश’ आने के बाद रिहा किया जाएगा.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई को क्लीनचिट मिलने पर महिला शिकायतकर्ता ने कहा- सबसे बुरा डर सच साबित हुआ

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व महिला कर्मचारी द्वारा सीजेआई रंजन गोगोई पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोप मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय आंतरिक समिति ने सीजेआई को क्लीनचिट दे दी थी.

पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

यौन उत्पीड़न मामले में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को क्लीनचिट

सुप्रीम कोर्ट के महासचिव द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया, ‘आंतरिक समिति ने पाया कि 19 अप्रैल 2019 को सुप्रीम कोर्ट की एक पूर्व कर्मचारी द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों में कोई दम नहीं है.’

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़. (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई यौन उत्पीड़न: जस्टिस बोबडे से मिलकर जस्टिस चंद्रचूड़ ने की फुल कोर्ट सुनवाई की मांग

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने जांच समिति का दायरा बढ़ाने के लिए एक बाहरी सदस्य को भी शामिल करने की मांग की है. इसके लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की तीन रिटायर्ड महिला जजों के नाम का सुझाव भी दिया है.

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़. (फोटो साभार: यूट्यूब ग्रैब/Increasing Diversity by Increasing Access)

जस्टिस चंद्रचूड़, नरीमन द्वारा सीजेआई मामले की जांच समिति से मुलाकात का दावा, सुप्रीम कोर्ट ने नकारा

सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस नरीमन द्वारा जस्टिस एसए बोबडे से शिकायतकर्ता की गैरमौजूदगी में जांच नहीं करने के संबंध में मुलाकात करने की ख़बर का खंडन करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया. हालांकि, अदालत ने जांच समिति को पत्र लिखने की बात को खारिज नहीं किया.

पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई. (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई यौन उत्पीड़न मामला: 300 से अधिक महिलाओं ने शिकायतकर्ता के जांच छोड़ने का समर्थन किया

महिला वकीलों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि हम फिर दोहराते हैं कि तीन जजों की समिति का गठन पूरी तरह से ग़लत है क्योंकि सीजेआई शिकायत की सुनवाई करने वाले तीनों जजों से वरिष्ठ और संस्थान के प्रमुख हैं.